नई दिल्ली, 19 जून 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ई –कॉमर्स बाजार का अध्ययन करा रहा है। बड़ी संख्या में वस्तुओं और सेवाओं में ई-कामर्स और आनलाइन करोबार के बढ़ते महत्व को देखते हुए यह अध्ययन आयोग को देश में ई-कॉमर्स के तौर तरीकों को बेहतर ढ़ंग से समझने और बाजार तथा करोबारी प्रतिस्पर्धा पर इसके प्रभाव को जानने में मदद करेगा।
अध्ययन के नतीजे अगस्त 2019 के आखिर में आयोजित एक कार्यशाला में प्रस्तुत किए जाएंगे। इन पर अपनी राय और सुझाव देने के लिए सभी हितधारकों को आमंत्रित किया जाएगा। अध्ययन रिपोर्ट के नतीजे 2019-20 की अंतिम तिमाही में प्रकाशित होने की संभावना है।
ई-कामर्स का अध्ययन प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा अब तक कराए जा चुके कुल 20 बाजार सर्वेक्षणों में से एक है। इस तरह के अध्ययन बाजार में मौजूद स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों को सराहने तथा उन्हें समर्थन प्रदान करने का उपयोगी आधार बन सकते हैं। आयोग द्वारा शुरू किया गया ई-कॉमर्स अध्ययन एक ऐसा बाजार अध्ययन है जो आयोग के समक्ष लंबित किसी जांच की कार्रवाई का हिस्सा नहीं है। ई-कॉमर्स का अध्ययन प्रतिस्पर्धा नियमन को डिजिटल बाजार से मिलने वाली चुनौतियों को देखते हुए बेहद जरुरी है।
■ भारत में ई-कामर्स के अध्ययन का उद्देश्य:
i ई-कॉमर्स के संदर्भ में उभरती वितरण गतिविधियों और रणनीतियों पर विशेष ध्यान देने के साथ बाजार के रुझान का अध्ययन करना
ii ई-कॉमर्स के तौर तरीकों और संविदात्मक प्रावधानों को समझने के लिए, उनके अंतर्निहित तार्किक और प्रतिस्पर्धात्मक प्रभावों को जानना
iii ई-कॉमर्स से संबंधित बाधाओं , यदि कोई हो तो की पहचान करना
iv. ई-कॉमर्स के क्षेत्र में आयोग के लिए क्रियान्वयन और समर्थन वाली प्राथमिकताओं का पता लगाना
इस अध्ययन में अनुसंधान, बाजार सर्वेक्षण और हितधारकों की ओर से मिले सुझावों को शामिल किया जा रहा है। इसके लिए माध्यमिक और सहायक स्रोतों से गुणात्मक और मात्रात्मक जानकारी एकत्र की जा रही है। आयोग की बाजार अध्ययन टीम द्वारा डिज़ाइन की गई इस अध्ययन प्रक्रिया को एक बाहरी एजेंसी द्वारा लागू किया जा रहा है। अध्ययन दल पूरे देश में कई हितधारकों के बीच प्रश्नावली सर्वेक्षण के बाद उद्यमों और उद्योग संघों के साथ परामर्श बैठकें कर रहा है।
यह अध्ययन में ई-कॉमर्स कारोबार में लगे उपक्रमों, विनिमार्ण इकाइयों, थोक व्यापारियों / खुदरा विक्रेताओं, होटलों, रेस्तरां और भुगतान प्रणालियों के बीच कराया जा रहा है। अध्ययन में ऐसे उत्पादों को शामिल करने पर जोर दिया गया है जिनका ऑनलाइन कारोबार बहुत अच्छा है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, जीवन शैली से जुड़े उत्पाद तथा तथा यात्रा और आतिथ्य, खाद्य वितरण आदि जैसी सेवाएं शामिल हैं। अध्ययन में इन क्षेत्रों में व्यावसायिक मॉडल और वितरण तंत्र, बाजार संरचना और व्यावसायिक प्रथाओं में उभरते रुझानों पर खास जोर दिया गया है।
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