दिल्ली स्वच्छ वायु अभियान : उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश



नई दिल्ली, 19 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●) दिल्ली स्वच्छ वायु अभियान : केन्द्र ने धूलकण की मात्रा में कमी लाने के उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश जारी किया

केन्द्र सरकार ने हरियाणा और उत्तरप्रदेश के सरकारों से अनुरोध किया है कि वे गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे निकटवर्ती शहरों में वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए सभी उपाय करें, ताकि दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता बेहतर हो सके।

राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे बड़ी मात्रा में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, वाहन से होने वाले प्रदूषण तथा ट्रैफिक जाम के मामलों में घटनास्थल पर जाकर जरूरी निर्णय लें, कचड़े को जलाने पर लगे प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करें और इसका उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक दंड लगाएं, फ्लाई-एस का प्रबंधन करें, ईंट-भट्टों का निरीक्षण करें और यह देखें कि क्या नियमों का पालन किया जा रहा है ?, तथा खुले क्षेत्रों में और पौधारोपण को प्रोत्साहन दें। वायु प्रदूषण पर जन जागरूकता को विशेष महत्व दें। केन्द्रीय पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव सी• के• मिश्रा ने कहा, “दिल्ली में फैले वायु प्रदूषण का प्रभाव आसपास के क्षेत्रों पर पड़ता है। इसी प्रकार गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद जैसे निकटवर्ती नगरों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए किए गए उपायों का प्रभाव दिल्ली की हवा की गुणवत्ता पर पड़ता है।” दिल्ली में किए जा रहे उपायों को इन नगरों में भी लागू किया जाना चाहिए। स्वच्छ वायु अभियान के तहत उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए टीमों की तैनाती की जानी चाहिए। राज्य सरकार तथा नियामक संस्थाओं के अधिकारियों को शामिल करके इन टीमों का गठन किया जा सकता है।

केन्द्र सरकार ने डीएमआरसी, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, सीआरईडीएआई और एनबीसीसी को धूलकण में कमी लाने के उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। धूलकण के मानकों के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचना में जानकारी उपलब्ध कराई गई है। अभियान के शुभारंभ के बाद हवा की गुणवत्ता बेहतर हुई है।


(●) स्वच्छ वायु अभियान से दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव : पर्यावरण मंत्रालय

केन्द्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा दिल्ली सरकार के सहयोग से 10 फरवरी, 2018 को संयुक्त स्वच्छ वायु अभियान की शुरूआत की गई है। पहले सप्ताह में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है।

केन्द्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, दिल्ली सरकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) तथा नगर निगमों के अधिकारियों को शामिल करते हुए 70 टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों ने 10 फरवरी, 2018 को संबंधित क्षेत्रों का दौरा किया। पूरे दिन तक चलने वाले दौरों की शुरूआत 12 फरवरी को हुई। इन टीमों ने अब तक नियम उल्लंघन के 4,347 मामले दर्ज किए हैं। कुल 54 करोड़ रुपये मूल्य के 1,892 मामलों में चालान जारी किया गया है।

अभियान की शुरुआत के बाद केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों से यह पता चलता है कि अभियान के प्रारंभ में वायु गुणवत्ता का स्तर ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में था। 12 से 15 फरवरी तक यह ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा। 16, 17 और 18 फरवरी को वायु गुणवत्ता का स्तर ‘खराब’ श्रेणी में रहा।

2017 से तुलना करें तो प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी आई है। पिछले वर्ष मध्यम श्रेणी के अंतर्गत कोई भी दिन नहीं था। इस वर्ष 16, 17 और 18 फरवरी को भी प्रदूषण स्तर में कमी दर्ज की गई है।

वायु गुणवत्ता औऱ मौसम पूर्वानुमान तथा शोध प्रणाली (एसएएफएआर) के अनुसार स्वच्छ वायु अभियान से हवा के प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय कमी आई है।

अभियान में प्राप्त अनुभवों का उपयोग प्रदूषण कम करने की गतिविधियों में किया जाएगा। इस दौरान सभी हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श हुआ है। स्वच्छ वायु अभियान 23 फरवरी तक जारी रहेगा।

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