जयपुर, 16 मार्च, 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● भारत में कौशल विकास के सपने के चार महत्वपूर्ण स्तंभ हैं -- उद्योग, शिक्षाविद, विद्यार्थी और सरकार : लेफ्टिनेंट जनरल डॉ• एस•पी• कोचर
भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) ने कौशल विकास पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया किया। 'स्किलिंग फॉर बेस्ट इंडिया' की थीम पर आयोजित इस सम्मेलन को उद्योगों के विशेषज्ञ और शिक्षाविदों का साथ हासिल है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में कौशल विश्वविद्यालयों की भूमिका, सरकारी नीतियों का लाभ उठाने और उद्योगों व अकादमिक जगत के बीच विचार-विमर्श जैसे सत्र रखे गए।
छात्रों, उद्योग विशेषज्ञों और शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए, डॉ• (ब्रिगेडियर) एस•एस• पाब्ला ने कहा, 'हम बीएसडीयू कैम्पस में कौशल विकास पर पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करते हुए बहुत प्रसन्न हैं। स्किल इंडिया को शिक्षा के स्विस ड्यूल सिस्टम जैसी आधुनिक अवधारणा की आवश्यकता है, बीएसडीयू में जिसकी नींव हमारे संस्थापक आर•के• जोशी ने डाली। देश में बेरोजगारी की दर बहुत उच्च है, जिसे जमीनी स्तर पर हल करने की जरूरत है। शिक्षा की इस दोहरी प्रणाली में एक छात्र-एक मशीनरी के सिद्धांत पर काम किया जाता है जो विद्यार्थियों के कॅरियर ग्राफ में महत्वपूर्ण योगदान देती है।'
जोशी फाउंडेशन की संस्थापक उर्सुला जोशी ने कहा, 'स्किल इंडिया की क्रांतिकारी पहल में हमारे योगदान के रूप में हमारा लक्ष्य प्रतिभा के साथ सीखने के अनुभव बेहतरीन मिश्रण करते हुए उन्हें उद्योग में काम करने के लिए तैयार मानव-संसाधन के रूप में पेश करना है। भारत को आधुनिक कौशल से सम्पन्न देखना डॉ•जोशी का सपना रहा है।'
टेलीकॉम सेक्टर स्किल कौंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एस•पी• कोचर ने कहा, 'उद्योग, अकादमी, सरकार और छात्र स्किल इंडिया के महत्वपूर्ण आधार-स्तंभ हैं। उद्योग को सबसे कुशल मानव संसाधनों की जरूरत तो है लेकिन उन्हें अपने काम के अनुरूप राशि का भुगतान नहीं मिलता। दूसरी तरफ, छात्र भी उस जॉब को स्वीकार कर लेते हैं जो उन्हें सबसे पहले मिलता है, भले ही उसके लायक स्किल उनमें हो या नहीं। उद्योग की जरूरतों और उपलब्ध प्रतिभा-पूल के बीच अंतराल को भरने के लिए सरकार भी प्रतिभा पूल भी बना रही है, लेकिन इसकी भी कुछ सीमाएं हैं। अकादमियां एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं क्योंकि इन्हीं के जरिए एक व्यक्ति सबंधित विषय और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के सबसे पहले संपर्क में आता है। अगर यह चार स्तंभ एक साथ मिल जाएं और साथ मिल कर काम करने लगे तो स्किल इंडिया के सपने का जल्द से जल्द साकार होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।'
उद्घाटन सत्र में आरयूजे समूह और बीएसडीयू की संस्थापक उर्सुला जोशी सहित, टेलीकॉम सेक्टर स्किल कौंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एस•पी• कोचर, भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ• (ब्रिगेडियर) एस•एस• पाब्ला, बीएसडीयू में प्रोफेसर कुमकुम गर्ग, बीएसडीयू के रजिस्ट्रार डॉ• जी•एम•जे• भट्ट, बीएसडीयू के प्रोवोस्ट कर्नल रवि गोसैन, आरयूजेसीटी के अध्यक्ष जयंत जोशी और अन्य गणमान्य हस्तियों ने भागीदारी की।
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