खबरें विशेष : 100 व 150 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर दस्‍तखत



नई-दिल्ली, 04 अक्टूबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

॥■॥ भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक ने कोलकाता में सीवरेज एवं जल निकासी सेवाओं का विस्‍तार करने के लिए 100 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर दस्‍तखत किए

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और भारत सरकार ने आज नई दिल्‍ली में 100 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए, जिसका उद्देश्‍य सुव्‍यवस्थित शहरी सेवाओं के लिए कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को सीवेज शोधन क्षमता सुलभ कराना तथा सीवरेज एवं जल निकासी सेवाओं का और ज्‍यादा विस्‍तार करना है।

400 मिलियन डॉलर की बहु-किस्‍त सुविधा के तहत तीसरी एवं अंतिम किस्‍त की ऋण राशि दी जानी है। कोलकाता पर्यावरण सुधार निवेश कार्यक्रम के तहत केएमसी के चुनिंदा परिधीय क्षेत्रों में सीवरेज एवं जल निकासी सेवाओं का विस्‍तार किया जाएगा। इसके तहत कम से कम 3000 और परिवारों को कवर किया जाएगा। इसी तरह कम से कम 100,000 घरों के लिए सीवेज शोधन सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

ऋण समझौते पर भारत सरकार की ओर से वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में अपर सचिव समीर कुमार खरे और एडीबी की ओर से एडीबी के भारत निवासी मिशन के कंट्री डायरेक्‍टर केनिची योकोयामा ने हस्‍ताक्षर किए।

इस अवसर पर श्री खरे ने कहा कि नई परियोजना से उन पिछले चरणों में किये गये प्रयासों को और बल मिलेगा, जिनका उद्देश्‍य कोलकाता में किफायती जलापूर्ति, सीवरेज एवं जल निकासी सेवाएं मुहैया कराना और संस्‍थागत सुधारों तथा क्षमता निर्माण के जरिए शहरी सेवाओं की गुणवत्‍ता एवं निरंतरता को बेहतर करना है।

श्री योकोयामा ने कहा कि तीसरी किस्‍त के तहत किये जाने वाले वित्‍त पोषण का उपयोग 43 किलोमीटर लम्‍बे अतिरिक्‍त सीवर निकासी पाइप एवं चार पम्पिंग केन्‍द्रों और तीन सीवेज शोधन संयंत्रों का निर्माण करने में किया जाएगा, ताकि केएमसी के चुनिंदा क्षेत्रों में स्‍वच्‍छता सेवाओं की गुणवत्‍ता बेहतर हो सके।

वर्ष 2014 में स्‍वीकृत किये गये ‘कोलकाता पर्यावरण सुधार निवेश कार्यक्रम’ का समग्र लक्ष्‍य जल सृजन क्षमता को बहाल कर फिर से 1478 मिलियन लीटर प्रति दिन के स्‍तर पर पहुंचाना है। इसका उद्देश्‍य वर्ष 2023 तक 700 किलोमीटर लम्‍बे जल पाइप में जगह-जगह पर नजर आ रहे सुराखों की मरम्‍मती सुनिश्चित करना भी है।


॥■॥ भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक ने मध्‍य प्रदेश में देश के पहले वैश्विक कौशल पार्क की सहायता के लिए 150 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और भारत सरकार ने मध्‍य प्रदेश में एक वैश्विक कौशल पार्क (जीएसपी) की स्‍थापना के लिए आज नई दिल्‍ली में 150 मिलियन डॉलर के एक ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए। यह भारत का पहला बहु-कौशल (मल्‍टी-स्किल) पार्क होगा। इसका उद्देश्‍य राज्‍य में तकनीकी और व्‍यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) प्रणाली की गुणवत्‍ता बेहतर करना और अधिक कुशल श्रमबल सृजित करना है।

मध्‍य प्रदेश कौशल विकास परियोजना पर भारत सरकार की ओर से वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में अपर सचिव (फंड बैंक एवं एडीबी) समीर कुमार खरे और एडीबी की ओर से एडीबी के भारत निवासी मिशन के कंट्री डायरेक्‍टर केनिची योकोयामा ने हस्‍ताक्षर किए।

इस अवसर पर श्री खरे ने कहा कि इस परियोजना से राज्‍य के टीवीईटी कार्यक्रमों की गुणवत्‍ता एवं प्रासंगिकता बेहतर होगी तथा इससे अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के अनुरूप नौकरी के लिए तैयार (जॉब-रेडी) उन्‍नत कौशल प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी, जिससे राज्‍य के उभरते क्षेत्रों की रोजगार सम्‍बन्‍धी जरूरतों की पूर्ति हो सकती है।

श्री योकोयामा ने कहा कि इस परियोजना के तहत जीएसपी में उन्‍नत प्रशिक्षण में सहयोग के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय टीवीईटी साझेदारों की सेवाएं ली जाएंगी। जीएसपी से टीवीईटी प्रंबंधन, प्रशिक्षण से जुड़े बुनियादी ढांचे, औद्योगिक सहयोग और गुणवत्‍तापूर्ण आश्‍वासन में सर्वोत्‍तम वैश्विक प्रथाओं को अपनाने में मदद मिलेगी।

नया जीएसपी कैंपस भोपाल में स्‍थापित किया जाएगा, जहां प्रमुख उन्‍नत प्रशिक्षण संस्‍थान होंगे। यहां व्‍यावसायिक कौशल प्राप्ति केन्‍द्र और उन्‍नत कृषि प्रशिक्षण केन्‍द्र के साथ-साथ ऐसी अन्‍य सहायक सेवाओं से जुड़े केन्‍द्र भी होंगे, जिनमें उद्यमिता, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण और कौशल सम्‍बन्‍धी अनुसंधान पर फोकस किया जाएगा। इस कैंपस से लगभग बीस हजार प्रशिक्षु एवं प्रशिक्षक लाभान्वित होंगे।

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