नारायण मूर्ति ने डॉ• एन सेशागिरी स्‍मार‍क व्‍याख्‍यान दिया



नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक प्रमुख संगठन है, जो सरकार के लिए ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी संबंधी अवसंरचना, प्लेटफार्म, उत्पाद और सेवा के संदर्भ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

एनआईसी की स्थापना के पीछे एनआईसी के संस्थापक महानिदेशक और भारत सरकार के पूर्व विशेष सचिव डॉ• नरसिमैया सेशागिरी की दृष्टि थी, जिनके सशक्‍त और दूरदर्शी नेतृत्व में 1976 से 2000 के बीच 25 वर्ष की अवधि के दौरान, एनआईसी ने एक व्यापक आईटी अवसंरचना की स्थापना की और मंत्रालयों, विभागों, जिला स्‍तर तक राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों सहित, सरकारी प्रतिष्ठानों में सेवा वितरण प्रणाली स्‍थापित की।

डॉ• नरसिमैया सेशागिरी को श्रद्धांजलि देने के लिए, एनआईसी ने 5 अगस्त, 2019 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘डॉ• एन सेशागिरी स्‍मारक व्‍याख्‍यान-2019’ आयोजित किया। मानव संसाधन विकास, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्‍य मंत्री संजय धोत्रे, इलेक्‍ट्रोनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय स्वाहनी और बड़ी संख्‍या में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सरकारी और निजी संगठनों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की गरिमामय उपस्थिति में इन्फोसिस लिमिटेड के संस्थापक नारायण मूर्ति ने मुख्य भाषण दिया।

समारोह के दौरान डॉ• सेशागिरी के परिवार को सम्मानित किया गया। डॉ• सेशागिरी के जीवन और काम पर एक फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

यह आयोजन एनआईसी की महानिदेशक डॉ• नीता वर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ संपन्न हुआ।

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