नई-दिल्ली, 29 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 सितंबर, 2018 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में ‘पुनरुत्थान के लिए शिक्षा पर अकादमिक नेतृत्व’ पर एक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस सम्मेलन में 350 से भी अधिक विश्वविद्यालयों के कुलपति/निदेशक भाग लेंगे। यह सम्मेलन यूजीसी, एआईसीटीई, आईसीएसएसआर, आईजीएनसीए, इग्नू, जेएनयू और एसजीटी विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा।
इस सम्मेलन में भारतीय शिक्षा प्रणाली के समक्ष मौजूद चुनौतियों के साथ-साथ अपेक्षित शैक्षणिक परिणाम हासिल करने एवं शिक्षा के विनियमन की दृष्टि से व्यापक बदलाव लाने के लिए एक योजना तैयार करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सम्मेलन में कई सत्र आयोजित किए जाएंगे जिनमें आठ विषयगत क्षेत्रों को कवर किया जाएगा:
i. शिक्षार्थी केन्द्रित शिक्षा के लिए अध्यापन-कला को बेहतर करना – विशिष्ट जरूरतों वाली शिक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करना
ii. रोजगार की तलाश करने के बजाय रोजगार सृजन की ओर उन्मुख होना – नवाचार एवं उद्यमिता को बेहतर करना
iii. शोध की गुणवत्ता में सुधार करना – भारत की जरूरतों पर फोकस करना
iv. शैक्षणिक संस्थानों में सामंजस्य स्थापित करना - शैक्षणिक संसाधनों का संयोजन करना जैसे कि पुस्तकालयों का साझा उपयोग करना एवं ज्ञान का आदान-प्रदान करना
v. समावेशी एवं एकीकृत कैम्पस का निर्माण करना - ऐसी गतिविधियां आयोजित करना जिससे विद्यार्थियों का कैम्पस से भावनात्मक जुड़ाव संभव होगा
vi. सहभागितापूर्ण गवर्नेंस मॉडल – गवर्नेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं में विद्यार्थियों की भागीदार को सुविधाजनक बनाना
vii. सुव्यवस्थित वित्तीय मॉडल तैयार करना – पूर्व विद्यार्थियों के साथ-साथ कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) से धनराशि प्राप्त कर सरकारी संसाधनों की पूरक व्यवस्था करना
viii. शिक्षा में सार्वभौमिक मूल्यों और जीवन कौशल को समाहित कर नैतिक मूल्य शिक्षा को बढ़ावा देना
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान आठों समूहों में से प्रत्येक ग्रुप आपसी सहमति से तैयार कार्य योजना पर प्रस्तुति देंगे। पूर्ण सत्र के दौरान इन पर आगे विचार-विमर्श किया जाएगा। यह उम्मीद की जा रही है कि देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के लिए कोई व्यापक कार्य योजना उभर कर सामने आएगी।
उच्च शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने हेतु एक कार्य योजना विकसित करने के लिए मंत्रालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों के तहत ही इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस दिशा में सबसे पहले प्रयास 26-28 जुलाई, 2018 को नई दिल्ली में आयोजित कुलपति सम्मेलन के दौरान किए गए थे।
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