पटना : मुकदमे के खिलाफ महा धरना, सीबीआई जांच की मांग



--शैलेश तिवारी,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

बिहार के पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह व उनके पुत्र पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह के खिलाफ मुंगेर एसपी द्वारा एक मामले में वारंट इसु किए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस मामले के विरोध में आज राजधानी पटना में महा धरना का आयोजन किया गया।

पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह व पूर्व जदयू विधायक सुमित कुमार सिंह को मुकदमे में मुंगेर एसपी लिपि सिंह के द्वारा फंसाए जाने के विरोध में आज राजधानी पटना के गर्दनीबाग में विशाल धरना का आयोजन अखिल भारतीय अपराध विरोधी मोर्चा के बैनर तले किया गया जिसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर आरोप गठित करने तथा मान सम्मान को आहत करने वाले पदाधिकारियों को कठोर से कठोर दंड देने की मांग की।

आयोजित धरने की अध्यक्षता जहानाबाद के पूर्व सांसद अरुण कुमार ने किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद रेनू कुशवाहा, पूर्व विधायक अच्युतानंद सिंह, श्री राजपूत करणी सेना के बिहार प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष वी• के• सिंह, अखिल भारतीय अपराध विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनवंत सिंह राठौर, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बिहार प्रदेश के अध्यक्ष डॉ• विनय कुमार सिंह, नितिश सिंह, कुमार अभिषेक, अभिषेक कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, पी• के• सिंह, बिहार प्रदेश कुवर वाहिनी के राजीव कुमार सिंह समेत हजारों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए अरुण कुमार ने कहा कि सत्ता की साजिश और बौराई हुकूमत के खिलाफ यह महा धरना आयोजित है। नरेंद्र सिंह जैसे लोग राजनीति में आदर्शवाद है। आज तक उनके खिलाफ एक भी आरोप नहीं लगा है जिस तरह मुंगेर एसपी ने मामले में तत्परता दिखाई है पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है सत्ता और विपक्ष अलग हो सकते हैं पर राजनीति में शुचिता का होना काफी आवश्यक होता है।

इस अवसर पर रेनू कुशवाहा ने कहा कि नरेंद्र सिंह के बहाने बिहार में राजनीतिज्ञों का दमन प्रारंभ किया गया है जिसके खिलाफ पूरे बिहार में आंदोलन छेड़ा जाएगा।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा बिहार के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह बिहारी भैया ने कहा कि नरेंद्र सिंह और सुमित कुमार सिंह के बहाने नीतीश सरकार क्षत्रिय समाज को अपमानित करने की कोशिश कर रही है। इस मामले को लेकर गांव-गांव में जन आंदोलन चलाया जा रहा है। अगर पूरे मामले का पटाक्षेप जल्द नही किया गया तो बिहार विधानसभा चुनाव के पहले राजपूत संगठन एकजुट होकर अहंकारी सत्ता को उखाड़ फेंकने का संकल्प लेंगे।

सभा को संबोधित करते हुए बी• के• सिंह ने कहा कि नरेंद्र सिंह जैसे लोग आपात काल का आतंक और यातना से नहीं हारे तो वर्तमान षड्यंत्रकारी सत्ता से डरने वाले नहीं।

कार्यक्रम के संयोजक धनंजय कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह की गलत परंपरा को शुरू कर सत्ततासिन लोग राजनीतिक शुचिता को समाप्त कर रहे हैं। नरेंद्र सिंह और सुमित सिंह खुद इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री को अविलंब इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

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