नई दिल्ली, 09 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) बिहार एवं उत्तर प्रदेश के संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों से लोकसभा में और बिहार की राज्य विधानसभा में आकस्मिक रिक्तियां भरने के लिए उप-चुनाव का कार्यक्रम
विभिन्न राज्यों के संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों (पीसी) से लोकसभा में स्पष्ट रिक्तियां हैं, जिन्हें भरने की जरूरत है।
क्र.सं.
राज्य
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की संख्या और नाम
1
बिहार
9 – अररिया
2
उत्तर प्रदेश
51 – फूलपुर, 64 – गोरखपुर
बिहार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की राज्य विधान सभा में स्पष्ट रिक्तियां हैं, जिन्हें भरने की जरूरत है।
क्र. सं.
राज्य
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्या और नाम
1
बिहार
205 – भभुआ, 216 – जहानाबाद
स्थानीय त्योहारों, निर्वाचक सूचियों के प्रकाशन, मौसम की स्थिति जैसे विभिन्न कारणों पर विचार करने के बाद आयोग ने निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार इन रिक्तियों को भरने के लिए उप-चुनाव कराने का निर्णय लिया हैः-
चुनाव
कार्यक्रम
गजट अधिसूचना जारी होने की तिथि
13.02.2018 (मंगलवार)
नामांकन की अंतिम तिथि
20.02.2018 (मंगलवार)
नामांकन पत्रों की जांच की तिथि
21.02.2018 (बुधवार)
नाम वापस लेने की अंतिम तिथि
23.02.2018 (शुक्रवार)
मतदान की तिथि
11.03.2018 (रविवार)
मतगणना की तिथि
14.03.2018 (बुधवार)
तिथि जिसके पहले चुनाव संपन्न होगा
16.03.2018 (शुक्रवार)
• निर्वाचक सूची
01.01.2018 के संदर्भ में बिहार की निर्वाचक सूचियां पहले ही प्रकाशित की जा चुकी हैं और ये उप-चुनाव के लिए इस्तेमाल में लाई जाएंगी। उत्तर प्रदेश के 51-फूलपुर पीसी और 64-गोरखपुर पीसी के 01.01.2018 के संदर्भ में निर्वाचक सूची अंतत: 09.02.2018 को प्रकाशित की जा चुकी है।
• इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) तथा वीवीपीएटी
आयोग ने सभी मतदान केन्द्रों पर ईवीएम तथा वीवीपीएटी का उपयोग करने का निर्णय लिया है। पर्याप्त संख्या में ईवीएम तथा वीवीपीएटी उपलब्ध कराई गई हैं और इन मशीनों की सहायता से सुचारू रूप से चुनाव संपन्न कराना सुनिश्चित किया गया है।
• सेवा मतदाता के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र प्रणाली (ईटीपीबीएस)
उपर्युक्त निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र सेवा मतदाताओं को डाक मतपत्र प्रेषित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र प्रणाली (ईटीपीबीएस) का उपयोग किया जाएगा।
• मतदाताओं की पहचान
पिछली प्रथा के अनुरूप आयोग ने इन उप-चुनावों में मतदान के समय मतदाता की पहचान को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है। निर्वाचन फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) किसी भी मतदाता की पहचान का प्रमुख दस्तावेज होगा। हालांकि, मतदाता सूची में शामिल कोई भी मतदाता मतदान करने से वंचित न रह जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए इन उप-चुनावों में मतदान के समय पहचान के दूसरे दस्तावेजों की अनुमति देने के बारे में अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे।
• आदर्श आचार संहिता
आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से उन जिलों में लागू होगी जिनमें उपर्युक्त संसदीय/विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का पूरा या कोई भी हिस्सा आता है, जिसके लिए आंशिक संशोधन को ध्यान में रखना होगा। इसके लिए आयोग की निर्देश संख्या 437/6/आईएनएसटी2016-सीसीएस दिनांक 29 जून, 2017 (आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध) देखें। आदर्श आचार संहिता सभी उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों तथा संबंधित राज्य सरकार पर लागू होगी। संबंधित राज्य या राज्यों के संदर्भ में आदर्श आचार संहिता केन्द्र सरकार पर भी लागू होगी।
भारत निर्वाचन आयोग
नई दिल्ली, 09 फरवरी, 2018
https://www.indiainside.org/post.php?id=1728