नई दिल्ली, 08 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़
॥■॥ नीति आयोग सरकार और कारोबारियों के बीच साझेदारी पर सम्मेलन का आयोजन करेगा
देश में सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में कारोबारी क्षेत्र के योगदान की संभावनाओं का पता लगाने के लिए नीति आयोग, भारत में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय तथा उद्योग संगठन सीआईआई की ओर से सरकार और कारोबारियों के बीच साझेदारी पर 08 अगस्त को एक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन प्रवासी भारतीय केंद्र में आयोजित किया जाएगा।
इस सम्मेलन में मुख्य रूप से जल, ऊर्जा और हरित उद्योग जैसे परस्पर जुड़े क्षेत्रों पर चर्चा होगी। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इस प्रकार है :
• जल, ऊर्जा और हरित उद्योग से जुड़े मुद्दों पर भारत के संदर्भ में विचार-विमर्श
• सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में कारोबारियों और उद्योगों के योगदान के बारे में स्पष्टता
• सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में उद्योगों और कारोबारियों की ओर से नीति स्पष्टता
• जल, ऊर्जा और हरित उद्योग के क्षेत्र में कारोबारियों के लिए संभावनाओं का पता लगाना
सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विभिन्न कंपनियों के कार्यकारी अधिकारी, विशेषज्ञ और हितधारक हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का उद्घाटन बिजली तथा नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राज कुमार सिंह करेंगे।
॥■॥ नीति आयोग ने जम्मू-कश्मीर के सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ श्रीनगर में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की
नीति आयोग ने सिविल सोसाइटी संगठनों और सरकार के बीच साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर सरकार के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्घाटन राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद गनई ने किया। श्री गनई ने इस अवसर पर कहा कि सिविल सोसाइटी संगठनों के क्षमता विकास के लिए ठोस प्रयास होने चाहिए। ऐसे संगठनों से जुड़ी परियोजनाओं में प्रक्रियागत देरी से निबटने के लिए जम्मू-कश्मीर में एक नोडल विभाग बनाया जाना चाहिए। नीति आयोग और सिविल सोसाइटी संगठनों की समिति के संयोजक सदस्य अमोद कंठ ने सरकार और सिविल सोसाइटी संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण और स्वास्थ्य, वरिष्ठ नागरिकों तथा नि:शक्तजनों के कल्याण आदि के कार्यो में ऐसे संगठनों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
कार्यशाला में जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 60 से अधिक सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधियों, राज्य सरकार तथा नीति आयोग के अधिकारियों, देश के अन्य हिस्सों में काम कर रहे सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा 14 केंद्रीय मंत्रियों सहित 160 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में भाग लेने आए नीति आयोग के अधिकारियों ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से की गई कई पहल से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदर्शन बेहतर हुआ है तथा आशंकाओं के बावजूद आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत मिल रहे हैं।
कार्यशाला में सिविल सोसाइटी संगठनों को 6 अलग-अलग विषयों के आधार पर बांटा गया था। सभी ने राज्य के आर्थिक, सामाजिक विकास के लिए अपनी ओर से योजनाओं की प्रस्तुति दी।
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