जीएसटी परिषद की 31वीं बैठक के दौरान की गई सिफारिशें



नई दिल्ली, 23 दिसम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

जीएसटी परिषद ने नई दिल्ली में आयोजित अपनी 31वीं बैठक में निम्नलिखित नीतिगत सिफारिशें कीं:

प्रत्येक कर शीर्ष के लिए एक एकल नकद बहीखाता होगा। जीएसटीएन और लेखा परीक्षकों के परामर्श से कार्यान्वयन के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
केंद्र या राज्य कर प्राधिकारियों द्वारा स्वीकृत रिफंड राशि के संवितरण के लिए एकल प्राधिकरण की एक योजना पायलट आधार पर लागू की जाएगी। शीघ्र ही इसके लिए तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
नया रिटर्न फाइलिंग सिस्टम 01.04.2019 से परीक्षण के आधार पर और 01.07.2019 से अनिवार्य आधार पर पेश किया जाएगा।
फार्म जीएसटीआर-9, फार्म जीएसटीआर-9ए और वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जीएसटीआर-9सी में मिलान विवरण के लिए वार्षिक रिटर्न प्रस्तुत करने की नियत तारीख 30.06.2019 तक आगे बढ़ायी जाएगी।
निम्नलिखित स्पष्टीकरण संबंधी परिवर्तन, उन प्रारूपों / निर्देशों में किए जाएंगे जिनके अनुसार करदाताओं द्वारा वार्षिक रिटर्न / मिलान विवरण प्रस्तुत किया जाना है:

यह निर्दिष्ट करने के लिए कि फार्म जीएसटीआर-9, फार्म जीएसटीआर-9ए में रिटर्न शीर्षों में संशोधन आपूर्ति आदि के संबंध में, 'वर्ष के दौरान किये गये' और न कि 'वर्ष के दौरान फाइल किये गये रिटर्न में घोषित' किए गए,फार्म में शीर्षों में संशोधन किये जाएंगे।
फार्म जीएसटीआर-1 एवं फार्म जीएसटीआर-3बी में सभी रिटर्न फार्म जीएसटीआर-9, फार्म जीएसटीआर-9सी के फाइल करने से पहले फाइल करने होंगे;
फॉर्म जीएसटीआर-4 में सभी रिटर्न फार्म जीएसटीआर-9ए के फाइल करने से पहले फाइल करने होंगे;
एचएसएन कोड केवल उन आवक आपूर्ति के लिए घोषित किया जा सकता है, जिनका मूल्य स्वतंत्र रूप से आवक आपूर्ति के कुल मूल्य का 10% या अधिक है;
अतिरिक्त भुगतान, यदि कोई हो, भुगतान किया जा सकता है तो केवल नकद में फार्म जीएसटी डीआरसी-03 के माध्यम से करना अपेक्षित है;
फार्म जीएसटीआर-9 एवं फार्म जीएसटीआर-9सी के माध्यम से आईटीसी का लाभ नहीं उठाया जा सकता है;
पिछले वित्त वर्ष से संबंधित सभी चालान (चाहे कोई भी महीना हो जिसमें फार्म जीएसटीआर -1 में इस तरह के चालान की सूचना दी गई है) फार्म जीएसटीआर -9 की तालिका 8ए में
ऑटो-पोपुलेटड होगा;
"गैर-जीएसटी आपूर्ति" के मूल्य में "आपूर्ति नहीं" का मूल्य भी शामिल होगा और इसे फॉर्म जीएसटीआर -9 की तालिका 5 डी, 5 ई और 5 एफ में सूचित किया जा सकता है;
मिलान विवरण अपलोड करने वाले करदाता द्वारा सत्यापन फॉर्म जीएसटीआर-9सी में शामिल किया जाएगा।

अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2018 के महीनों के लिए ई-कॉमर्स ऑपरेटरों द्वारा फार्म जीएसटीआर-8 प्रस्तुत करने की नियत तारीख 31.01.2019 तक बढ़ायी जाएगी।
जुलाई 2017 से दिसंबर 2018 की अवधि के लिए फार्म जीएसटीआर आईटीसी-04 जमा करने की नियत तारीख को 31.03.2019 तक बढ़ाया जाएगा।
वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी किए गए चालान के संबंध में आईटीसी का लाभ, मार्च 2019 के महीने के लिए फार्म जीएसटीआर-3बी प्रस्तुत करने की नियत तारीख तक निर्धारित शर्तों के अधीन उठाया जा सकता है।
फार्म जीएसटीआर आरएफडी-01 में रिफंड के लिए दावे के संबंध में सभी सहायक दस्तावेज / चालान को स्वयं रिफंड आवेदन दाखिल करने के समय आम पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपलोड किया जाना चाहिए, जिससे करदाता रिफंड आवेदन प्रस्तुत करने के लिए भौतिक रूप से कर कार्यालय का दौरा करने से बच सके। जीएसटीएन शीघ्र ही सामान्य पोर्टल पर इसे उपलब्ध करेगा।
फार्म जीएसटी आरएफडी-01ए के माध्यम से रिफंड के निम्नलिखित प्रकारों को उपलब्ध कराया जाएगा:
मूल्यांकन / अनंतिम मूल्यांकन / अपील / किसी अन्य आदेश के कारण रिफंड;
अंतः राज्य आपूर्ति पर भुगतान किया गया कर बाद में अंतर-राज्य आपूर्ति और इसके विपरीत भी होता है;
कर का अतिरिक्त भुगतान; तथा
कोई अन्य रिफंड।

फार्म जीएसटी आरएफडी-01ए में रिफंड के लिए आवेदनों के मामले में (नकद खाते में अत्याधिक शेष राशि के रिफंड से संबंधित मामलों को छोड़कर) जो सामान्य पोर्टल पर पॉइंट (10) से ऊपर बताए गये कार्य के आरम्भ से पहले सृजित होते हैं, और जिन्हें एआरएन के सृजन पीढ़ी के 60 दिनों के भीतर न्यायिक कर कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है, दावेदारों को उनके पंजीकृत ईमेल आईडी पर संदेश भेजा जाएगा जिसमें उक्त रिफंड आवेदन जमा करने की जानकारी होगी। यदि ईमेल की तारीख के 15 दिनों के भीतर आवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो उक्त रिफंड आवेदनों को सरसरी तौर पर खारिज कर दिया जाएगा, और आहर्तित राशि, यदि कोई हो, को दावेदार के इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में फिर से डाल दिया जाएगा।
माइग्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक और खिड़की की अनुमति दी जा रही है। करदाताओं के लिए नियत तारीख, जिन्होंने पूरा फॉर्म जीएसटी आरएफडी-26 दाखिल नहीं किया था, लेकिन जिन्हें न्यायिक नोडल अधिकारी को अपेक्षित विवरण प्रस्तुत करने के लिए 31.12.2017 तक केवल एक प्रोविजनल आईडी (पीआईडी) प्राप्त हुआ, अब इस तिथि को 31.01.2019 तक बढ़ाया जाएगा। साथ ही, ऐसे करदाताओं द्वारा जुलाई, 2017 से फरवरी, 2019 / तिमाही जुलाई, 2017 से दिसंबर, 2018 की अवधि के लिए फार्म जीएसटी-01ए -3बी और फार्म जीएसटीआर-1 प्रस्तुत करने की नियत तारीख को 31.03.2019 तक बढ़ाया जाएगा।
अगर फार्म जीएसटीआर-1 फार्म जीएसटीआर-3बी एवं फार्म जीएसटीआर-4 को महीनों / तिमाहियों जुलाई, 2017 से सितंबर, 2018 के लिए 22.12.2019 के बाद या 31.03.2019 को या उससे पहले प्रस्तुत किया गया है तो ऐसे मामले में सभी करदाताओं के लिए विलंब शुल्क पूरी तरह से माफ किया जाएगा।
जिन करदाताओं ने लगातार दो कर अवधि के लिए रिटर्न दाखिल नहीं किया है, उन्हें ई-वे बिल बनाने से प्रतिबंधित किया जाएगा। अगर जीएसटीएन/एनआईसी इस अपेक्षित कार्यात्मकता को उपलब्ध करा दे तो यह प्रावधान प्रभावी हो जाएगा।
उत्क्रमी शुल्क संरचना, निर्धारित समय के भीतर रिफंड का संवितरण, चालानों पर आईटीसी का लाभ उठाने के लिए दिया गया समय, क्षति पूर्ति सेस के संचित आईटीसी के रिफंड, आदि के कारण संचित आईटीसी के रिफंड जैसे कुछ विशेष रिफंड संबंधित मामलों पर स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा।
सीजीएसटी (संशोधन) अधिनियम, 2018, आईजीएसटी (संशोधन) अधिनियम, 2018,यूटीजीएसटी (संशोधन) अधिनियम, 2018 और जीएसटी (राज्यों को मुआवजा) संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा किए गए परिवर्तन और तदनुरूप एसजीएसटी अधिनियमों में परिवर्तनों को अधिसूचित किया जाएगा जो 01/02/2019 से प्रभावी होगें।

जीएसटी परिषद की उपरोक्त सिफारिशों को लागू करने के लिए अपेक्षित अधिसूचनाएं / परिपत्र शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।

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