नई दिल्ली, 25 मई 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा संसदीय दल के नेता के तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम प्रस्तावित किया। मौजूद सभी सांसदों ने एक मत से प्रस्ताव का अनुमोदन किया और प्रधानमंत्री मोदी को भाजपा संसदीय दल के नेता स्वीकार किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एनडीए की बैठक को संबोधित करने से पूर्व संविधान को नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में घटी यह घटना सामान्य नहीं है। जनादेश जिम्मेदारियों को बढ़ाता है और हमें नए भारत की संकल्प यात्रा पर नई ऊर्जा के साथ चलना है। नए सांसदों को सीख देते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार से जितना दूर रहें उतना बेहतर। अखबार के पन्नों से मंत्री नहीं बनते, भीतर का कार्यकर्ता जीवित रहना चाहिए। सांसद ध्यान दें कि देश वीआईपी कल्चर से नफरत करता है, इससे बचें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनता ने हमें बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है जो हमें निभानी है अन्यथा अब देश माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का बड़बोलापन हमारी पूरी मेहनत बर्बाद कर देता है। दुनिया में कुछ भी 'ऑफ दि रिकॉर्ड' नहीं होता है। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक हमने गरीबों के लिए सरकार चलाई, अब 2019 में गरीबों ने सरकार बनाई है। अल्पसंख्यकों को छलावे में रखा गया, डराकर रखा गया। लेकिन अब भय को खत्म कर सबको साथ लेकर चलना है। जो हमें वोट देता है वो भी हमारा है और जो हमारा विरोध करता है वो भी हमारा है।
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