16 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) रेलवे में कार्गो कंटेनर कारोबार
01 जुलाई, 2017 को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू हो जाने के बाद रेलवे में कार्गो कंटेनर कारोबार में कोई कमी नहीं आई है। कंटेनरों के संबंध में मूल आधार (मिलियन टन में) पर ढुलाई का विवरण इस प्रकार है-
(मिलियन टन में)
वित्त वर्ष 2016-17
वित्त वर्ष 2017-18
+/-
47.60
54.31
+ 6.71
(मिलियन टन में)
जुलाई, 2016 - मार्च, 2017
जुलाई, 2017 - मार्च, 2018
+/-
35.93
41.23
+ 5.30
वित्त मंत्रालय और नीति आयोग से आग्रह किया गया है कि सड़क कंटेनर यातायात के अनुरूप ही रेल कंटेनर यातायात पर समान जीएसटी लागू करने पर विचार करे।
यह सूचना आज लोकसभा में रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
(●) रेल नेटवर्क का विस्तार
रेल विभाग ने विभिन्न राज्यों में 180 नई रेल लाईन बिछाने की परियोजनाओं की शुरूआत की है, जो विभिन्न चरणों में चल रही हैं।
इनमें आंध्र प्रदेश में 18, असम एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र में 15, बिहार में 34, छत्तीसगढ़ में 08, दिल्ली में 01, गुजरात में 04, हरियाणा में 07, हिमाचल प्रदेश में 04, जम्मू-कश्मीर में 01, झारखंड में 14, कर्नाटक में 16, केरल में 02, महाराष्ट्र में 12, मध्य प्रदेश में 08, ओडिशा में 10, पंजाब में 06, राजस्थान में 10, तमिलनाडु में 08, उत्तराखंड में 03, तेलंगाना में 09, उत्तर प्रदेश में 15 और पश्चिम बंगाल में 18 परियोजनाएं शामिल हैं। कुछ परियोजनाएं एक से अधिक राज्यों में आती हैं। अधिकतर नई लाईन परियोजनाओं को पिछड़े और दूर-दराज के इलाकों के सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर मुख्य रूप से चलाया जा रहा है, ताकि आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों का तेज विकास हो सके।
रेलवे परियोजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकारों और केन्द्रीय मंत्रालयों के विभिन्न विभागों द्वारा क्लीयरेंस की आवश्यकता होती है, जैसे भू-अधिग्रहण, वन एवं वन्यजीव संबंधी कानूनी क्लीयरेंस इत्यादि।
यह सूचना आज लोकसभा में रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
(●) रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा
रेल मंत्रालय ने हाल्ट स्टेशनों को छोड़कर सभी स्टेशनों पर निःशुल्क वाई-फाई सुविधा प्रदान करने का फैसला किया है। ध्यान रखा गया है कि इस मद में रेलवे को कोई खर्च न करना पड़े। वर्ष 2016-17 में 100 स्टेशनों पर, वर्ष 2017-18 में 200 स्टेशनों पर और वर्ष 2018-19 में 500 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके मद्देनजर अब तक कुल 707 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा शुरू कर दी गई है। रेल-टेल ने ‘ए-1’ और ‘ए’ वर्ग के स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेसर्स महाता इन्फोर्मेंशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एमआईआईपीएल) के साथ समझौता किया है। यह कंपनी मेसर्स गूगल इंकारपोरेटेड की कंपनी है।
‘ए-1’ और ‘ए’ वर्ग के जिन स्टेशनों पर वाई-फाई उपलब्ध कराने के लिए रेल-टेल ने एमआईआईपीएल के साथ समझौता किया है, उसका खर्च दोनों कंपनियां मिलकर वहन करेंगी। रेल-टेल को सलाह दी गई है कि वह ‘बी’ और ‘सी’ वर्ग के स्टेशनों के आधार पर राजस्व का अनुपालन करे। ‘डी’ और ‘ई’ वर्ग के स्टेशनों के लिए वाई-फाई प्रदान करने के संबंध में निधि उपलब्ध कराने के लिए दूरसंचार विभाग से आग्रह किया गया है।
यह सूचना आज लोकसभा में रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
(●) मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों को समाप्त करना
बड़ी लाईन पर मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों को मार्च, 2020 तक समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बहरहाल, बड़ी लाईन पर मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों को निर्धारित समय के पूर्व ही समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेल विभाग सभी मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने पर विचार कर रहा है-
• जिन मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों पर रेलों का आवागमन कम या नगण्य है, उन्हें बंद करना।
• वैकल्पिक रास्तों का निर्माण करके मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों को निकट के फाटक वाले/मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग, सब-वे/रोड अंडर ब्रिज/रोड ओवर ब्रिज से जोड़ा जाएगा।
• सब-वे/रोड अंडर ब्रिज की व्यवस्था।
• जिन मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों को उपरोक्त माध्यम से समाप्त नहीं किया जा सकता, वहां कर्मचारी की नियुक्ति।
मध्य रेलवे, पूर्वी रेलवे, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे जैसे चार जोनल रेलवे ने बड़ी लाईन पर मानवरहित रेलवे क्रॉसिंगों को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। संबंधित ब्यौरा इस प्रकार है-
क्र.स.
जोनल रेलवे
01.04.2018 को बड़ी लाईन पर मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग
प्रगति 2018-19 (अप्रैल से जून, 2018)
01.07.2018 को बड़ी लाईन पर मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग
11
मध्य रेलवे
0
0
0
22
पूर्वी रेलवे
0
0
0
33
पूर्व-मध्य रेलवे
448
10
438
44
पूर्व तटीय रेलवे
117
19
98
55
उत्तर रेलवे
606
58
548
66
उत्तर-मध्य रेलवे
83
19
64
77
उत्तर-पूर्व रेलवे
453
22
431
88
उत्तर-पूर्व फ्रंटियर रेलवे
151
54
97
99
उत्तर-पश्चिमी रेलवे
311
57
254
110
दक्षिणी रेलवे
185
52
133
111
दक्षिण-मध्य रेलवे
151
79
72
112
दक्षिण-पूर्वी रेलवे
149
73
76
113
दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे
0
0
0
114
दक्षिण-पश्चिम रेलवे
187
52
135
115
पश्चिमी रेलवे
638
115
523
116
पश्चिम मध्य रेलवे
0
0
0
कुल
3479
610
2869
यह सूचना आज लोकसभा में रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
(●) रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास
भारतीय रेल ने ए-1 और ए श्रेणी के रेलवे स्टेशनों के जैसा है जहां है के आधार पर पुनर्विकास करने की योजना के लिए विज्ञापन दिया है। विज्ञापन के जरिए रेलवे ने इच्छुक पार्टियों से खुली निविदा आमंत्रित की है। इस योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास करते समय स्टेशनों के आसपास की जमीन और ऊपरी क्षेत्र को उसकी व्यावसायिक उपयोगिता के आधार पर विकसित करना होगा। पहले चरण के तहत क्षेत्रीय रेलवे की ओर से शुरुआती स्तर पर 23 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए निविदा मंगाई गई है जिनमें से अब तक दो स्टेशनों, उत्तर रेलवे के जम्मू तवी स्टेशन और दक्षिण रेलवे के कोझिकोड स्टेशन के लिए निविदा प्राप्त हुई है जिनका मूल्यांकन किया जा रहा।
भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड को आनंद विहार, बिजवासन, चंडीगढ़, गांधी नगर, हबीबगंज और सूरत रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए निविदा मांगाने का जिम्मा सौंपा गया है। निगम अब तक सूरत स्टेशन, आनंद विहार, बिजवासन और चंडीगढ़ रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए निविदा मंगा चुका है।
रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) और एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड ने तिरुपति, दिल्ली, सराय रोहिल्ला, नैल्लोर, मडगांव, चारबाग, गोमती नगर, कोटा, थाणे न्यू, एर्नाकुलम जंक्शन, पुडुचेरी रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए करार किया है। इन स्टेशनों के विकास का काम विदेशी कंपनियों को दिया गया है। ऐसे में इसमें स्वेदशी कंपनियों की अनदेखी किए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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