गवर्नमेंट ई-मार्किट (जीईएम) पोर्टल पर राष्ट्रीय मिशन



नई दिल्ली, 13 दिसम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

जीईएम पर राष्ट्रीय मिशन का शुभारंभ 5 सितंबर 2018 को किया गया था। इस मिशन का उद्देश्य प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा उनकी एंजेसियों (केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसयू/सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों स्थानीय निकायों) द्वारा जीईएम मंच पर खरीदारी के उपयोग को गति प्रदान करना और इसे अपनाना था। एनएमजी के उद्देश्य इस प्रकार थे-

• विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं की विभिन्न श्रेणियों को शामिल करके समग्रता प्रोत्साहन देना।
• भ्रष्टाचार मुक्त शासन समेत सार्वजनिक खरीदारी में पारदर्शिता और निपुणता के तरीके से मूल्य संर्वद्धन पर जोर देना और उसका प्रचार करना
• डिजिटल इंडिया के उद्देश्यों के अनुरूप कैशलैस, संपर्कहीन और पेपरलैस लेनदेन को अर्जित करना।
• खरीदारी में आने वाले सरकारी खर्च में महत्वपूर्ण बचत को बढ़ावा देने के लिए समग्र निपुणता में बढ़ोतरी करना।
• सरकारी खरीदारों द्वारा खरीदे गये सभी प्रकार के उत्पादों और सेवाओं की उपलब्धता को अधिक से अधिक आसान बनाना।

मिशन के दौरान 31 राज्यों में 315 आयोजन और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गए जिनमें 22838 प्रतिभागियों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्रालयों और सीपीएसयू के लिए आयोजित कार्यक्रमों में 5990 प्रतिभागियों ने भाग लिया इसके अलावा जीईएम डिजाइन और आर्किटेक्चर, स्थानीयकरण,गुणवत्ता आश्वासन कानूनी ढांचा,जीईएम भुगतान क्रेडिट सुविधा, ओईएमएस, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत जैसे हस्तक्षेप के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 18 विषय आधारित कार्यक्रम आयोजित किये गये। इनमें 2222 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

पोर्टल का शुभारंभ एक पायलट योजना के रूप में 9 अगस्त 2016 को आयोजित किया गया था। यह धीरे-धीरे प्रगति करता गया। पिछले 2 वर्ष और 4 महीनों(2दिसंबर 2018 तक) के दौरान इसने 1,015,519 कुल आर्डर दिये जिनका मूल्य 14,959 करोड़ रुपए है। जीईएम से सार्वजनिक खरीदारी में पारर्दशिता, निपुणता और समग्रता आई है। इससे खरीद की प्रक्रिया छोटी होने के साथ-साथ खऱीददारों और विक्रताओँ के लिए कारोबार करना आसान हो गया है। इससे विभिन्न श्रेणियों की खऱीदारी लागत में कम से कम 10 से 45 प्रतिशत तक बचत होने से भारी मुनाफा हुआ है। अधिकतम खुदरा मूल्य/सूची मूल्य पर आधारित औसत बचत लगभग 28 प्रतिशत रही है।

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