नई दिल्ली, 20 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
■ प्रधानमंत्री देहरादून में चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोहों का नेतृत्व करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 जून 2018 को देहरादून में चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोहों का नेतृत्व करेंगे। प्रधानमंत्री हिमालय की गोद में बसे देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान के मैदान में हजारों स्वयंसेवियों के साथ योग आसन अभ्यास में शामिल होंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे विश्व में योग से जुड़े अनेक आयोजन किये जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री इससे पहले 2015 में नई दिल्ली के राजपथ में आयोजित योग समारोह, 2016 में चंडीगढ़ के कैपीटोल कंप्लेक्स तथा 2017 में लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर सभा स्थल पर आयोजित योग समारोह में शामिल हुए थे।
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे विश्व के योग के उत्साही लोगों को बधाई देते हुए कहा कि योग प्राचीन भारतीय संतो द्वारा मानवमात्र को दिये गये मूल्यवान उपहारों में एक है।
प्रधानमंत्री ने कहा है ‘योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक अभ्यास नहीं है। यह स्वास्थ्य आश्वासन का पासपोर्ट है, तंदरूस्ती और सेहत की कुंजी है। योग केवल सुबह में किया जाने वाला शारीरिक अभ्यास नहीं है, परिश्रम और संपूर्ण जागरूकता के साथ की जाने वाली दैनिक गतिविधियां भी योग की प्रकार हैं’।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘’असंयम के विश्व में योग नियंत्रण और संयम का विश्वास है, मानसिक तनाव से गुजर रही दुनिया में योग शांति प्रदान करता है, विचलित विश्व में योग ध्यान में सहायता करता है, भय के विश्व में योग आशा, शक्ति और साहस का विश्वास कराता है’’।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पहले प्रधानमंत्री ने विभिन्न योग आसनों की जटिलताओं को सोशल मीडिया पर बताया। उन्होंने विश्व के अनेक स्थानों पर योग आसन कर रहे लोगों की तस्वीरें भी साझा की हैं।
■ उपराष्ट्रपति मुंबई में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेंगे
भारत के उपराष्ट्रपति एम• वैकैंया नायडु 21 जून 2018 को मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन सीलिंक प्रोमेनेड में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2018 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुंबई के एक संगठन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस भी शरीक होंगे।
स्वास्थ्य और रहन-सहन के प्रति योग के संपूर्ण आग्रह के चलते संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया। पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, इसलिए पूरी दुनिया में योगाभ्यास के फायदे के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कई देशों में 21 जून को योग अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।
इस साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम ‘शांति के लिए योग’ है।
■ योग प्रोत्साहन और विकास में असाधारण योगदान के लिए 2018 का प्रधानमंत्री पुरस्कार
वर्ष 2018 के लिए योग के प्रोत्साहन और विकास में असाधारण योगदान के लिए नासिक के विश्वास मांडलिक और योग संस्थान, मुम्बई को प्रधानमंत्री का पुरस्कार दिया जाएगा। यह चयन विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त 186 नामांकनों में से किया गया।
21 जून 2016 को चंडीगढ़ में आयोजित दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने योग के प्रोत्साहन और विकास के लिए पुरस्कार गठित करने की घोषणा की थी। आयुष मंत्रालय ने पुरस्कारों के लिए दिशा निर्देशों को विकसित किया। पुरस्कार तय करने में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए समितियां – स्क्रीनिंग समिति (प्रारंभिक मूल्यांकन के लिए) तथा मूल्यांकन समिति (निर्णायक मंडल) - बनाई गईं। खुले विज्ञापन के जरिए पुरस्कार के लिए नामांकन आमंत्रित किये गये।
आयुष सचिव की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग समिति ने 186 आवेदनों में से संक्षिप्त सूची बनाई। मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में निर्णायक मंडल ने स्क्रीनिंग समिति की जांच की और संक्षिप्त सूची में दर्ज संस्थानों तथा व्यक्तियों द्वारा किये गये योगदानों के बारे में अपना विश्लेषण भी किया। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाले निर्णायक मंडल में प्रधानमंत्री के अपर प्रधान सचिव, विदेश सचिव, आयुष सचिव, डॉ• एच• आर• नागेन्द्र, ओ• पी• तिवारी और डॉ• बी• एन• गंगाधर सदस्य थे।
सभी प्रासंगिक तथ्यों और प्राप्त जानकारी पर विचार करने के बाद निर्णायक मंडल ने चालू वर्ष के पुरस्कार के लिए विश्वास मांडलिक (व्यक्तिगत – राष्ट्रीय श्रेणी में) तथा योग संस्थान, मुम्बई (संगठन – राष्ट्रीय श्रेणी में) के नामों की सिफारिश की।
भारत सरकार ने नासिक के विश्वास गांडलिक तथा योग संस्थान, मुम्बई को योग प्रोत्साहन और विकास में उनके असाधारण योगदान के लिए 2018 के प्रधानमंत्री के पुरस्कार से सम्मानित करने की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। 2017 के लिए यह पुरस्कार राममणि आयंगर स्मारक योग संस्थान, पुणे को दिया गया था।
विश्वास मांडलिक ने प्रमाणिक पतंजलि और हठ योग का गूढ ज्ञान प्राप्त किया है। उन्होंने अध्ययन के जरिए भागवत गीता और उपनिषद का ज्ञान प्राप्त किया और पिछले 55 वर्षों के प्राचीन हस्तलिपियों का अध्ययन किया। उन्होंने 1978 में योग विधा धाम की पहली शाखा की स्थापना की। आज देश में इसके 160 केन्द्र हैं। उन्होंने योग शिक्षा के लिए 1983 में योग संस्थान – योग विद्या गुरूगुल की स्थापना की। उन्होंने 1994 में भारत के दूर दराज के हिस्सों में योग को लोकप्रिय बनाने के लिए योग चैतन्य सेवा प्रतिष्ठान, ट्रस्ट की स्थापना की। उन्होंने 42 पुस्तके लिखी और विभिन्न प्रशिक्षण पाठयक्रमों को कवर करते हुए 300 सीडी बनाये।
श्री योगेन्द्र जी द्वारा 1918 में स्थापित योग संस्थान, मुम्बई के 100 वर्ष पूरे हो गये हैं और संस्थान ने अपनी इस यात्रा में 10 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को छुआ है। संस्थान ने 5000 से अधिक योग शिक्षक तैयार किये हैं और 500 से अधिक प्रकाशन कार्य किये हैं। योग संस्थान ने पिछले 10 दशकों में समग्र योग के प्रोत्साहन और विकास में योगदान दिया है और स्थानीय तथा विश्व स्तर पर समाज के प्रत्येक वर्ग की सेवा की है।
पुरस्कार विजेताओं को एक ट्रॉफी, प्रमाण पत्र तथा नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। नकद पुरस्कार राशि 25 लाख रूपये की होगी।
■ राज्य मंत्री डॉ• जितेन्द्र सिंह जम्मू में योग दिवस कार्यकलापों में भाग लेंगे
केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन-शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ• जितेन्द्र सिंह चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जम्मू में योग दिवस कार्यकलापों में भाग लेंगे।
कार्मिक, जन-शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सिलसिले में विभिन्न कार्यकलापों का आयोजन किया। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने नॉर्थ ब्लॉक में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए योग प्रशिक्षण का आयोजन किया।
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