जम्मू कश्मीर में नहीं रही पीडीपी-भाजपा सरकार



नई दिल्ली, 19 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● महासचिव राम माधव ने की घोषणा

जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के बीच गठबंधन टूट गया है। भाजपा महासचिव और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के समक्ष यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि घाटी के हालातों को देखते हुए गठबंधन में रहना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी का पीडीपी को अब समर्थन देना संभव नहीं है। हमने राज्य सरकार में हमारे उप-मुख्यमंत्री कविन्द्र गुप्ता और अन्य सभी मंत्रियों से चर्चा की। सबकी सहमति से निर्णय लिया गया है जम्मू-कश्मीर में भाजपा अपना समर्थन वापस लेगी।

उन्होंने कहा कि चुनावी परिणाम में जम्मू का क्षेत्र पूर्ण रूप से भाजपा के पास था, वहीं घाटी में पीडीपी को सीटें मिली थीं। जनता ने खंडित जनादेश दिया था। उस दौरान हमने कॉमन प्रोग्राम बनाया था। पिछले तीन साल से ज्यादा समय से भाजपा की कोशिश रही कि सरकार अच्छी तरह चले। सरकार के दो मुख्य लक्ष्य थे - शांति तथा राज्य के प्रमुख हिस्सों में विकास को तेजी से आगे बढ़ाना। राज्य के हालातों को ठीक करने के लिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जो भी मदद मांगी है, केंद्र सरकार ने उन्हें वह दिया है। मदद मिलने के बावजूद राज्य सरकार घाटी में शांति कायम करने में असफल रही है। घाटी के विकास और अन्य कामों के लिए कुछ दिन पहले ही 18 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास कार्यों में राज्य की पीडीपी सरकार की ज्यादा दखलअंदाजी करने के कारण केंद्र सरकार काम नहीं कर पा रही है। कश्मीर में केंद्र सरकार जो काम करना चाहती है वो नहीं कर पा रही है। चूंकि प्रदेश में पूरी तरह से बीजेपी की सरकार नहीं है, इसलिए विकास कार्यों के परियोजनाओं पर भी बीजेपी नेताओं को परेशानी हो रही है। पीडीपी से अलग होने का फैसला देशहित और राष्ट्रहित को लेकर किया गया है। प्रदेश में गवर्नर प्रशासन लागू किया जाए और हालातों को काबू में करने की कोशिश की जाए।

पत्रकार शुजात बुखारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में मीडिया की आजादी अब खतरे में आ गई है। घाटी में जिस तरह से पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या की गई, वह निंदनीय है।

वहीं कविन्द्र गुप्ता ने कहा है कि हमारे सभी मंत्रियों, विधायकों ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

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