नई दिल्ली, 04 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
वर्तमान समय में तंबाकू व धूम्रपान उत्पादों का युवा वर्ग में बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए अब पुलिस व आप पार्टी के विधायक तंबाकू मुक्त अभियान से जुड़ गए है। संबध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ), आप विधायक, मैक्स इंडिया फाउंडेशन और दिल्ली पुलिस ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (केाटपा) के तहत पश्चिमी जिले हरीनगर विधानसभा क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान चलाया। जिसमें विधायकों ने सार्वजनिक स्थान पर कोटपा का उल्लंघन करने वालों तथा तंबाकू बेचने वाले दुकानदारों को तंबाकू के खतरों से अवगत कराया वहीं गुलाब का फुल देकर उनको ऐसे उत्पादों का सेवन न करने के लिए प्रेरित भी किया। इस तरह की आप विधायकों की पहल देशभर में पहली बार की गई है।
पश्चिम जिले के आप विधायकों ने तंबाकू का सेवन करने वालों व बेचने वाले दुकानदारों को हानिकारक दुष्प्रभावों के बारे में बताया और उनसे इसके उपयोग को छोड़ने के लिए कहा, वहीं पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान कर रहें लोगों को समझाया और चालान की कार्यवाही की। विधायक ने कुछ दुकानों के बाहर तंबाकू के प्रचार प्रसार के होर्डिंग्स को भी हटवाया। इस मुहिम में विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने भी विधायक की इस पहल का स्वागत किया है। अभियान के दौरान उन्होंने कोटपा का उल्लंघन करने वालों को कोटपा बुकलेट के साथ गुलाब देकर इसके प्रावधानों का पालन करने की नसीहत दी।
वंही दिल्ली के पश्चिम जिले में पुलिस द्वारा कोटपा लागू करने का अभियान पुलिस उपायुक्त विजय कुमार के निर्देशों पर चलाया गया और स्कूल परिसर के 100 गज के भीतर एवं सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वाले और तंबाकू बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वर्षभर में करीब 40 हजार चालान कोटपा में हुए है।
हरीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जगदीप सिंह ने इस दौरान बताया कि कोटपा के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन और तम्बाकू उत्पादों को बढ़ावा देने, नाबालिगों द्वारा या उन्हें तंबाकू उत्पादों की बिक्री या स्कूलों के 100 गज की दूरी में इनकी बिक्री पर रोक लगाता है।
उन्होने कहा, कि वर्तमान समय में तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों का बढ़ता सेवन हम सभी के लिए चिंता का विषय है। दिल्ली में प्रतिदिन 81 से अधिक बच्चे इस तरह के जहरीले उत्पादों का सेवन शुरु करते है। इसके साथ ही 10 हजार से अधिक लोग प्रतिवर्ष मात्र इन्ही के सेवन से होने वाली बीमारियों से दम तोड़ देते है। सिगरेट व अन्य धूम्रपान उत्पादों का सेवन करने से उसके यूजर के साथ अन्य लोगों को भी इसके धुंए का सामना करना पड़ता है जोकि बढ़ता खतरा है।
इसके लिए जरुरी है कि हम हमारे शिक्षण संस्थान व सार्वजनिक स्थलों को तंबाकू मुक्त बनाये और लोगों को एक स्वस्थ वातावरण प्रदान करें। हमें इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर धूम्रपान विक्रय न करने की पहल करनी होगी। वंही सार्वजनिक स्थलों पर भी इस तरह के किसी उत्पाद का सेवन न करने की भी अपील की।
तंबाकू विक्रेताअेां को तंबाकू उत्पादों को नाबालिगों को नहीं बेचना चाहिए और यदि वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें अवश्य ही कानून के तहत दंडित किया जाना चाहिए।
• दिल्ली में 25 लाख यूजर
संबध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर डा• सोमिल रस्तौगी ने बताया कि ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वे 2016-17 के अनुसार, दिल्ली में 25 लाख से अधिक लोग धूम्रपान और चबाने वाले तम्बाकू का उपयोग करते हैं। तम्बाकू के कारण होने वाली बीमारियों के कारण सालाना देशभर में 10 लाख से अधिक लोग मर जाते हैं। राजधानी में स्मोकिंग करने वालों का 11.3 प्रतिशत जबकि चबाने वाले तंबाकू उत्पादों का उपयेाग करने वालों का 8.8 प्रतिशत है।
मैक्स अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ व वायॅस ऑफ टोबेको विक्टिमस (वीओटीवी) के डा• हरित चतुर्वेदी ने बताया कि तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों का प्रयोग एक सामाजिक बुराई है। इसको रोकने के लिए हम सभी को प्रयास करने चाहिए। विधायकों के द्वारा इस तरह की पहले देशभर के अन्य राजनीतिक पार्टियों व नेताओं के लिए अनूठा उदाहरण है। कोटपा को लागू करने में दिल्ली पुलिस भी एक सराहनीय काम कर रही है। इन सभी के सहयोगात्मक और प्रयास से लोगों में सकारात्मक सामाजिक व्यवहार देखने को मिलेगा।
गोरतलब है कि इससे पहले तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जरनेल सिंह, पश्चिम जिले के जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र के राजेश ऋषि, विकासपुरी निर्वाचन क्षेत्र के महेंद्र यादव इत्यादि विधायक भी इस मुहिम से जुड़कर अभियान के जरिए आम जनता को तंबाकू से होने वाले खतरों से जागरुक कर रहे है।
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