कोच्चि,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भारतीय तटरक्षक कानून एवं संचालन पाठ्यक्रम के 68वें बैच के 47 सहायक कमांडेंटों ने मंगलवार को कोच्चि स्थित भारतीय तटरक्षक प्रशिक्षण केंद्र (आईसीजीटीसी) के मुख्य द्वार से पासिंग आउट परेड (पीओपी) निकाली। यह पीओपी भारतीय तटरक्षक के जिला मुख्यालय संख्या 4, कोच्चि में निकाली गई। पासिंग आउट परेड (पीओपी) दरअसल प्रशिक्षु अधिकारियों के तकनीकी पाठ्यक्रमों के सफल समापन पर निकाली जाती है। 10.2 हफ्तों के तटरक्षक कानून एवं संचालन पाठ्यक्रम के दौरान अधिकारियों को तटरक्षक से जुड़े विशेष विषयों जैसे कि समुद्री कानून, तलाशी एवं बचाव, मत्स्य पालन की निगरानी व नियंत्रण, समुद्री प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण और तटरक्षक के कर्तव्य चार्टर से संबंधित अन्य विषयों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
भारतीय तटरक्षक प्रशिक्षण केंद्र (कोच्चि) में दिए गए प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों की प्रोफेशनल क्षमता, व्यावहारिक व्यापक आधार ज्ञान एवं विचार मंथन से जुड़े आवश्यक कौशल को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, जो भारतीय तटरक्षक बल के अत्याधुनिक प्लेटफॉर्मों पर तैनाती के लिए अत्यंत जरूरी हैं। इसके अलावा, युवा अधिकारियों में सटीक निर्णय लेने की दक्षता विकसित करने और समुद्र में उत्पन्न होने वाली अत्यंत आवश्यक एवं परिवर्तनशील स्थितियों से निपटने में उन्हें सक्षम बनाने का भी प्रशिक्षण दिया गया।
पासिंग आउट परेड (पीओपी) का अवलोकन तटरक्षक क्षेत्र (पूर्व) के कमांडर इंस्पेक्टर जनरल परमेश शिवमणि ने किया। इस औपचारिक परेड के दौरान फ्लैग ऑफिसर द्वारा प्रतिभाशाली प्रशिक्षु अधिकारियों को ‘सोर्ड ऑफ ऑनर’ और ‘बुक प्राइज’ प्रदान किये गए। सहायक कमांडेंट हरजोत सिंह 68वें तटरक्षक कानून एवं संचालन पाठ्यक्रम में अव्वल रहा। 67वें बैच के लिए प्रतिष्ठित ‘डायरेक्टर जनरल सोर्ड ऑफ ऑनर’ सहायक कमांडेंट मुथामिझनाथन को तटरक्षक संचालन एवं विधि पाठ्यक्रमों में समग्र रूप से मेरिट लिस्ट में अव्वल आने के लिए प्रदान किया गया।
इस अवसर पर इंस्पेक्टर जनरल परमेश शिवमणि ने संबंधित मिशन के लिए सदैव तैयार रहने और समुद्र में किसी भी हालात से निपटने में सक्षम होने के लिए प्रशिक्षण, प्रतिबद्धता और अनुशासन की अहमियत पर विशेष जोर दिया। फ्लैग ऑफिसर ने उन चुनौतियों और व्यापक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला जिनका निर्वहन इन अधिकारियों को दुनिया के चौथे सबसे बड़े तटरक्षक बल के परिचालन प्लेटफॉर्मों पर तैनाती के दौरान करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं के हित से पहले राष्ट्र एवं सेवा को अहमियत देते हुए सही दृष्टिकोण, प्रोफेशनल रुख और नैतिक सत्यनिष्ठा के साथ सही प्राथमिकताएं तय करने की क्षमता इन अधिकारियों के उल्लेखनीय व्यक्तित्व का आधार साबित होगी और इसके साथ ही इससे उन्हें चुनौतीपूर्ण स्थितियों एवं माहौल में कठोर निर्णय लेने में काफी मदद मिलेगी। श्री शिवमणि ने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने और भारतीय तटरक्षक बल का अभिन्न अंग बनने के लिए प्रशिक्षु अधिकारियों और उनके गौरवान्वित अभिभावकों को बधाई दी।
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