वाइस एडमिरल करमबीर सिंह अगले नौसेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे



नई दिल्ली, 23 मार्च 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

सरकार ने वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को अगले नौसेना प्रमुख के रूप में नियुक्त किया है। वाइस एडमिरल करमबीर सिंह वर्तमान में पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडर-इन-चीफ (एफओसी-इन-सी) के तौर पर कार्यरत हैं। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा के सेवानिवृत्त होने के साथ ही वाइस एडमिरल करमबीर सिंह की नियुक्ति 31 मई, 2019 की दोपहर से प्रभावी होगी।

03 नवंबर, 1959 को जन्मे, वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को 01 जुलाई, 1980 को भारतीय नौसेना की कार्यकारी शाखा में नियुक्त किया गया था।

अपनी लगभग 39 वर्षों की लंबी और प्रतिष्ठित सेवा के दौरान, उन्होंने विभिन्न कमानों, स्टाफ और इंस्ट्रक्शनल नियुक्तियों में कार्य किया है। वाइस एडमिरल करमबीर सिंह की समुद्री कमानों में गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर आईएनएस राणा और आईएनएस दिल्ली शामिल हैं। उन्होंने पश्चिमी बेड़े के फ्लीट ऑपरेशन्‍स ऑफिसर के रूप में भी कार्य किया और वह महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र के कमांडिंग फ्लैग ऑफिसर भी रहे हैं। अक्टूबर, 2017 में पूर्वी नौसेना कमान के एफओसी-इन-सी के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, वह प्रोजेक्ट सीबर्ड के महानिदेशक, नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख और नौसेना स्टाफ के वाइस प्रमुख रहे हैं।

वाइस एडमिरल करमबीर सिंह, वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज से स्नातक हैं। वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) और अति विशिष्‍ट सेवा पदक (एवीएसएम) से अलंकृत किया गया है।


॥●॥ रियर एडमिरल संजय जसजीत सिंह ने वेस्टर्न फ्लीट कमांडर का पदभार संभाला

मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में 22 मार्च, 2019 को आयोजित एक भव्‍य परेड में, रियर एडमिरल संजय जसजीत सिंह, एनएम ने रियर एडमिरल एमए हम्पीहोली, एवीएसएम, एनएम से भारतीय नौसेना की 'स्वॉर्ड आर्म' वेस्टर्न फ्लीट कमांडर का पदभार संभाल लिया है।

रियर एडमिरल संजय जसजीत सिंह को 1986 में भारतीय नौसेना में नियुक्‍त किया गया था और वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला के पूर्व छात्र हैं। नौवहन और निर्देशन के विशेषज्ञ, रियर एडमिरल संजय जसजीत सिंह की अपने करियर के दौरान कई कमान, प्रशिक्षण और कर्मचारियों की नियुक्तियों में महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी समुद्री कमान नियुक्तियों में एएसडब्‍ल्‍यू और यूएवी-नियंत्रण फ्रिगेट तारगिरी शामिल हैं, जहां उन्हें नौसेना पदक और बहु-भूमिका फ्रिगेट त्रिशूल से सम्मानित किया गया था। उनकी अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों में ऑफिसर-इन-चार्ज लोकल वर्कअप टीम (वेस्ट), ईरान में भारतीय नौसेना अटैची, संयुक्त कार्मिक निदेशक, भारतीय नौसेना मुख्‍यालय (एन) में नौसेना संचालन के प्रधान निदेशक और रणनीति, अवधारणाओं और परिवर्तन के प्रमुख निदेशक के रूप में कार्यभार शामिल है। फ्लैग रैंक में पदोन्नति होने पर, उन्होंने सहायक स्टाफ चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (कम्युनिकेशन स्पेस एंड नेटवर्क सेंट्रिक ऑपरेशन) और फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग के रूप में भी कार्य किया।

उन्हें 2009 में भारतीय नौसेना के सामुद्रिक सिद्धांत का नेतृत्व करने और 2015 में भारतीय समुद्री सुरक्षा रणनीति और रणनीतिक मार्गदर्शन में महत्‍वपूर्ण परिवर्तन करने का भी गौरव प्राप्त है। उन्‍होंने एमएससी सहित कई स्नातकोत्तर अध्ययन विषयों को भी अपनी शिक्षा में शामिल करने के अलावा मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा और सामरिक अध्ययन में एमफिल, लंदन के किंग्स कॉलेज से रक्षा अध्ययन में एमए और मुम्‍बई विश्‍वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीएचडी और एमफिल तथा इतिहास में एमए किया है।

रियर एडमिरल एमए हम्पीहोली 27 मार्च, 2019 से नई दिल्‍ली स्थित रक्षा मंत्रालय के नौसेना मुख्‍यालय (एन) में वाइस एडमिरल के रैंक में नौसेना अभियान के महानिदेशक के रूप में कार्य करेंगे। रियर एडमिरल एमए हम्पीहोली की कमान के तहत, पश्चिमी बेड़े ने कई परिचालन तैनाती और बहुराष्ट्रीय अभ्यास किए हैं। समुद्री सुरक्षा और निवारण को मजबूती प्रदान करने के लिए उन्हें हाल ही में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।

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