26 करोड़ स्‍कूली बच्‍चों के लिए चाइल्‍डलाइन और पॉक्‍सो ई-बॉक्‍स सूचना



नई दिल्ली, 12 अप्रैल 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● मेनका संजय गांधी द्वारा केन्‍द्रीय मानव संसाधन मंत्री को दिए गए सुझाव के बाद अनोखी पहल

राष्‍ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने छठी कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा की सभी पाठ्य पुस्‍तकों के पीछे के कवर में चाइल्‍डलाइन (1098)-बच्‍चों के लिए 24x7 हेल्‍पलाइन और पॉक्‍सो ई-बॉक्‍स के सम्‍बन्‍ध में जानकारी प्रकाशित की है। सुरक्षा/शिकायतों के संभावित प्रकारों के सम्‍बन्‍ध में जानकारी से बच्‍चों को लैस करने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय और एनसीईआरटी से इस सूचना को प्रकाशित करने का अनुरोध किया था। पिछले वर्ष टेलीफोन पर हुई बातचीत में मेनका संजय गांधी ने प्रकाश जावड़ेकर से पॉक्सो ई-बॉक्स और चाइल्‍डलाइन 1098 को एनसीईआरटी प्रकाशनों, स्‍कूलों में बच्‍चों के यौन उत्‍पीड़न के बारे में शिक्षाप्रद फिल्‍मों के प्रदर्शन के जरिये लोकप्रिय बनाने और सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए कड़े नियम लागू करने का अनुरोध किया था।

महिला और बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने उनके सुझाव को लागू करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री और एनसीईआरटी को धन्‍यवाद दिया है और कहा है कि माता-पिता, अभिभावकों को बच्‍चों और उनके व्‍यवहार तथा किसी भी संदि‍ग्‍ध स्थिति के बारे में सतर्क रहना चाहिए और इसकी जानकारी तत्‍काल चाइल्‍डलाइन नंबर 1098 और पॉक्सो ई-बॉक्स को देनी चाहिए।

इन पाठ्यक्रम पुस्‍तकों के जरिए जानकारी 15 लाख स्‍कूलों के करीब 26 करोड़ स्‍कूली छात्रों तक पहुंचने की उम्‍मीद है। एनसीईआरटी को भी सलाह दी गई है कि इस मुद्दे पर सामाजिक विज्ञान की पुस्‍तक में भी अध्‍याय हो सकता है। यह जानकारी 12वीं कक्षा तक दी जा सकती है जिसका युवा मस्तिष्‍क पर अच्‍छा असर पड़ेगा।

इन पुस्‍तकों के रूप में जानकारी एनसीईआरटी की पुस्‍तकों के जरिए 10 लाख अध्‍यापकों साथ-साथ परिवार के सदस्‍यों और बच्‍चों की देख-रेख करने वालों के लिए भी उपलब्‍ध होगी। इस उपयोगी जानकारी से देश में बच्‍चों की सुरक्षा और उन्‍हें अधिकार संपन्‍न बनाने के लिए एक माहौल बनने के उम्‍मीद है।

चाइल्‍डलाइन 1098 परेशानी में पड़े बच्‍चों के लिए 24 घंटे की मुफ्त राष्‍ट्रीय आपात सेवा है। ये हेल्‍पलाइन देश के 412 स्‍थानों पर काम कर रही है। अप्रैल 2016- मार्च 2017 के दौरान चाइल्‍डलाइन को 1.45 करोड़ जबकि अप्रैल – नवम्‍बर 2017 के दौरान 78 लाख कॉल प्राप्‍त हुए। चाइल्‍डलाइन परेशानी में पड़े बच्‍चों को टेली काउंसलिंग अथवा शारीरिक रूप से छुड़ाकर सहायता प्रदान करती है।

● पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्‍चों की रक्षा) ई-बॉक्स

पॉक्‍सो ई-बॉक्‍स बच्‍चों के खिलाफ यौन अपराधों की आसान और प्रत्‍यक्ष जानकारी देने और अपराधी के खिलाफ पॉक्‍सो कानून 2012 के अंतर्गत समय पर कार्रवाही के लिए एक ऑनलाइन शिकायत प्रबंध प्रणाली है। पॉक्‍सो ई-बॉक्‍स की शुरुआत मेनका संजय गांधी ने 26.8.2016 को की थी। पॉक्‍सो ई-बॉक्‍स का लिंक है http://www.ncpcr.gov.in/user_complaints.php

https://www.indiainside.org/post.php?id=2340