सोशल मीडिया की निगरानी



नई दिल्ली, 24 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

संविधान के अनुसार पुलिस तथा कानून व्‍यवस्‍था राज्‍य का विषय है। भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2000 के प्रावधानों के मुताबिक राज्‍य सरकारें अपनी कानूनी मशीनरी के जरिए साइबर अपराधों की रोकथाम, पहचान और जांच के लिए जिम्‍मेदार है।

सुरक्षा एजेंसियां वेब और सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखती है और इसमें डाली जाने वाली किसी भी गैर कानूनी विषय-वस्‍तु पर रोक लगाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 के अनुच्‍छेद 69 के तहत आवश्‍यक कार्यवाही करते है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2009 के तहत गठित समिति सूचना प्रौद्य‍ोगिकी कानून 2000 के तहत जारी निर्देशों के पालन की सावधिक निगरानी करती है। कानून के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार एक सहयोगी फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए सभी पक्षों के साथ नियमित बैठक करती है। 2017 से जून 2018 तक कानून के अनुपालन का वर्षवार स्‍तर-

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अन्‍य

रोक लगाने के लिए सुझाये गए यूआरएल की संख्‍या
1076
182
728
150
109

ब्‍लॉक किए गए यूआरएल
956
152
409
66
79

यह जानकारी केंद्रीय राज्‍य गृहमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने लोकसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में दी।

https://www.indiainside.org/post.php?id=3355