पिछले तीन वर्षों के दौरान कलाकारों के लिए पेंशन तथा चिकित्‍सा सहायता योजना के तहत 50.7 करोड़ रुपये आंवटित किए गए तथा लगभग 9540 कलाकार लाभान्वित हुए



नई दिल्ली, 08 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

संस्‍कृति मंत्रालय कला एवं संस्‍कृति को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्ति एवं अध्‍येतावृत्ति योजना के तहत युवा कलाकारों को छात्रवृत्ति (एसवाईए) के एक योजना घटक का कार्यान्‍वयन कर रहा है। यह योजना विभिन्‍न सांस्‍कृतिक क्षेत्रों में आधुनिक प्रशिक्षण के लिए 18 से 25 वर्ष के आयु समूह में युवा कलाकारों के लिए बनाई गई है। इस योजना के तहत 5000 रुपये प्रति मास की एक राशि दो वर्षों तक चयनित युवा कलाकारों को दी जाती है। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति की राशि राज्‍यवार जारी नहीं की जाती, बल्कि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डाली जाती है।

संस्‍कृति मंत्रालय ‘कलाकारों के लिए पेंशन तथा चिकित्‍सा सहायता योजना’ (एसपीएमएए) नामक एक स्‍कीम का भी कार्यान्‍वयन कर रहा है, जिसके तहत वर्ममान में प्रदर्शन करने वाले कलाकारों सहित बुजुर्ग एवं निर्धन कलाकारों को मासिक पेंशन के रूप में 4000 रुपये की अधिकतम वित्‍तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति की राशि राज्‍यवार जारी नहीं की जाती, बल्कि हमारी सेवा प्रदात्‍ता भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा सीधे लाभार्थियों को दे दी जाती है।

पिछले तीन वर्षों के दौरान उपरोक्‍त वर्णित योजना के तहत वितरित वर्ष-वार राशि निम्‍नलिखित है –

• युवा कलाकारों को छात्रवृत्ति (एसवाईए) का योजना घटक

बैच वर्ष
चुने हुए कलाकारों की संख्‍या
छात्रवृत्ति की राशि

2015-2016
282
छह मासिक किस्‍तों में दो वर्षों के लिए 5000/- रुपये प्रति माह

2016-2017
310
छह मासिक किस्‍तों में दो वर्षों के लिए 5000/- रुपये प्रति माह

2017-2018
317
छह मासिक किस्‍तों में दो वर्षों के लिए 5000/- रुपये प्रति माह

• कलाकारों को पेंशन एवं चिकित्‍सा सहायता योजना

वित्‍त वर्ष
आवंटित निधि (करोड़ में)
किया गया व्‍यय (करोड़ में)
लाभार्थियों की संख्‍या

2015-2016
रु• 17.75
रु• 13.86
2788

2016-2017
रु• 18.00
रु• 13.17
3376

2017-2018
रु• 14.95
रु• 15.30
3376

यह जानकारी केन्‍द्रीय संस्‍कृति राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) एवं पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन राज्‍य मंत्री डॉ• महेश शर्मा ने राज्‍य सभा में एक अतारांकित प्रश्‍न के उत्‍तर में दी।

https://www.indiainside.org/post.php?id=3489