सीबीडीटी की डीआईएन प्रणाली : पहले दिन डीआईएन प्रणाली के अंतर्गत 17,500 पत्राचार



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की दस्तावेज पहचान संख्या (डीआईएन) प्रणाली की मंगलवार 01 अक्टूबर को शुरुआत हुई। पहले दिन डीआईएन प्रणाली के अंतर्गत 17,500 पत्राचार हुए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के निर्देश पर डीआईएन प्रणाली विकसित की गई है। अब सीबीडीटी के प्रत्येक पत्राचार में डीआईएन का उल्लेख आवश्यक होगा।

राजस्व सचिव डॉ• अजय भूषण पांडेय ने कहा, “आज के बाद आयकर विभाग की किसी भी सूचना, पत्र, आदेश, समन और अन्य पत्राचार में यदि डीआईएन का उल्लेख नहीं होता है तो इसे अमान्य समझा जाएगा। डीआईएन प्रणाली से कर प्रशासन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को बढ़ावा मिलेगा। ई-फाइलिंग पोर्टल पर डीआईएन की जांच की जा सकती है। विशेष परिस्थितियों में डीआईएन के बिना भी पत्राचार किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में विशेष कारण का उल्लेख करना होगा तथा आयकर के मुख्य आयुक्त / महानिदेशक से पूर्व लिखित स्वीकृति लेनी होगी (अधिसूचना संख्या 14.08.2019)।”

सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पत्राचार विशेष परिस्थितियों में किया जाता है तो इसे पोर्टल पर जारी करने के 15 दिनों के अंदर अपलोड करना होगा।

14 अगस्त, 2019 अधिसूचना के पूर्व जारी किए गए सभी नोटिसों की पहचान की जाएगी और इन्हें इस महीने के अंत तक आईटीबीए पर अपलोड किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्व विभाग को निर्देश देते हुए कहा था कि ऐसे उपाय किए जाने चाहिए जिससे ईमानदार कर प्रदाता परेशान न हो। कर प्रदाताओं को बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए राजस्व विभाग ने उक्त कदम उठाया है।

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