सातवां वेतन : सरकार की वादाखिलाफी से विफरे शिक्षक



☆ महाराष्ट्र राष्ट्रीय अधिवेशन से होगी हड़ताल की घोषणा

अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (एआईफुक्टो) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को हिन्दी भवन नई दिल्ली में हुई।बैठक में देशभर के सभी राज्यों के शिक्षक नेताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर एआईफुक्टो के महासचिव प्रो• अरूण कुमार ने यूजीसी से लेकर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास विभाग तक पिछले एक साल से लगातार चल रहे साॅप और नेवला वाले खेल को विस्तार से बताते हुए सरकार की उपेक्षा पूर्ण, गैरजनतांत्रिक और शिक्षक विरोधी रवैये की कठोर आलोचना की।

उन्होंने कहा कि पूरे देश के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक लगातार शांतिपूर्ण और प्रजातंत्रिक आंदोलन चला रहे हैं परंतु यह सरकार उदासीन है। स्वतंत्र भारत में पहली बार ऐसा हो रहा है कि यूजीसी द्वारा अनुशंसित सातवें वेतनमान को न तो सार्वजनिक किया गया है न ही उसे लागू करने की दिशा में कोई कारगर कदम उठाया जा रहा है।पूरे देश का शिक्षक समुदाय अंधकार और इस आशंका में है कि सरकार देशभर के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के आठ लाख शिक्षकों के साथ बड़ा धोखाधड़ी करने वाली है।इसी उद्देश्य से प्रो• चौहान कमेटी की रिपोर्ट को गुप्त रखते हुए सरकारी स्तर पर रिपोर्ट में मनमानी और शिक्षक विरोधी संशोधन करने की खबरें मिल रही हैं।

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर गत छः माह से शिक्षक संगठनों को एक ही बात कहते चले आ रहे हैं कि सातवाँ यूजीसी वेतनमान पूरे देश में जल्द ही लागू होगा परंतु मंत्री जी के पास इस बात का कोई जबाव नहीं है कि क्या लागू करेंगे और राज्यों को कितनी वित्तीय सहायता देने की योजना है।

☆ राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से यह लिया निर्णय :-

• विश्वविद्यालय एवं कालेज शिक्षक एक सप्ताह (13 नबम्वर से 18 नबंवर,2017) अपनी अपनी इकाई में स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करेंगे। किसी भी तरह का प्रशासनिक कार्य नहीं करेंगे। 15 नबंवर को अपनी इकाई में धरना देंगे और उस दिन कलम बंद/ चाॅक बंद आंदोलन करेंगे। अपनी मांजो सहित उच्च शिक्षा की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा करेंगे।

• 30नबंवर,2017 देशभर में शिक्षक अपने अपने विश्वविद्यालय मुख्यालय में प्रतिरोध धरना /प्रदर्शन करेंगे। विरोध प्रकट करेंगे।

• 11दिसम्बर ,2017 को सभी राज्यों की राज्यधानियों मे सभी कार्य स्थगित कर (सीज वर्क) शिक्षक विरोध धरना / प्रदर्शन करेंगे।

यदि सरकार तब भी हमारी माँगों को पूरा नहीं करती है तो 18 - 20 दिसम्बर, 2017 को शिरडी महाराष्ट्र में होने वाले एआईफुक्टो के राष्ट्रीय महाधिवेशन में 'आम हड़ताल' सहित अन्य विकल्पों पर निर्णय लिए जाने का फैसला किया गया है।

एआईफुक्टो की मुख्य मांगों में प्रो• चौहान कमिटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए 100% केन्द्रीय वित्तीय सहायता के साथ एकसाथ पूरे देश में समान रूप से यूजीसी का सातवाँ वेतनमान लागू करना, छठे वेतनमान की विसंगतियों की समाप्ति, एडहाॅक, स्ववित्तपोषित, अंशकालिक और ब्लाॅकग्र्रांट शिक्षकों के लिए सम्मानजनक वेतनमान और सेवाशर्त, सभी शिक्षकों के लिए पुराना पेशन, एपीआई की समाप्ति और ऑरियेन्टेशन / रिफ्र्रेशर कोर्स की समय सीमा दिसम्बर 2017 किया जाना प्रमुख हैं। एआईफुक्टो के महासचिव और अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि सरकार की शिक्षक और शिक्षा विरोधी मानसिकता के कारण पूरे देश के शिक्षकों में गहरा असंतोष है। आंदोलन उनकी मजबूरी है जो अखिल भारतीय हड़ताल की दिशा में अग्रसर है।

एआईफुक्टो के अध्यक्ष प्रो• केशव भट्टाचार्या ने बैठक की अध्यक्षता की।

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