श्रीहरिकोटा,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
इसरो के महत्वकांक्षी मून मिशन चंद्रयान- 2 ने दोपहर 2 बजकर 43 मिला पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। बारिश और घने बादलों के बीच चंद्रयान-2 की उड़ान को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। जानकारी के अनुसार, अभी तक ‘बाहुबली’ नाम से चर्चित जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट सामान्य तरीके से काम कर रहा है।
भारत को इस सफलता के लिए देश विदेश से शुभकामनाएं मिलनी शुरू हो गई हैं। अमेरिका, चीन और रूस के बाद चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला भारत चौथा देश होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि चंद्रयान-2 जैसे प्रयास हमारे युवाओं को विज्ञान, उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान और नवाचार की ओर प्रोत्साहित करेंगे। चंद्रयान के लिए धन्यवाद, भारत के चंद्र कार्यक्रम को पर्याप्त बढ़ावा मिलेगा। राज्यसभा तथा लोकसभा में इसरो की टीम और वैज्ञानिकों को बधाई दी गई। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इसरो की पूरी टीम को बधाई दी।
इसरो प्रमुख के• सिवन ने बताया कि चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग से हमने अपने तिरंगे को सम्मान दिया है। जीएसलवी मार्क-3 के जरिए चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग हुई। सैटलाइट से चन्द्रयान-2 के अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचने का संकेत मिल गया। 7 सिंतबर को विक्रम लैंडर चांद की सतह पर उतरेगा। इसके बाद रोवर प्रज्ञान चांद की सतह की जानकारी देगा। यह चांद की तरफ भारत की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 चांद के साउथ पोल पर उतरेगा। हमने चंद्रयान-2 की तकनीकी दिक्कत दूर कर इस मिशन को अंतरिक्ष में भेजा। हमने तकनीकी दिक्कत की जांच कर तुरंत इसे दूर किया था। टीम इसरो के इंजिनियर, टेक्निकल स्टाफ की कठोर मेहनत से ही हम यहां पहुंचे हैं। अभी टास्क खत्म नहीं हुआ है। हमें अपने अगले मिशन पर लगना है। हम हर बार की तरह अपने मैनेजमेंट की तरफ से दिए गए काम को पूरा करेंगे।
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