नए वित्त वर्ष में 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं प्रेषण करेगी एनसीएल-पी.के.सिन्हा



---हरिओम पाण्डेय, सिंगरौली, 02, अप्रैल, 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज।

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पी.के.सिन्हा ने कहा है कि वित्त वर्ष 2017-18 में कंपनी के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए नए वित्त वर्ष 2018-19 में एनसीएल को एक बार फिर बड़े लक्ष्य दिए गए हैं। वित्त वर्ष 2018-19 में एनसीएल को 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने और 100 मिलियन टन ही कोयला डिस्पैच (प्रेषण) करने के लक्ष्य दिए गए हैं, जो किसी वित्त वर्ष के लिए कंपनी को दिए गए अब तक के सबसे बड़े लक्ष्य हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ठोस योजनाओं, सधी हुई श्रमशक्ति, कामगारों की निष्ठा, समर्पण तथा टीम वर्क की बदौलत एनसीएल नए वित्त वर्ष में भी समय रहते इन लक्ष्यों को पूरा करते हुए नए बेंचमार्क स्थापित करेगी। श्री सिन्हा एनसीएल मुख्यालय में सोमवार को पत्रकारों से मुखातिब थे।
कंपनी की भावी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 तक एनसीएल को 110 मिलियन टन कोयला उत्पादन करना है, जिसके लिए एनसीएल ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस लक्ष्य को देखते हुए जंयत एवं दुधिचुआ कोयला क्षेत्रों (एरिया) की सालाना कोयला उत्पादन क्षमता 20-20 मिलियन टन करने के प्रोजेक्ट रिपोर्ट स्वीकृति मिल चुकी है और इनके पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। ब्लॉक-बी क्षेत्र की सालाना कोयला उत्पादन क्षमता को 3.5 मिलियन टन से बढ़ाकर 8 मिलियन टन किए जाने की प्रकिया भी चल रही है। बीना-ककरी क्षेत्रों को एकीकृत कर उसकी कुल क्षमता 10 मिलियन टन किए जाने की दिशा में भी एनसीएल तेजी से प्रयासरत है।
श्री सिन्हा ने जानकारी दी कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी के कृष्णशिला क्षेत्र को 0.75 मिलियन टन अतिरिक्त कोयला उत्पादन की पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त हुई। इसके साथ ही कृष्णशिला क्षेत्र की वार्षिक कोयला उत्पादन हेतु पर्यावरण स्वीकृति 6.25 मिलियन टन से बढ़कर 7 मिलियन टन हो गई है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में एनसीएल द्वारा किए गए रिकॉर्ड प्रेषण का परिणाम है कि आज एनसीएल के सभी पिट हेड पावर प्लांट्स के पास पर्याप्त कोयला स्टॉक है। साथ ही, एनसीएल ने आगामी मानसून के मद्देनजर कोयला उत्पादन एवं प्रेषण प्रभावित नहीं होने देने के लिए पूरी तैयारी अभी से कर ली है और कंपनी मानसून सीजन में अपने कोयला ग्राहकों को कोयले की किल्लत बिल्कुल नहीं होने देगी।
श्री सिन्हा ने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान कंपनी की विशिष्ट उपलब्धियों में भारी मशीनों एवं उनके स्पेयर पार्ट्स की कमी को दूर किए जाने का भी बड़ा योगदान रहा है। इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने लगभग 172 करोड़ रुपए की मशीनें खरीदीं, जिनमें 06 नए वाटर स्प्रिंक्लर और 103 डंपर शामिल हैं। साथ ही, कंपनी ने स्पेयर पार्ट्स की खरीद पर लगभग 625 करोड़ रुपये खर्च किए।
श्री सिन्हा ने जानकारी दी कि पिछले वित्त वर्ष में एनसीएल ने भारी मशीनों एवं स्पेयर्स की खरीद, जमीन, इन्फ्रास्ट्रक्टर आदि के विस्तार सहित कंपनी के विकास से जुड़े कार्यों पर लगभग 600 करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर किया और नए वित्त वर्ष में इन कार्यों को काफी गति देते हुए 1100 करोड़ रुपये से अधिक का कैपिटल एक्सपेंडिचर करने का कंपनी का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्र के लिए कोयला उत्पादन के अलावा एनसीएल की गिनती निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) एवं पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाली कंपनियों में होती है। वित्त वर्ष 2017-18 में कंपनी ने सीएसआर से जुड़े कार्यों पर लगभग 38 करोड़ रूपये खर्च किए। वित्त वर्ष 2017-18 में कंपनी ने 197 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 5 लाख 2 हजार 8 सौ पौधे लगाए और इसके साथ ही कंपनी द्वारा अब तक किए गए पौधारोपण की संख्या बढ़कर लगभग 2 करोड़ 34 लाख से अधिक हो गई है।
श्री सिन्हा ने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में कंपनी की कल्याणकारी गतिविधियां भी सुचारू रूप से संपन्न कराई गईं। विभिन्न परियोजनाओं में 275 नए आवासों के निर्माण कार्य के साथ-साथ 5400 आवासों की थौरो रिपेयरिंग के कार्य संपन्न कराए गए हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2017-18 की अपनी सभी अंतर क्षेत्रीय एवं आमंत्रण खेल प्रतियोगिताएं समय से पूरी कर ली हैं। इस दौरान कंपनी ने दो कोल इंडिया अंतर कंपनी खेल प्रतियोगिताओं न सिर्फ आयोजन किया, बल्कि दोनों प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया। निगाही में खेली गई अंतर कंपनी फुटबॉल प्रतियोगिता में एनसीएल विजेता, जबकि ककरी में खेली गई कबड्डी प्रतियोगिता में उपविजेता बनी।
एनसीएल एडेड स्कूलों को वित्त वर्ष के दौरान लगभग 22.42 करोड़ रूपये का डेफिसिट ग्रांट दिया गया तथा एनसीएल कर्मियों के वैसे बच्चे जो सरकारी कॉलेजों में मेडिकल या इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं, उनकी लगभग 46.20 लाख रूपये की फीस रीइंबर्स की गई। साथ ही, कंपनी ने सिंगरौली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन को 25 लाख रुपए का सहयोग भी दिया।
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी के कार्यों को पुरस्कारों के जरिये भी सराहना मिली। गत 1 नवम्बर को कोल इंडिया स्थापना दिवस पर एनसीएल को पर्यावरणीय प्रबंधन एवं सीएसआर में बेहतरीन कार्य के लिए क्रमशः प्रथम पुरस्कार एवं द्वितीय पुरस्कारों से नवाजा गया। साथ ही, कंपनी को उत्कृष्ट एमओयू रेटिंग हेतु भी पुरस्कृत किया गया। अपनी ब्रैंड इमेज को बढ़ावा दिये जाने हेतु सोशल मीडिया के बेहतरीन इस्तेमाल के लिए कंपनी को को 02 पीआरएसआई पुरस्कारों से नवाजा गया।
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2017-18 में एनसीएल ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए रेकॉर्ड 93.01 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, 96.73 मिलियन टन कोयला प्रेषित किया। कंपनी को इस वित्त वर्ष के लिए 93 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं 93 मिलियन टन कोयला प्रेषण की जिम्मेदारी दी गई थी।
श्री सिन्हा द्वारा पत्रकारों से बातचीत किए जाने के अवसर पर कंपनी के निदेशक (तकनीकी/संचालन) गुणाधर पांडेय और निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) पी.एम.प्रसाद उपस्थित थे।

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