बिहार : पूर्व केन्द्रीय मंत्री अब थामेंगे ओबैसी की पार्टी का दामन



--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

बिहार विधानसभा चुनाव का समय जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है सूबे की सियासत में हलचल बढ़ने लगी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने अब बैकवर्ड कास्ट, दलित जाति, गरीब सवर्ण और मुसलमानों को एक करने की रणनीति पर चलने का ऐलान करते हुए बड़ा ऐलान किया है।

नागमणि ने कहा कि वो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी में शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया है कि उनकी देवेंद्र यादव और पूर्णमासी राम जैसे नेताओं से बात हो चुकी है और ये दोनों भी असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिम में जल्द शामिल हो जाएंगे।

नागमणि ने ओवैसी को देश के मुसलमानों का सबसे बड़ा नेता बताते हुए कहा कि हमारी पार्टी की लड़ाई सीधे बीजेपी से होगी। उन्होंने कुशवाहा जाति से सीएम बनाने की बात रखते हुए कहा कि कुशवाहा समाज को मुख्यमंत्री पद की भूख लगी है, इस समाज का मुख्यमंत्री क्यों नहीं होगा ?

नागमणि ने एक विवादित बयान देते हुए कहा कि बिहार में लालू और नीतीश कुमार को जनता 15-15 साल देख चुकी है, अब ये लोग 'हेमा मालिनी' नहीं हैं कि बिहार की जनता इन्हें देखती रहेगी।

नागमणि के एआईएमआईएम में शामिल होने की बात पर आरएलएसपी के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने कहा कि ऐसी कोई पार्टी नहीं बची है जहां नागमणि नहीं गए हों और उन्हें वहां से नहीं निकाला गया हो। वो दंतहीन विषहीन नाग हैं, उनको ओवैसी की पार्टी से भी दो-चार महीने में निकाल दिया जाएगा।

बता दें कि इससे पहले ये बात सुर्खियों में रही थी कि ओवैसी बिहार में दलित और मुस्लिम गठजोड़ बनाना चाहते हैं। इसी क्रम में बीते दिसंबर में वो पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी के साथ रैली करने वाले थे। हालांकि बाद में मांझी उस रैली में नहीं गए थे।

बहरहाल अब नागमणि, देवेंद्र यादव और पूर्णमासी राम जैसे नेताओं के बहाने ओवैसी ये दिखाना चाहते हैं कि उनकी पार्टी एआईएमआईएम सर्वसमाज की पार्टी है और ये बिहार में अपनी खास रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।

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