खबरें विशेष : भारतीय रेल



नई दिल्ली, 21 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●) 17.63 लाख वरिष्ठ नागरिकों ने यात्री किराये पर सब्सिडी छोड़ी

● वरिष्ठ नागरिकों द्वारा सब्सिडी छोड़ने का विकल्प अपनाने से भारतीय रेलवे को 28.98 करोड़ रुपये की बचत हुई है

भारतीय रेलवे ने सब्सिडी छोड़ने का विकल्प अपनाने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या में 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्री किराये में 100 प्रतिशत तक रियायत छोड़ने का विकल्प पहले से ही उपलब्ध था। यही नहीं, 22 जुलाई, 2017 से वरिष्ठ नागरिकों को यह विकल्प दिया गया कि या तो वे रेल टिकटों पर उपलब्ध पूर्ण रियायत अथवा इसके आधे से लाभ उठाएं।

22 फरवरी, 2018 तक 9.08 लाख वरिष्ठ नागरिकों ने यात्री किराये पर शत-प्रतिशत सब्सिडी छोड़ दी, जबकि 8.55 लाख वरिष्ठ नागरिकों ने यात्री किराये पर 50 प्रतिशत सब्सिडी छोड़ दी। चालू वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान वरिष्ठ नागरिकों द्वारा सब्सिडी छोड़ने के कारण 28.98 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

मौजूदा समय में पुरुष वरिष्ठ नागरिकों को कुल यात्री किराये पर 40 प्रतिशत रियायत और महिला वरिष्ठ नागरिकों को कुल यात्री किराये पर 50 प्रतिशत रियायत मिलती है। वैसे तो यात्री किराये पर रियायत पाने वालों में खिलाड़ियों और दिव्यांगजनों सहित यात्रियों की कई श्रेणियां शामिल हैं, लेकिन इस दृष्टि से प्रमुख लाभार्थी वरिष्ठ नागरिकों के संवर्ग में ही हैं।


(●) आईआरसीटीसी ने वेंडरों द्वारा अधिक खाद्य वस्‍तुओं की अधिक कीमत लिये जाने पर अंकुश लगाने के लिए रेलगाडियों में प्‍वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) हैंड हेल्‍ड मशीनों के जरिए बिलिंग आरंभ किया

● पीओएस बिलिंग मशीन रेलगाडियों में चरणबद्ध तरीके से लगायी जा रही हैं

● वर्तमान में यह प्रायोगिक आधार पर ट्रेन संख्‍या 2627- 28, एसबीसी – एनडीएलएस कर्नाटक एक्‍सप्रेस में उपलब्‍ध है

● अगले चरण में 26 रेलगाड़ियों में 100 पीओएस मशीन लगायी जायेगी

रेल यात्रियों को रेल यात्रा के दौरान रेलगाड़ियों में बेची जाने वाली खाद्य वस्‍तुओं की कीमत एवं मेनू के बारे में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाते हुए, आईआरसीटीसी रेलगाडियों में प्‍वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) हैंड हेल्‍ड मशीनों के जरिए बिलिंग आरंभ कर रही है। कुछ रेल यात्रियों ने रेलगाडियों में वेंडरो द्वारा खाद्य वस्‍तुओं की अधिक कीमत लिये जाने की शिकायत की है। आईआरसीटीसी नियमित रूप से यात्रियों के अनुकूल कदम उठाती रही है जिससे कि रेलगाड़ियों में यात्रा करने वाले यात्रियों को आरामदायक कैटरिंग सेवाएं तथा अहम जानकारियों की सूचना दी जा सके। इस कदम से न केवल यात्रियों को आवश्‍यक सूचना उपलब्‍ध कराने में मदद मिलेगी बल्कि इससे यात्रियों की संतुष्टि में भी सुधार आएगा।

पीओएस बिलिंग मशीन रेलगाडियों में चरणबद्ध तरीके से लगायी जा रही हैं। आईआरसीटीसी पहले ही प्रायोगिक आधार पर ट्रेन संख्‍या 2627- 28, एसबीसी – एनडीएलएस कर्नाटक एक्‍सप्रेस में पीओएस मशीन लगा चुकी है। इसके बाद अगले चरण में 26 रेलगाड़ियों में 100 पीओएस मशीन लगायी जायेगी। चिन्ह्ति 26 रेलगाडियों के 50 रेक (एक रेलगाडी के निर्माण के लिए कोचों की संरचना) हैं। रेलगाड़ी के प्रत्‍येक रेक में दो – 2 पीओएस मशीन लगायी जायेगी, जिसमें उपयोग तथा यात्रियों से प्राप्‍त प्रतिक्रिया के अनुरूप धीरे धीरे बढ़ोत्‍तरी की जाएगी। आईआरसीटीसी कैटरिंग सेवाओं की निगरानी करने के उदेश्‍य से इन रेलगाड़ियों में अपने अधिकारियों की भी नियुक्ति भी करेगी। इन अधिकारियों को टैबलेट्स (टैब) भी उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं जिनका उपयोग यात्रियों की प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए किया जाएगा।

ऑन बोर्ड सेवाओं को प्रबंधित करने वाले सेवा प्रदाताओं को पीओएस मशीन के उपयोग के लिए नोएडा स्थित इसके सेंट्रल किचन में प्रशिक्षित भी किया जा रहा है जिसमें एमआईएस को प्रबंधित करने की क्षमता है। पहले बैच के लिए प्रशिक्षण 21.3.2018 से आरंभ होगा और 24.3.2018 तक जारी रहेगा।


(●) रेल मंत्रालय की उपनगरीय सेक्‍शन में सुधार और अन्‍य रेल क्षेत्र में भीड़ कम करने के लिए बैंगलुरु क्षेत्र में चौगुना कार्य करने की मंजूरी

● बैंगलुरु और व्‍हाइटफिल्‍ड के बीच दो अतिरिक्‍त लाइनों से आईटी केंद्र के क्षेत्र में रोजाना यात्रा करने वाले 62,000 लोग लाभान्वित होंगे

● रेल मंत्रालय ने बैंगलुरु क्षेत्र और उसके आस-पास क्षमता विस्‍तार कार्य के लिए लगभग 1500 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी

रेल मंत्रालय ने लाइन क्षमता बढ़ाने, विशेष रूप से उपनगरीय यात्रियों की आवश्‍यकता को ध्‍यान में रखते हुए 492.87 करोड़ रुपये की लागत से बैंगलुरु कैंट से व्‍हाइटफील्‍ड तक अतिरिक्‍त दो लाइन (मौजूदा दो लाइन के आस-पास एक-एक लाइन) के प्रावधान के साथ परियोजना को चौगुना करने की मंजूरी दी।

भीड़ कम करने के उपाय के रूप में बैंगलुरु और व्‍हाइटफील्‍ड के बीच दो अतिरिक्‍त लाइनों से इस व्‍यस्‍त सेक्‍शन को सुगम बनाने का निर्णय लिया गया है। 25 किलोमीटर के इस क्षेत्र में 6 महत्‍वपूर्ण स्‍टेशन-बैंगलुरु कैंटोनमेंट, बैंगलुरु पूर्व, बैयाप्पनहल्ली, कृष्‍णराजपुरम, खुदी और व्‍हाइटफील्‍ड होंगे। इससे बैंगलुरु में इस सेक्‍शन पर रोजाना यात्रा करने वाले 62000 लोगों को लाभ होगा।

इस परियोजना पर तुंरत कार्य शुरू कर दिया जाएगा और इसे दो से तीन वर्ष की अवधि के भीतर पूरा करने की योजना है। यह बैंगलुरु की स्‍थानीय जनता विशेष रूप से व्‍हाइटफील्‍ड क्षेत्र के आईटी केन्‍द्र के लोगों के लिए वरदान होगा। वर्तमान में क्रमश: बैंगलुरु और यशवन्‍तपुर से 146 और 94 रेलगाडि़यां चल रही हैं, जिनमें से 122 रेलगाडि़यां उपनगरीय यात्रियों की जरूरतों को पूरा करती है।

इन उपनगरीय रेलगाडि़यों में से अधिकतर रेलगाडि़यां बैंगलुरु में व्‍हाइटफील्‍ड सेक्‍शन में चलती हैं। यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए पिछले डेढ़ वर्ष में ही बैंगलुरु क्षेत्र में सात लम्‍बी दूरी की रेलगाडि़यों के साथ ही 26 उपनगरीय रेल सेवाएं भी शुरू की गई हैं। हाल ही में केएसआर बैंगलुरु-बैयाप्‍पनहल्‍ली और बैयाप्‍पनहल्‍ली-बैंगलुरु के बीच चार उपनगरीय रेल सेवाएं शुरू की गई हैं। केएसआर बैंगलुरु-व्‍हाइटफील्‍ड की रेलवे लाइन पर अब भीड़ बढ़ गई है।

बैंगलुरु-व्‍हाइटफील्‍ड के बीच की लाइन को चौगुना करने की परियोजना को 1997-98 के दौरान मंजूरी दी गई थी, लेकिन यह कार्य भूमि लागत/उपलब्‍धता आदि के कारण लम्बित थी। हालांकि बाद में शहरी विकास मंत्रालय ने बैंगलुरु मेट्रो के विस्‍तार सहित कृष्‍णराजपुरम और व्‍हाइटफील्‍ड स्‍टेशनों के पारगमन उद्गम विकास (पीओडी) की सिफारिश की थी और चौगुना करने की परियोजना को व्‍यावहारिक ना मानकर इस पर अमल न करने का निर्णय लिया गया था।

अन्‍य कार्य

उपरोक्‍त कार्यों के अलावा रेल मंत्रालय ने बजट 2018-19 में बैंगलुरु क्षेत्र के आस-पास निम्‍नलिखित दोहरीकरण कार्यों को मंजूरी दी, जिससे उपशहरीय रेलगाडि़यों सहित अतिरिक्‍त रेल सेवाओं के लिए इस सेक्‍शन में लाइन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी :

● 169.64 करोड़ रुपये की लागत से यशवंतपुर- बैयाप्‍पनहल्‍ली–चन्‍नसन्‍द्रा (21.70 किलोमीटर) के बीच पटरी का दोहरीकरण।
● 375.66 करोड़ रुपये की लागत से बैयाप्‍पनहल्‍ली-होसुर (48 किलोमीटर) के बीच पटरी का दोहरीकरण।

अत्‍यधिक भीड़ वाले बैंगलुरु स्‍टेशन पर और रेल सेवाएं शुरू करने के लिए भीड़ कम करने के कार्यों के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए हैं।

उपरोक्‍त राशि हाल ही में पूरे किये गये कार्यों के अतिरिक्‍त है। इनमें लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से यशवंतपुर-येलाहंका और येलाहंका-चन्‍नसन्‍द्रा सेक्‍शन पर दोगुना विद्युतीकरण कार्य और बैंगलुरु तथा यशवंतपुर में मौजूदा टर्मिनल पर भीड़ कम करने के लिए 152 करोड़ रुपये की लागत से बैयाप्‍पनहल्‍ली पर नए कोचिंग टर्मिनल विकसित करने के जारी प्रमुख कार्य शामिल हैं। इस प्रकार रेल मंत्रालय ने पिछले दो-तीन वर्षों में बैंगलुरु और इसके आस-पास लाइन क्षमता विस्‍तार कार्य के लिए लगभग 1500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिससे उपनगरीय रेलगाडि़यों सहित अतिरिक्‍त रेलगाडि़यां चलाने में काफी मदद मिलेगी।

ये कार्य राज्‍य सरकार के साथ लागत में साझेदारी के प्रस्‍ताव की प्रतीक्षा किए बगैर रेल मंत्रालय द्वारा स्‍वयं की लागत पर आवंटित किए गए हैं। ये कार्य कर्नाटक सरकार (बजट 2018-19 में घोषित) के साथ संयुक्‍त उद्यम आधार पर लगभग 17000 करोड़ रुपये की कुल लागत से बैंगलुरु क्षेत्र के लिए उपनगरीय रेल प्रणाली (एलिवेटेड कोरिडोर सहित) की प्रस्‍तावित परियोजना के अतिरिक्‍त है। इस परियोजना पर चर्चा जारी है।

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