नई दिल्ली, 04 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
॥■॥ पीयूष गोयल ने रेलवे में कार्यरत खिलाड़ियों के लिए नई प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी' से जुड़ी 2 अगस्त, 2018 की प्रेस विज्ञप्ति के लिए शुद्धिपत्र
'पीयूष गोयल ने रेलवे में कार्यरत खिलाड़ियों के लिए नई प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी' से जुड़ी 2 अगस्त, 2018 की पीआईबी प्रेस विज्ञप्ति के दूसरे पैराग्राफ में यह लिखा गया हैः
'ओलंपिक खेलों में दो बार शिरकत कर चुके और एशियाई खेलों/राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों द्वारा इस दिशा में किए गए अथक प्रयासों को ध्यान में रखकर अब उन्हें अधिकारी रैंक में पदोन्नत करते हुए पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा रेलवे में कार्यरत वे खिलाड़ी भी इसी तरह से पदोन्नति पाने के हकदार होंगे जो अर्जुन/राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार जैसे अहम अवार्ड से नवाजे जा चुके हैं।'
इस पैराग्राफ को निम्नलिखित रूप में पढ़ा जाना चाहिएः
'खिलाड़ियों के अथक प्रयासों को ध्यान में रखते हुए ओलंपिक खेलों में दो बार शिरकत करने के साथ-साथ या तो एशियाई खेलों/राष्ट्रमंडल खेलों में कोई पदक जीतने अथवा अर्जुन/राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार जैसे अहम अवार्ड से नवाजे जाने से रेलवे में कार्यरत खिलाड़ी अधिकारी रैंक में पदोन्नति पाने के हकदार होंगे।'
प्रेस विज्ञप्ति के अन्य कंटेंट यथावत हैं। इसमें अस्पष्टता के लिए खेद है।
॥■॥ रेल नेटवर्क का विस्तार
पिछले दो वर्षों में नई लाइनों को चालू करने, दोहरीकरण और आमान परिवर्तन का राज्यवार विवरण नीचे दिया गया है-
• राज्य का नाम
नई लाइनों को चालू करना, दोहरीकरण और आमान परिवर्तन (किलोमीटर में)
2016-17
2017-18
• असम और पूर्वोत्तर का शेष हिस्सा
456
26.5
• आंध्र प्रदेश
146
21
• बिहार
286.1
36
• छत्तीसगढ़
61.5
159.82
• दिल्ली
0
26
• गुजरात
84
74
• हरियाणा
118
0
• झारखंड
176.1
94.8
• कर्नाटक
160.57
196.45
• केरल
38.96
21
• मध्य प्रदेश
292.5
113.14
• महाराष्ट्र
75
118.88
• ओडिशा
66.27
172.7
• पंजाब
16
2.5
• राजस्थान
289
204.9
• तेलंगाना
124.6
19
• तमिलनाडु
150.26
232.46
• उत्तर प्रदेश
207.33
147.81
• उत्तराखंड
0
36
• पश्चिम बंगाल
106.87
158.86
रेल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और केन्द्रीय मंत्रालयों से भूमि के अधिग्रहण जैसी मंजूरियों और वानिकी, वन्य जीव जैसी वैधानिक स्वीकृतियों की जरूरत पड़ती है क्योंकि इस वजह से परियोजनाओं को पूरा करने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
इस आशय की जानकारी रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
॥■॥ नई ट्रेनों का परिचालन शुरू करना और रेल की पटरियों का निर्माण करना
पिछले चार वर्षों अर्थात 2014-15 से लेकर वर्ष 2017-18 तक की अवधि के दौरान भारतीय रेलवे ने 374 मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों का परिचालन शुरू किया है (प्रीमियम एक्सप्रेस को छोड़कर, जिसे सुविधा एक्सप्रेस नाम दिया गया है)।
पिछले चार वर्षों में नई लाइनों, आमान परिवर्तन और दोहरीकरण का जम्मू-कश्मीर सहित राज्यवार विवरण नीचे दिया गया है-
• राज्य
नई लाइन (किलोमीटर में)
आमान परिवर्तन (किलोमीटर में)
दोहरीकरण (किलोमीटर में)
•असम और पूर्वोत्तर राज्यों का शेष हिस्सा
178
1324
0
• आंध्र प्रदेश
221
0
51
• बिहार
229
304
165
• छत्तीसगढ़
34
0
257
• गुजरात
33
30
244
• हरियाणा
160
0
132
• जम्मू-कश्मीर
25
0
7
• झारखंड
436
0
162
• कर्नाटक
240
0
252
• केरल
0
29
42
• मध्य प्रदेश
235
270
179
• महाराष्ट्र
39
0
288
• ओडिशा
118
0
315
• पंजाब
0
0
106
• राजस्थान
73
634
161
• तेलंगाना
186
0
25
• तमिलनाडु
0
290
441
• उत्तर प्रदेश
262
288
289
• उत्तराखंड
0
36
0
• पश्चिम बंगाल
86
191
461
इस आशय की जानकारी रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
https://www.indiainside.org/post.php?id=3455