अबुजा। नॉबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मलाला युसुफजई ने नाइजीरिया में शिक्षा व्यवस्था को तत्काल ठीक करने की अपील की है। लड़कियों की शिक्षा के लिए आवाज उठाने वाली मलाला ने इनमें से कुछ स्कूली लड़कियों से मुलाकात भी की। वैश्विक शिक्षा के लिए अभियान चलाने वाली मलाला (20) ने नाइजीरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति यमी ओसिनबाजो से उनके सरकारी आवास पर भेंट कर उन्हें कुछ सलाह दी।
यूनिसेफ के अनुसार नाइजीरिया में एक करोड़ पांच लाख बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं, जो कि दुनियाभर में सबसे अधिक है। स्कूल नहीं जाने वाले इन बच्चों में 60 फीसदी लड़कियां हैं। इनमें से ज्यादातर बच्चे देश के उत्तरपूर्वी क्षेत्र से हैं। यहां पिछले नौ वर्षों में बोको हराम के ऊभरने के कारण शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो गई है। इस आतंकवादी संगठन ने क्षेत्र के स्कूलों और कक्षाओं को नष्ट कर दिया है। लड़कियों की शिक्षा के लिए आवाज उठाने की वजह से साल 2012 में तालिबान ने पाकिस्तान में मलाला को गोली मार दी थी।
यहां संवाददाताओं से बात करते हुए मलाला ने कहा, “मैंने कुछ मुद्दे उठाये हैं। मैंने सबसे पहले सरकार से शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने की मांग की है क्योंकि नाइजीरियाई लड़कियों और लड़कों के लिए यह बेहद जरूरी है।” उन्होंने कहा, “संघीय सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय सरकारों को इसके लिए एकजुट होना चाहिए। दूसरी बात खर्च की जा रही रकम सार्वजनिक हो और तीसरी बात कि बाल अधिकार अधिनियम सभी राज्यों में लागू किया जाना चाहिए।” मलाला ने कहा है कि उन्हें ओसिनबाजो से इस बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
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