चेन्नई, 24 अप्रैल 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने लोगों से अपनी मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने मातृभाषा के संरक्षण के अभियान को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए राज्य सरकारों से प्राथमिक विद्यालय स्तर तक मातृभाषा को अनिवार्य बनाने का आग्रह किया। देशी भाषाओं के संरक्षण के प्रति अपनी गहरी रुचि व्यक्त करते हुए, उपराष्ट्रपति ने छात्रों को घर पर अपनी मातृभाषा में बोलने की सलाह दी।
श्री नायडू ने मंगलवार 23 अप्रैल को चेन्नई में केसरी स्कूलों के प्लेटिनम जुबली समारोह को संबोधित करते हुए शैक्षिक संस्थानों को बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच की भावना पैदा करने की सलाह दी। उन्होंने केसरी स्कूल के एक नए परिसर की आधारशिला भी रखी।
छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए, उपराष्ट्रपति ने स्कूलों को छात्रों को महान स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियां पढ़ाने और उनमें भारतीय मूल्यों को विकसित करने के लिए अनुकूल माहौल बनाने तथा पाठ्यक्रमों में सुधार लाने को कहा।
श्री नायडू ने 21वीं सदी की दुनिया और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति की ज्ञान पर निर्भरता का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि स्कूली स्तर से ही प्रौद्योगिकी के बदलते पहलुओं की जानकारी छात्रों को दी जानी चाहिए ताकि वे बदलते परिदृश्य के अनुकूल खुद को ढाल सकें। उन्होंने कहा कि सिर्फ साक्षर होना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। वास्तविक शिक्षा वह है जो व्यक्ति को सत्य, ज्ञान की तलाश करने और तार्किक सोच विकसित करने के साथ दूसरों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाए।
इस बात की ओर इशारा करते हुए कि शिक्षा को गरीबों, दलितों और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों के जीवन को बदलने में मदद करनी चाहिए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा गरीबी, लैंगिक असमानता, बेरोजगारी, जातिगत भेदभाव और आर्थिक विषमताओं जैसी चुनौतियों का सामना करने का सबसे सक्षम हथियार है।
यह मानते हुए कि महिलाएं जो कि आबादी का पचास फीसदी हिस्सा हैं को समान अवसर मिलने चाहिए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षित करना देश की प्रगति के लिए जरूरी है। उन्होंने लोगों से बालिकाओं की शिक्षा के अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, कांची के शंकराचार्य, जगद्गुरु विजयेंद्र सरस्वती, केमिस्ट्स ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ के अध्यक्ष के• नरसा रेड्डी, केसरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक एन• गोपालैया, स्वर्गीय डॉ• के• राधाकृष्णन के पौत्र डॉ• के• एन• केसरी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
॥■॥ उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए व्यवस्था सुधारें : उपराष्ट्रपति का विश्वविद्यालयों से आग्रह
उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से व्यवस्था में लगातार सुधार लाने और उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों से देश में गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
मंगलवार 23 अप्रैल को चेन्नई में वीईएलएस इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, टेक्नॉलजी एंड एडवांस्ड स्टडीज के 9वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, श्री नायडू ने तेजी से विकसित हो रही दुनिया में प्रौद्योगिकी में नित हो रहे बदलाव का उल्लेख किया और छात्रों को अपने चुने हुए क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के लिए अपने ज्ञान और कौशल को नियमित रूप से समय के अनुरूप ढालने की सलाह दी।
देश की समृद्धि और विकास में तेजी लाने के लिए गुणवत्तायुक्त शिक्षा की जरूरत पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने उच्च शिक्षण संस्थाओं से अपने यहां ज्ञान और अनुसंधान के नए अवसर उपलब्ध कराने की इच्छा व्यक्त की। विकास की नई ऊंचाईयों की ओर कदम बढ़ाते समय ग्रामीण भारत की उपेक्षा नहीं किए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने समग्र और समावेशी विकास का आह्वान किया।
प्रौद्योगिकी को समाज में समानता लाने का एक लोकतांत्रिक जरिया बताते हुए श्री नायडू ने छात्रों और युवाओं से कहा कि वे अपने गांवों, कृषि और संबद्ध उद्योगों की तकनीकी जरूरतों का ध्यान रखें। उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने और ग्रामीण-शहरी विभाजन को कम करने का आह्वान भी किया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रौद्योगिकी के जरिए ग्रामीण जीवन और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भारत गांवों में बसता है और देश का विकास गांवों के विकास पर निर्भर करता है। उपराष्ट्रपति संस्थान के छात्रों से कहा कि उनके पास फार्मेसी के लिए पहले से ही एक बेहतरीन संकाय है, ऐसे में उनके संस्थान को कृषि, बागवानी और पशु चिकित्सा विज्ञान के पाठ्यक्रम शुरू करने के बारे में भी सोचना चाहिए।
श्री नायडू ने छात्रों और युवाओं से आधुनिक जीवन शैली के विकर्षणों का शिकार न होने और स्वस्थ रहने के लिए जंक फूड त्यागने की सलाह दी। गैर संचारी रोगों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने लोगों को अपनी जीवन शैली और खानपान की आदतें बदलने की सलाह भी दी।
उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर रक्षा विभाग के अनुसंधान और विकास सचिव तथा रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष डॉ• जी• सतीश रेड्डी, पूर्व भारतीय एथलीट पीटी ऊषा और केरी इंडेव लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एस• जेवियर ब्रिटो मानद उपाधि (ऑनोरिस कॉसा) पुरस्कार प्रदान किया।
इस अवसर पर वीईएलएस विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष और कुलपति डॉ• इशारी के• गणेश, विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ• पी• स्वामीनाथन अकादमी परिषद् और प्रबंधन बोर्ड के सदस्यगण, छात्र और संकाय के सभी सदस्य तथा अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
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