प्रधानमंत्री ने सहायक सचिवों की समापन सत्र की अध्‍यक्षता की



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

• 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के समक्ष प्रेजेंटेशन दिए

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्‍ली में सहायक सचिवों (2017 आईएएस) के समापन सत्र की अध्‍यक्षता की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री डॉ• जितेन्‍द्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ• पी• के• मिश्र, कैबिनेट सचिव राजीव गाबा, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव डॉ• सी• चंद्रमौली तथा अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री के समक्ष प्रेजेंटेशन दिए गए। ये प्रेजेंटेशन अकांक्षी जिलों को बदलने से लेकर पारदर्शिता और त्‍वरित सेवा डिलिवरी से संबंधित विभिन्‍न शासन समाधानों से जुड़े थे।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को नए विचारों, नई अवधारणाओं और परिपेक्ष्‍यों के प्रति उत्‍तरदायी होने के लिए प्रोत्‍साहित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विभिन्‍न स्रोतों से फीडबैक लेना चाहिए, उनका विश्‍लेषण करना चाहिए और उन्‍हें शामिल करना चाहिए। उन्‍होंने अधिकारियों से कहा कि वे निरंतर सीखने और जानकारी प्राप्‍त करने की कोशिश करें।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों के लिए सेवा निष्‍ठा महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि यह निष्‍ठा तटस्‍थता लाएगी।

उन्‍होंने लोक भागीदारी के महत्‍व पर बल देते हुए युवा अधिकारियों से सरकारी योजनाओं को कारगर तरीके से लागू करने के लिए सामूहिक प्रयास को प्रोत्‍साहित करने का आग्रह किया। उन्‍होंने अधिकारियों को सहायक सचिव के कार्यकाल के दौरान प्राप्‍त अनुभवों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों के प्रेजेंटेशन के लिए उनकी सराहना की और उनके भविष्‍य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि देश के लिए आपकी सफलता महत्‍वपूर्ण है। आपकी सफलता अनेक लोगों की जिंदगी बदल सकती है।

कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने कहा कि अपने सेवा काल में राज्‍यों तथा केन्‍द्र में महत्‍वपूर्ण जिम्‍मेदारियां निभानी है और यह लगाव उन्‍हें केन्‍द्र सरकार के अग्रणी कार्यक्रम को समझने में मदद देगा। उन्‍होंने बताया कि आईएएस अधिकारियों की इस बैठक की प्रथा 2015 में शुरू हुई और केन्‍द्रीय मंत्रालयों तथा विभागों से जुड़े अधिकारियों का यह पांचवां बैच है। उन्‍होंने बताया कि 2017 बैच के 169 आईएएस अधिकारियों को इस वर्ष यह अनुभव प्राप्‍त हुआ। उन्‍होंने अधिकारियों को शुभकामनाएं दी।

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