राजनाथ सिंह ने पर्यटन पर्व समापन समारोह का उद्घाटन किया



☆ देशभर में पर्यटन पर्व का उन्‍नीसवां दिन 

23 अक्टूबर। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्‍ली में राजपथ लॉन में पर्यटन पर्व के समापन समारोह का उद्घाटन किया। केंद्रीय पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) के• जे• अल्‍फोन्‍स ने उद्धघाटन समारोह की अध्‍यक्षता की। पर्यटन मंत्रालय केन्‍द्र सरकार के कई मंत्रालयों, राज्‍य सरकारों और कई साझेदारों के साथ मिलकर देशभर में 5 अक्‍तूबर से 25 अक्‍तूबर के बीच पर्यटन पर्व का आयोजन कर रहा है।

इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने पर्यटन मंत्रालय को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भव्‍य समारोह के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि भारत विविधता में एकता वाला देश है। अगर हम भारत को सुपर पावर बनाना चाहते हैं तो पर्यटन महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। हमें अपने सकल घरेलू उत्‍पाद में पर्यटन की हिस्‍सेदारी बढ़ानी होगी। भारत दुनिया के सांस्‍कृतिक रूप के एक बड़े हिस्‍से को नियंत्रित करता है। भारत में प्राचीन काल से अतिथि देवो भव: की परम्‍परा रही है। हमें अपनी प्राचीन परम्‍परागत मूल्‍यों के बारे में जागरूकता बढ़ानी चाहिए। उन्‍होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने पर्यटन को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। 72 घंटे के अंदर ई-वीजा प्रदान किया जा रहा है। 29 लाख से अधिक पर्यटकों ने अब तक इस सुविधा का लाभ उठाया है। पर्यटन को बढ़ावा देने में निजी क्षेत्र को भी शामिल किया जाना चाहिए।

के• जे• अल्‍फोन्‍स ने अपने संबोधन में कहा कि सबके लिए पर्यटन के सिद्धांत के तहत पर्यटन पर्व का आयोजन पर्यटन से होने वाले लाभों और देश की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के लिए किया गया है। 21 दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन मंत्रालय ने केन्‍द्र सरकार के मंत्रालयों राज्‍य सरकारों और अन्‍य साझेदारों के साथ मिलकर किया है। उन्‍होंने कहा भारत एक अद्भुत देश है, यहां के व्‍यंजन, संगीत और नृत्य कलाएं अनूठी और आश्‍चर्यजनक हैं। हमारे प्राचीन विरासत स्‍थल अनोखे हैं और इन स्‍थलों पर संगीतमय कार्यक्रमों की शुरूआत की गई है।

21 दिनों वाले पर्यटन पर्व के समापन समारोह के तहत नई दिल्‍ली के राजपथ उद्यान (रफी मार्ग और जनपथ के मध्‍य) में 23 से 25 अक्‍टूबर तक चलने वाले एक त्रि-दिवसीय कार्यक्रम का अयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला है। इसके अंतर्गत सांस्‍कृतिक कार्यक्रम, हस्‍तशिल्‍प बाजार, विभिन्‍न प्रकार की खान-पान सेवा आदि उपलब्‍ध हैं।

समापन समारोह के पहले दिन देश के विभिन्‍न राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों से आए सांस्‍कृतिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। गुजरात ने सिद्धि धमाल नाम का लोकनृत्‍य, हरियाणा ने बम्‍ब लहरी, बिहार ने फाग, मध्‍य प्रदेश ने मटकी नृत्‍य, झारखंड ने छऊ नृत्‍य और केरल ने ओप्‍पना व मरगम की जुगलबंदी की प्रस्‍तुतियां दीं।

खान-पान सेवा के तहत विभिन्‍न राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 50 से ज्‍यादा फूड स्‍टॉल लगाए गए हैं। नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्‍ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (नासवी) ने विभिन्‍न क्षेत्रीय स्‍ट्रीट फूड के स्‍टॉल लगाए हैं। इसके अलावा, इंस्‍टीट्यूट ऑफ होटल मैंनेजमेंट और आईटीडीसी ने भी फूड स्‍टॉल लगाए हैं। हस्‍तशिल्‍प मेला में राज्‍य सरकारों और वस्‍त्र मंत्रालय ने हस्‍तशिल्‍प और हथकरघा आयोग के माध्‍यम से 50 से ज्‍यादा स्‍टॉल लगाए हैं जिसमें देश के विभिन्‍न क्षेत्रों के हस्‍तशिल्‍प व हथकरघा उत्‍पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इसके अतिरिक्‍त थीम आधारित 15 राज्‍य पवेलियन भी हैं जिसमें राज्‍यों के पर्यटन उत्‍पादों और स्‍थलों को दिखाया जा रहा है। विभिन्‍न राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों से आए सांस्‍कृतिक कलाकारों की प्रस्‍तुतियां 1:00 बजे दोपहर से 4:30 बजे शाम तक तीनों दिन आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा, अन्‍य सांस्‍कृतिक कार्यक्रम भी तीनों दिन सायं 6:00 बजे आयोजित होंगे। 23 अक्‍टूबर को बेगम जाकिया जहीद, सैयदा हमीद और रिनी सिंह ‘पुरानी दिल्‍ली की दास्‍तान’ की प्रस्‍तुति सहित 24 अक्‍टूबर को प्रशांत और निशांत मल्‍लिक (मल्‍लिक बंधु) ध्रुपद गायन की प्रस्‍तुति व 25 अक्‍टूबर को सविता देवी ‘बनारस घराना की पूरब अंग गायकी’ की प्रस्‍तुति देंगी। नॉर्थ जोन कल्‍चर सेंटर के द्वारा तीनों दिन प्रस्‍तुतियां दी जाएंगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस अवसर पर 24 अक्टूबर को सायं 5:15 बजे उपस्थित रहेंगे। समारोह का समापन कार्यक्रम 25 अक्टूबर को सायं 5:45 बजे तक होगा। केंद्रीय वित्त एवं कम्पनी मामले मंत्री अरूण जेटली समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।

पर्यटन पर्व को अन्य केंद्रीय मंत्रालयों एवं राज्य सरकारों से बहुत उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है जो विभिन्न गतिविधियों एवं समारोहों का आयोजन करने के लिए सामने आए हैं। इस समारोह के प्रति देश के सभी क्षेत्रों के लोगों की उत्साहजनक भागीदारी रही है।

पर्यटन पर्व के भव्य समापन के हिस्से के रूप में पर्यटन पर्व के 19वें दिन पूरे भारत में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया :

19वें दिन की विशेषता औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के तहत इंवेस्ट इंडिया द्वारा आयोजित पर्यटन क्षेत्र पर एक सीईओ गोलमेज सम्मेलन रही। गोलमेज सम्मेलन बहुत सार्थक रहा और सार्वजनिक निजी साझेदारी के जरिए भारत के पर्यटन अवसंरचना के विकास, भारत को विश्व का पसंदीदा एमआईसीई गंतव्य बनाने में मदद करने, भारत की उत्कृष्ट पर्यटन क्षमता का दोहन से लेकर गेम चेंजर्स- स्टार्ट-अप्स एवं ऑनलाइन ट्रेवल एग्रेगेटर्स जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार में चर्चा की गयी। विभिन्न राज्य सरकारों, संगठनों, हितधारकों एवं निजी उद्यमियों की भागीदारी ने यह सुनिश्चित किया कि इस समारोह के वांछित परिणाम निकल सकें।

दिल्ली में एनसीईआरटी द्वारा आयोजित “टिकाऊ पर्यटन’’ पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी जैसी विभिन्न गतिविधियाँ देखने में आई। आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार ने अमरावती में एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। डोनर मंत्रालय मणिपुर की राज्य सरकार के सहयोग से संस्कृति संध्या तथा मणिपुर में “पर्यटन एवं इसकी चुनौतियां” जैसे कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। तवांग में अरूणाचल प्रदेश की राज्य सरकार के सहयोग से एक सुग्राही कार्यक्रम तथा तवांग मठ के ईर्द-गिर्द गाइडेड वॉक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पर्यटन अवसंरचना तथा मनोरंजन की सुविधाओं के साथ मेसवो नदी तट के विकास के लिए शामलाजी क्लस्टर में पर्यटन परियोजनाएं आरंभ की हैं।

चंडीगढ़ स्थित डा• अंबेडकर खान-पान प्रबंध संस्थान द्वारा पर्यटकों, सड़क खाद्य विक्रेताओं के लिए स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, रॉक गार्डन, कला संग्रहालय और हॉप ऑन, हॉप ऑफ बस यात्रा सहित प्रतिष्ठित स्थानों के लिए भ्रमण यात्राएं।

उत्तराखंड सरकार द्वारा शिवपुरी में राफ्टिंग अभियान का प्रबंध किया गया था।

उत्तर प्रदेश सरकार ने चित्रकूट में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। पर्यटन और पश्चिम एशिया एवं पर्यटन के कानूनी और नियामक पहलुओं पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। वहीं दूसरी ओर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ‘भारतीय पर्यटन में बदलते प्रतिमानः विकास एवं स्थिरता के लिए चुनौतियां’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

भारत पर्यटन के सहयोग से मध्य प्रदेश सरकार ने खजुराहो में गाइडों, पुलिस और टैक्सी चालकों के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में पर्यटन स्थलों, हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों पर प्रश्नोत्तरियों का आयोजन किया।  

भारत पर्यटन कोलकता ने राज्य सरकार के सहयोग से सांस्कृतिक एवं खाद्य महोत्सव का आयोजन किया। वहीं दूसरी ओर सुंदरबन में नाविकों, ऑटो चालकों आदि के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।

भारत पर्यटन गुवाहाटी ने राज्य सरकार, एनईटीडीसी एवं एफआईएनईआर के साथ मिलकर गुवाहाटी के बृंदाबन में भारतीय भोजन, संस्कृति, हथकरघा आदि का प्रदर्शन करने के लिए एक मेले का आयोजन किया।

केरल सरकार ने कोच्चि में कलरिपयट्टु और नृत्य सहित साइकल रैली, संगोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।

पुदुचेरी सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए पर्यटन एवं विरासत संरक्षण विषय पर शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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