नई दिल्ली, 07 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
॥■॥ राजनाथ सिंह ने वर्ष 2018-19 के लिए गृह मंत्रालय के बजट व्यय की समीक्षा की
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यहां एक बैठक में वर्तमान वित्त वर्ष के लिए गृह मंत्रालय के बजट व्यय की समीक्षा की। गृह मंत्रालय 2018-19 के लिए 93,171.61 करोड़ रूपये के कुल बजट में से अब तक (अप्रैल से 07 सितम्बर, 2018) 49.14% धनराशि का इस्तेमाल कर चुका है।
गृह मंत्री ने व्यय की गति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूंजीगत खर्च और योजनाओं पर अधिक ध्यान केन्द्रित करना जारी रखें और आवंटित बजट राशि का पूरा इस्तेमाल करें।
इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर और किरेन रिजीजू, गृह सचिव राजीव गाबा और मंत्रालय के विभिन्न डिवीजनों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
॥■॥ राजनाथ सिंह ने छठे इन्टरनेशनल जेरीऐट्रिक ऑथोपेडिक सम्मेलन का उद्घाटन किया
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ‘कम दुर्बलता के साथ आयु वृद्धि और बढ़ती सक्रियता’ विषय पर इन्टरनेशनल जेरीऐट्रिक ऑथोपेडिक सोसायटी ऑफ इंडिया के छठे सम्मेलन का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर गृह मंत्री ने ग्रामीण और गरीब लोगों के लाभ के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना की सराहना की। इस योजना के अंतर्गत सरकार गरीबों, जरूरतमंद लोगों तथा उनके परिवारों और विशेषकर वृद्धजनों के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा के साथ किफायती स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करेगी। देश में संयुक्त परिवार संस्कृति के विघटन के कारण वृद्धजनों की बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं की चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह योजना ऐसे वृद्धजनों की स्वास्थ्य समस्याओं की देखभाल करेगी। उन्होंने कहा कि हमें संयुक्त परिवार की संस्कृति बनाई रखनी चाहिए, क्योंकि वृद्धजनों को शारीरिक देखभाल के अतिरिक्त भावनात्मक देखभाल की जरूरत होती है।
वृद्धजनों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ऐसे आयोजन के लिए जेरीऐट्रिक ऑर्थोपेडिक सोसायटी ऑफ इंडिया के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सम्मेलन के विचार-विमर्श से सहभागियों और सामान्य लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के सरकार के गंभीर प्रयासों की दिशा में है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि देश में आर्थिक प्रगति के कारण वृद्धजनों की आबादी बढ़ रही है और यह आबादी 2050 तक 30 करोड़ हो जाएगी। इसलिये उनकी स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सरकार पूरे देश में 1,50,000 स्वास्थ्य केन्द्र तथा उप-केन्द्र स्थापित करेगी।
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