नई दिल्ली, 02 जुलाई 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
रक्षा मंत्रालय ने नौसेना और तटरक्षक बल के लिए विभिन्न जहाजों और नौकाओं को प्राप्त करने के लिए पोत निर्माण से संबंधित 15,000 करोड़ रुपये की धनराशि के चार आरएफपी- यानी प्रस्ताव के लिए अनुरोध जारी किये हैं। सात शिपयार्डों को 6 नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल वेसल्स (एनजीएमवी) के लिए आरएफपी जारी किये जा चुके हैं, फार्स्ट पेट्रोल वेसल्स (एफपीवी) के लिए 8 आरएफपी और 12 एयर कुशन व्हीकल्स (एसीवी) तथा 8 मिसाइल-कम- ऐम्यनिशन बार्जेस चुने हुए भारतीय शिपयार्डों को जारी किये जा चुके हैं। एसीवी के लिए आरएफपी में भारतीय थलसेना के लिए आरंभिक तौर पर आवश्यक 6 एसीवी भी शामिल हैं। उपरोक्त के अलावा अगले कुछ महीनों में और पोत निर्माण परियोजनाओं के लिए कुछ और आरएफपी जारी होने की संभावना है।
नौसेना और तटरक्षक बल के लिए विविध पोतों और नौकाओं की पोत निर्माण परियोजनाओं हेतु आरएफपी के लिए शिपयार्डों को योग्य ठहराने की प्रक्रिया को और निष्पक्ष बनाने तथा बड़ी संख्या में भारतीय शिपयार्डों को साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय द्वारा भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के साथ एक अभ्यास किया गया है। इस कदम से शिपयार्डों की क्षमता के आकलन के लिए हाल ही में घोषित दिशा-निर्देशों को तर्कसंगत बनाया गया है। वित्तीय चयन मापदंड को तर्कसंगत बनाने और उनकी घोषणा किये जाने से बड़ी संख्या में लंबित पोत निर्माण परियोजनाओं के लिए आरएफपी जारी किये जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इतना ही नहीं, छोटे शिपयार्डों को परियोजनाओं में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 75 करोड़ रुपये से कम पूर्वानुमानित वार्षिक आउट्फ्लो औसतन 500 करोड़ रुपये से कम सलाना कारोबार वाले छोटे शिपयार्डों तक सीमित कर दिया गया है।
सैन्य और तटीय निगरानी में व्यापक अनुप्रयोग के अलावा एयर कुशन व्हीकल्स (एसीवी) की नागरिक परिवहन जैसे व्यवसायिक क्षेत्र, आपदा प्रबंधन और पर्यटन में भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। भारत में कम लगत पर इन नौकाओँ के निर्माण के लिए उपयुक्त डिजाइन और निर्माण प्रौद्योगिकी को अपनाने की जरूरत विचार करते हुए इंडियन शिपयार्ड द्वारा एसीवी के विदेशी डिजाइन हाउस के साथ सहयोग से संयुक्त रूप से डिजाइन तैयार करने को प्रोत्साहित करना अथवा महत्वपूर्ण भारतीय संतुष्टि के साथ एसीवी के निर्माण के लिए डिजाइन की सोर्सिंग को एसीवी के आरएफपी में शामिल किया गया है।
https://www.indiainside.org/post.php?id=5874