चीनी का बफर स्‍टॉक



नई दिल्ली, 08 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

किसानों की बकाया गन्‍ना रकम अदा करने में चीनी मिलों को समर्थ बनाने और चीनी की घरेलू कीमतों में स्थिरता लाने के लिए चीनी मिलों की तरलता (लिक्विडिटी) स्थिति बेहतर करने के उद्देश्‍य से केन्‍द्र सरकार ने 30 एलएमटी चीनी का बफर स्‍टॉक तैयार किया है जिसके लिए सरकार बफर स्‍टॉक के रखरखाव हेतु 1175 करोड़ रुपये की ढुलाई लागत की प्रतिपूर्ति करेगी। नकद नुकसान की रोकथाम और समय पर किसानों की बकाया गन्‍ना रकम की अदायगी में चीनी मिलों को सहूलियत प्रदान करने के लिए सरकार ने घरेलू बाजार में फैक्‍टरी गेट पर चीनी की बिक्री के लिए 29 रुपये प्रति किलो का न्‍यूनतम बिक्री मूल्‍य भी तय किया है। कोई भी चीनी मिल इस मूल्‍य से कम दाम पर चीनी की बिक्री नहीं कर सकती है।

वर्तमान चीनी सीजन में चीनी उत्‍पादन लगभग 322 एलएमटी होने का अनुमान लगाया गया है, जो 250 एलएमटी की अनुमानित खपत से काफी अधिक है। वर्तमान चीनी सीजन के दौरान चीनी के अधिशेष उत्‍पादन से बाजार धारणा बुरी तरह प्रभावित हुई है जिसके कारण घरेलू बाजार में चीनी के एक्‍स-मिल मूल्‍य काफी गिरकर मई, 2018 में 24.50-26 रुपये प्रति किलो की रेंज में आ गए। हालांकि, सरकार द्वारा हाल ही में बफर स्‍टॉक बनाने सहित कई कदम उठाए जाने के परिणामस्‍वरूप चीनी के एक्‍स-मिल मूल्‍य बढ़कर 31-33 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। इससे चीनी मिलों की तरलता स्थिति बेहतर हो गई और इसके परिणामस्‍वरूप बकाया गन्‍ना रकम राज्‍य परामर्श मूल्‍य (एसएपी) के आधार पर 23,232 करोड़ रुपये के उच्‍चतम स्तर से घटकर लगभग 16,028 करोड़ रुपये के स्‍तर पर आ गए।

इस आशय की जानकारी खाद्य, उपभोक्‍ता मामले और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्‍यमंत्री सी• आर• चौधरी ने लोकसभा में दी।

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