नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● ‘समावेशी परियोजना के लिए भारत में नवाचार’ हेतु भारत ने 125 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लिए विश्व बैंक के साथ ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए
‘समावेशी परियोजना के लिए भारत में नवाचार’ हेतु 125 मिलियन अमेरिकी डॉलर (समतुल्य) के आईबीआरडी ऋण के लिए 24 अप्रैल 2018 को नई दिल्ली में विश्व बैंक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस ऋण समझौते पर भारत सरकार की ओर से आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव समीर कुमार खरे और विश्व बैंक की ओर से विश्व बैंक (भारत) के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर हिशम अब्दो ने हस्ताक्षर किए।
इस परियोजना का उद्देश्य समावेशी विकास के साथ-साथ भारत में प्रतिस्पर्धी क्षमता को भी बढ़ाने के उद्देश्य से किफायती एवं अभिनव स्वास्थ्य देखभाल उत्पादों के सृजन को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना, स्थानीय उत्पादों के विकास को प्रोत्साहित करना और कौशल एवं बुनियादी सुविधाओं में महत्वपूर्ण खाई को पाटकर वाणिज्यीकरण प्रक्रिया में तेजी लाना है। इस परियोजना के तहत सार्वजनिक, निजी और शैक्षणिक संस्थानों के समूह (कंसोर्टियम) को आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि उन अहम बाजार विफलताओं से पार पाया जा सके जो फिलहाल भारत में एक अभिनव जैव-फार्मास्यूटिकल एवं चिकित्सा उपकरण उद्योग के विकास को अवरुद्ध कर रही हैं।
• इस परियोजना के निम्नलिखित हिस्से हैं:
I. ‘पायलट परियोजना से लेकर बाजार में पेश करने’ के अभिनव तंत्र को सुदृढ़ करना
II. विशिष्ट उत्पादों के लिए ‘पायलट परियोजना से लेकर बाजार में पेश करने’ की प्रक्रिया में तेजी लाना
III. परियोजना प्रबंधन और निगरानी एवं मूल्यांकन
‘समावेशी परियोजना के लिए भारत में नवाचार’ की समाप्ति की तिथि 30 जून, 2023 है।
https://www.indiainside.org/post.php?id=2467