‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ : नए भारत की दिशा में काफी बड़ी प्रगति है



नई दिल्ली/वाराणसी, 28 जनवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेन 18 की मेड इन इंडिया की स्थिति को स्वीकार करते हुए इस ट्रेन को नया नाम ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ देने की घोषणा की है। उन्होने इस ट्रेन को नए भारत के विजन की प्राप्ति की दिशा में ‘वन्दनीय’ कदम बताया। इस रेल गाड़ी का सेट मेक इन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत 18 महीने की अवधि में इंटेग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा बनाया गया है।

राजधानी ट्रेनों के लांच किये जाने के बाद से गति और आराम की दृष्टि से ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ भारतीय रेल के लिए अगली लंबी छलांग है। यह विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं से लैस भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है।

यह ट्रेन गति बढ़ाने और कम करने की अत्याधुनिक प्रणाली के कारण अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है और यात्रा समय में 25 से 45 प्रतिशत की कमी ला सकती है। यह ट्रेन नई दिल्ली और वाराणसी की यात्रा लगभग 8 घंटे में पूरी करेगी और इसकी गति दोनों शहरों को जोड़ने वाली अब तक की तेज गति की ट्रेनों से 40-50 प्रतिशत अधिक होगी।

‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ में अनेक ऐसी सुविधाएं हैं जो भारतीय रेल में पहली बार आई हैं। इसमें अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं हैं जैसे – ऑनबोर्ड वाईफाई इंटरटेनमेंट, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, सीसीटीवी, बायोवैक्यूम शौचालय, एक्सक्यूटिव क्लास में रोटेटिंग चेयर हैं। इसमें दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं हैं। इसमें चेयर कार टाइप के 16 कोच होंगे जिसमें दो एक्सक्यूटिव चेयर कार और 14 चेयर कार हैं।

इसमें बिजली उत्पादन सुविधा के साथ इंटेलिजेंट ब्रेक प्रणाली है जिससे यह लागत ऊर्जा और पर्यावरण सक्षम है।

इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया गया है। यह नए भारत की दिशा में काफी बड़ी प्रगति है।

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