नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बीएसएनएल और एमटीएनएल के विलय के फैसले की आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र की इन दोनों दूरसंचार कंपनियों को क्रोनी कैपिटलिस्ट को सस्ते दाम पर बेचने की तैयारी है। क्रोनी कैपिटलिस्ट का अर्थ सांठगांठ वाले पूंजीपतियों से है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि पहला कदम- विलय। दूसरा कदम- कुप्रबंधन। तीसरा कदम- भारी घाटा दिखाना। चौथा कदम- सांठगांठ वाले पूंजीपतियों को सस्ते दाम पर बेच देना।
केंद्र सरकार ने घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए पुनरुद्धार पैकेज को बुधवार को मंजूरी दी। इसमें एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय, कर्मचारियों के लिये स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना और 4जी स्पेक्ट्रम आवंटन शामिल है।
https://www.indiainside.org/post.php?id=6385