भारत और चीन ने भारतीय मिर्च आहार के निर्यात के लिए प्रोटोकॉल पर हस्‍ताक्षर किए



नई दिल्ली, 10 मई 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

वाणिज्‍य सचिव अनूप वधावन और चीन के सामान्य सीमा शुल्क प्रशासन (जीएसीसी) के उप मंत्री ली गुओ ने कृषि उत्‍पादों की मंजूरी के लिए लंबित भारतीय अनुरोध के व्‍यापार संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए गुरुवार 09 मई को नई दिल्‍ली में एक बैठक की।

दोनों पक्षों ने एक दूसरे की चिंताओं को ध्‍यान में रखा और बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों को जल्‍द सुलझाने पर सहमति जताई, ताकि और ज्‍यादा संतुलित व्‍यापार को बढ़ावा देकर भारत एवं चीन दोनों के ही राजनेताओं के विजन को साकार किया जा सके।

बैठक की समाप्ति पर भारत से चीन को मिर्च आहार (चिली मील) के निर्यात के लिए एक प्रोटोकॉल पर हस्‍ताक्षर किए गए।

■ कृषि जिंसों के लिए भारत और चीन के बीच प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर

•क्र.सं.
जिंस
हस्‍ताक्षर करने का वर्ष
टिप्‍पणी

•1.
आम
2003
-

•2.
करेला
11 अप्रैल, 2005
-

•3.
अंगूर
11 अप्रैल, 2005
-

•4.
रेपसीड मील
15 मई, 2015
अंतत: वर्ष 2018 में सहमति हुई

•5.
बासमती चावल
21 नवंबर, 2006
केवल बासमती चावल के लिए प्रथम प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए थे।

•6.
बासमती चावल और गैर- बासमती चावल
9 जून, 2018
दोनों ही किस्‍मों के लिए

•7.
मत्स्य-आहार/मत्स्य तेल
28 नवंबर, 2018
चीन को मत्स्य-आहार/मत्स्य तेल के निर्यात हेतु स्वच्छता और निरीक्षण आवश्यकताओं के लिए प्रोटोकॉल

•8.
तम्बाकू के पत्ते
21 जनवरी, 2019
14.01.2008 को प्रथम प्रोटोकॉल पर 4 वर्षों के लिए हस्‍ताक्षर किए गए थे। 21 जनवरी, 2019 को इसका नवीकरण किया गया था।

•9.
मिर्च आहार (चिली मील)
9 मई, 2019
चीन को भारतीय मिर्च आहार के निर्यात के लिए एसपीएस प्रोटोकॉल।

{स्रोत: कृषि सहयोग विभाग/निर्यात निरीक्षण परिषद (ईआईसी)}

https://www.indiainside.org/post.php?id=5514