नई दिल्ली, 04 जुलाई 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● मंत्रिमंडल ने नौवहन के लिए भारत और मालदीव के बीच समझौते को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और मालदीव के बीच समुद्री मार्ग से यात्री सेवा और माल ढुलाई सेवा को बढ़ावा देने के किए दिए गए समझौते को पूर्व-प्रभाव से अपनी मंजूरी दे दी है, जिस पर भारत के प्रधानमंत्री के मालदीव के दौरे के अवसर पर 8 जून, 2019 को हस्ताक्षर किए गए थे।
मालदीव के विकास में भारत एक अग्रणी साझेदार है और इसने मालदीव में अनेक महत्वपूर्ण संस्थान स्थापित किए हैं। फिलहाल भारत ने व्यापार के लिए मालदीव को दीर्घकालिक और रिवोल्विंग क्रेडिट सहित 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर की स्टेंड-बाय ऋण सुविधा (एससीएफ) प्रदान की है।
माले, मालदीव की राजधानी और सबसे अधिक जनसंख्या वाला महानगर है और कुलहुधुफुसी सबसे अधिक जनसंख्या वाला तीसरा महानगर है, जिससे दोनों देशों के पर्यटकों के साथ-साथ माल ढुलाई के लिए कोच्चि से फेरी सेवाओं की शुरुआत के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। माले कोच्चि से 708 किलोमीटर की दूरी पर और कुलहुधुफुसी 509 किलोमीटर दूर है। कुलहुधुफुसी और इसके आस-पास के द्वीप मालदीव के उत्तरी भाग में जनसंख्या के प्रमुख केंद्र हैं। यहां काफी संख्या में रिज़ॉर्ट्स बने हैं, जो भारतीय लोगों के लिए संभावित पर्यटन स्थल हो सकते हैं। वर्तमान संपर्क सुविधाओं में माले के लिए उड़ानों और रिज़ॉर्ट्स के लिए सी प्लेनों की सेवाएं शामिल हैं, जो महंगे विकल्प हैं। दूसरी ओर, समुद्री मार्ग से कोच्चि के साथ संपर्क सुविधा कायम होने से दोनों देशों के बीच, विशेषकर भारत के लिए स्वास्थ्य और वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। मालदीव के बहुत से लोग शैक्षिक उद्देश्यों के लिए भी केरल और दक्षिण भारत के अन्य महानगरों की यात्रा करते हैं।
दोनों देशों के बीच, समुद्री मार्ग से यात्री एवं माल ढुलाई के क्षेत्र में संभावित अवसर से लाभ प्राप्त करने की दृष्टि से, मालदीव के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रस्तावित फेरी सेवा से जन-जन के बीच संपर्क बढ़ने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने में योगदान मिलेगा।
● मंत्रिमंडल ने भारत और मालदीव के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में समझौते को मंजूरी दी
केंद्रीय मत्रिमंडल ने भारत और मालदीव के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में समझौते को मंजूरी दे दी है। इस समझौता ज्ञापन पर दोनों देशों ने 8 जून, 2019 को हस्ताक्षर किए थे।
इस समझौता ज्ञापन के तहत निम्नलिखित क्षेत्र आयेंगे:-
1) चिकित्सकों, अधिकारियों, स्वास्थ्य क्षेत्र के अन्य पेशेवरों और विशेषज्ञों का आदान-प्रदान और प्रशिक्षण।
2) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान का विकास।
3) दवाइयों और चिकित्सा उत्पादों के नियमन के साथ-साथ इससे जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान।
4) संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियां।
5) ई-हेल्थ और टेलीमेडिसन।
6) पारस्परिक सहमति के अन्य मुद्दों पर सहयोग।
समझौते को लेकर के एक कार्य समूह का गठन किया जाएगा, जो समझौता ज्ञापन के कार्यान्वयन की निगरानी करेगा।
● मंत्रिमंडल ने भारत और मोरक्को के बीच सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने दोनों देशों की न्यायपालिकाओं के बीच आपसी सहयोग को विकसित करने, बढ़ावा देने और आपसी संबंध को मजबूत बनाने के लिए भारत और मोरक्को के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दे दी है।
प्रभाव : इस मंजूरी से भारत और मोरक्को के बीच न्यायिक और अन्य कानूनी क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और बुनियादी ढांचे एवं प्रौद्योगिकी में ज्ञान का आदान-प्रदान करना भी आसान होगा।
● मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के तीन हवाई अड्डों अहमदाबाद, लखनऊ और मंगलुरू को लीज पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के तीन हवाई अड्डों अहमदाबाद, लखनऊ और मंगलुरू को लीज पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत मैसर्स अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने बोली दस्तावेजों के नियमों और शर्तों के अनुसार इन हवाई अड्डों के संचालन, प्रबंधन और विकास के लिए 50 साल की लीज अवधि के लिए सबसे अधिक बोली लगाई।
प्रभाव : ये परियोजनाएं सार्वजनिक क्षेत्र में आवश्यक निवेशों को काम में लाने के अलावा वितरण, विशेषज्ञता, उद्यम और व्यावसायिकता में दक्षता लायेंगी। इससे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के राजस्व में वृद्धि होगी, जिससे एएआई द्वारा टियर-2 और टियर-3 शहरों में निवेश किया जा सकता है और रोजगार सृजन व संबंधित बुनियादी ढांचे की दृष्टि से इन क्षेत्रों में आर्थिक विकास होगा।
● मंत्रिमंडल ने समूह ‘ए’ कार्यकारी कैडर अधिकारियों को संगठित समूह ‘ए’ सेवा प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सशस्त्र बलों को समूह ‘ए’ कार्यकारी कैडर अधिकारियों को संगठित समूह ‘ए’ सेवा (ओजीएएस) प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, गैर-कार्यात्मक वित्तीय उन्नयन (एनएफएफयू) और गैर-कार्यात्मक चयन ग्रेड (एनएफएसजी) लाभों का विस्तार मिलेगा।
लाभ : इस मंजूरी से लाभान्वित होने वाले अधिकारियों की प्रशासनिक क्षमता में वृद्धि होगी और वे बेहतर परिणाम दे पाएंगे। केंद्रीय सशस्त्र बलों के अधिकारियों में प्रेरणा का स्तर ऊंचा उठेगा। इस फैसले से देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे अधिकारी बेहतर सेवा मुहैया करायेंगे और इससे देश का चौतरफा विकास होगा।
पृष्ठभूमि : उच्चतम न्यायालय के फरवरी 2019 में दिए गए निर्देशों के मुताबित यह फैसला किया गया है। उच्चतम न्यायालय ने गैर-कार्यात्मक वित्तीय उन्नयन (एनएफएफयू) और गैर-कार्यात्मक चयन ग्रेड (एनएफएसजी) लाभों का विस्तार देने को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले को कायम रखा। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के पात्र अधिकारियों को एनएफएफयू और एनएफएसजी का लाभ मिलेगा। मंत्रिमंडल के इस फैसले से 10 लाख कर्मियों जिनमें 12,000 समूह ‘ए’ कार्यकारी कैडर के अधिकारी लाभान्वित होंगे।
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