नई दिल्ली, 02 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) नील रॉय और अद्वैत पागे स्वर्ण पदक की ओर
महाराष्ट्र के नील रॉय ने लड़कों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी में सबसे तेज क्वालीफाइंग समय निकाला। उन्होंने 50 मीटर बटरफ्लाई फाइनल के लिए भी क्वालीफाई किया है। उल्लेखनीय है कि यहां डॉ• एसपीएम तरणताल परिसर में आयोजित खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में तैराकी प्रतिस्पर्धा में वे पदक के दावेदार बन गए हैं।
200 मीटर व्यक्तिगत मेडली का जूनियर राष्ट्रीय रिकार्ड भी नील रॉय के नाम है। उन्होंने प्रतिस्पर्धा के पहले दिन 100 मीटर बटरफ्लाई प्रतिस्पर्धा में रजत पदक जीता था। वे अगले क्वालीफायर और महाराष्ट्र के दल साथी वेदान्त बापना से लगभग 9 सैकेंड आगे थे। वेदान्त बापना पीठ की समस्या से जूझ रहे हैं।
लड़कों की 400 मीटर व्यक्तिगत मेडली में राष्ट्रीय रिकार्ड बनाने वाले मध्य प्रदेश के अद्वैत पागे ने अपने पंसदीदा इवेंट में सबसे तेज क्वालीफाइंग समय निकाला और वे साय कालीन सत्र में तगड़ी टक्कर देने की ओर अग्रसर हैं।
कर्नाटक की राष्ट्रीय रिकार्ड-होल्डर सलोनी दलाल ने पहले दिन स्वर्ण पदक जीता था। लड़कियों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक प्रतिस्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के बाद दूसरे पदक की तलाश में हैं, परंतु अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी आलिया सिंह से स्वर्ण पदक के लिए उन्हें कड़ी टक्कर मिलने वाली है।
लड़कियों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक की खुशी दिनेश ने दिल्ली की आस्था चौधरी को हीट प्रतियोगिता में कड़ी टक्कर दी और फाइनल मुकाबले की राह खोली।
(●) जीना, शाहू माने को 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक
डॉ• कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित प्रथम खेलों इंडिया गेम्स में लड़कियों की दस मीटर एयर राइफल स्पर्धा में जीना खित्ता (डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चंडीगढ़), नंदिता सूल ((बीआर घोलप कॉलेज, पुणे) तथा याना राठौर (एमरल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल, इंदौर)) को क्रमश: पदक प्राप्त करने में सफलता मिली।
लड़कों के वर्ग में साहू माने (सेंट जेवियर हाई स्कल कोल्हापुर), ऋतिक रमेश (केन्द्रीय विद्यालय अशोक नगर चेन्नई) तथा पार्थ मखीजा (मानवस्थली स्कूल नई दिल्ली) को अंतिम राउंड के बाद पदक सम्मान प्राप्त हुआ।
लड़कियों के बाहर होने के फाइनल राउंड में जीना ने पांच निशाने (53.3) लगाए और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। नंदिता सूल (51.6) ने उनका पीछा करने की कोशिश की। 14 निशानों, जिसमें कुछ लगभग सटीक 10.8 शामिल हैं, के बाद जीना ने 1.9 अंकों के अंतर से स्वर्ण पदक झटक लिया। इस स्वर्ण पदक से सिडनी में मार्च में होने वाले आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप के लिए उनका मनोबल मजबूत होगा।
दो सैट के पांच-पांच निशानों के बाद याना तथा भागर्वी डी कसार (राम नारायण रूइया जूनियर कॉलेज मुंबई) के बीच अच्छा मुकाबला हुआ। मध्य प्रदेश की अकेली निशानेबाज 0.3 अंकों से पीछे थी, लेकिन 13वें, 14वें और 15वें निशाने में याना ने पासा पलट दिया और 0.8 अंकों की बढ़त बना ली। इस स्थिति में उन्होंने नंदिता के साथ 165.4 अंकों का टाई किया। फिर नंदिता ने अपने 17वें और 18वें निशाने में 10.4 और 10.8 अंक हासिल करके दूसरे स्थान पर पहुंच गईं।
पदक मिलने के बाद जीना ने कहा कि क्वालिफाइ करने के बाद मैंने पदक की आशा छोड़ दी थी, लेकिन कोच के साथ बातचीत से मेरी मनोदशा बेहतर हुई। इन खेलों में मध्य प्रदेश के लिए पहला पदक जीतने वाली याना को भी श्रेय दिया जाता है।
लड़कों की स्पर्धा भी काफी दिलचस्प थी। युवा श्रेणी में देश का नम्बर एक निशानेबाज माने जाने वाले हृदय हजारिका (साउथ क्वाईंट स्कूल गुवाहाटी) तथा यशवर्धन (जयश्री पेरीवाल हाई स्कूल, जयपुर) ने क्वालिफाइंग राउंड में क्रमश : 624.3 तथा 623.9 अंकों के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा, लेकिन पदक प्राप्त करने में सफल नहीं हो सके। दिसंबर, 2017 में आयोजित 61वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में कई पदक जीतने वाले दिव्यांश पवार भी दबाव में रहे।
बाहर होने के अंतिम राउंड में छठे स्थान (621.4) के लिए क्वालिफाइ करने वाले साहू माने ने पांच निशानों के पहले सैट में पदक पर नियंत्रण बना लिया। कोल्हापुर के इस निशानेबाज ने 247.7 अंकों के अंतिम राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी के लिए निरंतरता के साथ निशाने लगाए। साहू माने इस साल ब्यूनस आयर्स में होने वाले युवा ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाइ कर गए हैं।
माने ने पदक जीतने के बाद कहा कि मैं अपने क्वालिफाइंग स्कोर से निराश था। मैंने अपने कोच से गलतियों के बारे में बात की और इससे शांत होने में मदद मिली।
ऋतिक पार्थ तथा यशवर्धन में तिकोना मुकाबल हुआ। 18वें निशाने के बाद ऋतिक दूसरे स्थान पर पहुंच गए, लेकिन अगले दो निशानों में दिल्ली के निशानेबाज ने उन पर बढ़त बना ली। इस स्थिति में दोनों केवल .7 अंकों से अलग थे, लेकिन अगले दो निशानों में ऋतिक ने बढ़त बना ली और रजत पदक हथिया लिया।
• परिणाम
लड़के 10 मीटर एयर राइफल :
1. साहू माने (महाराष्ट्र) 247.7 राष्ट्रीय रिकॉर्ड बराबर किया (621.4),
2. ऋतिक रमेश (तमिलनाडु) 245.6 (621.8 पांचवां),
3. पार्थ मखीजा (दिल्ली) 225.0 (623 चौथा)।
लड़कियां 10 मीटर एयर राइफल :
1. जीना खित्त (चंडीगढ़) 251.6 (412.6 छठा);
2. नंदिता सूल (महाराष्ट्र) 249.3 (410.6 आठवां);
3. याना राठौर (मध्य प्रदेश) 227.2 (412.3 सातवां)।
(●) मणिपुर के लैशराम सायोन मेतेई ने कुश्ती में सबका ध्यान खिंचा
लैशराम सायोन मेतेई मणिपुर के पहले ऐसे पहलवान बन गए हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने आज के डी जाधव स्टेडियम में खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में लड़कों की 50 किलोग्राम ग्रीको-रोमन कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल में प्रवेश किया। मणिपुर ने कई मुक्केबाजों, फुटबाल खिलाड़ियों और भारोत्तोलकों को पैदा किया है तथा लैशराम सायोन मेतेई पहले पहलवान हैं।
सायोन ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदर्शन किया है। उन्होंने 2016 में एशियाई और विश्व कैडेट चैम्पियनशिप के दौरान 46 किलोग्राम ग्रीको-रोमन कुश्ती प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने 2013 में कुश्ती शुरू की और एक साल के भीतर 2014 एसजेएफआई प्रतिस्पर्धा में 46 किलो वर्ग में रजत पदक जीता। अब वे खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में 56 किलोग्राम वर्ग के ग्रीको-रोमन फाइनल में पहुंच गए हैं। उनका मुकाबला हरियाणा के प्रदीप विनोद के साथ होने की संभावना है।
सायोन के कोच एम मुहिन्द्रो सिंह हैं, जिनका कहना है कि सायोन ने ग्रीको-रोमन शैली की कुश्ती में बहुत जल्द महारत हासिल कर ली है। मुहिन्द्रो सिंह ने बताया कि मणिपुर में कुश्ती को ‘मुकना’ कहा जाता है। इसे बहुत प्रतिष्ठित माना जाता है, जिसमें पुरुष अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हैं।
भारत में कुश्ती हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों में बहुत लोकप्रिय है, लेकिन अब मणिपुर का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है।
(●) महाराष्ट्र की आदिवासी बालिका ताई बम्हाने खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में बालिकाओं की 800 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में स्वर्ण जीता
आज जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम की गैलरी में मौजूद कोच विजेंदर सिंह के चेहरे पर उस समय आत्मविश्वास और हल्की घबराहट दोनों के मिले-जुले भाव थे जिस समय खेलो इंडिया स्कूल खेलों की एथलेटिक प्रतियोगिताओं की शुरुआत में बालिकाओं की 800 मीटर दौड़ प्रतियोगिता को देखने के लिये वे खड़े थे। जब तक दौड़ पूरी नहीं हो गयी तब तक उन्होंने किसी से कोई बात नहीं की।
छोटे कद की उनकी शिष्या ताई बम्हाने केरल की दो खिलाड़ियों प्रिसिला डैनिएल और सांड्रा ए• एस से मुकाबला कर रही थी। और एक दूरी से वह केवल उसकी शारीरिक भाव-भंगिमा को ही देख सकते थे जब वह ट्रैक पर उतर रही थी। उनको चिंता करने की जरूरत नहीं थी क्योंकि ताई बम्हाने ने जो कि पश्चिम महाराष्ट्र के वर्ली जनजातीय समुदाय से आती है, दो चक्रों वाली प्रतियोगिता को एक अनुभवी धावक के आत्मविश्वास और निर्भीकता से पूरा किया।
मराठी माध्यम की नाशिक की विद्याप्रबोधिनी प्रशाला की 15 वर्षीय की यह छात्रा अपने उन दोनों प्रतिद्वंदियों से आगे ही बनी रही जिन्होंने गुरुवार को हुये सेमी-फायनल में उससे पहले दौड़ पूरी की थी और उसने 2:13.37 सेकेण्ड में दौड़ पूरी कर ली। जैसे ही ताई ने स्वर्ण जीता, विजेंदर सिंह के चेहरे पर मुस्कान छा गयी। जो योजना उन्होंने बनायी थी वो दोबारा सफल रही।
पिछले डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से विजेंदर सिंह पिछड़े इलाकों से नयी प्रतिभाओं को खोज रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित कर उनका मार्ग निर्देशन कर रहे हैं। वे कई एथलीटों के मार्ग निर्देशक रहे हैं जिसमें मैराथन में भाग लेने वाली कविता राउत, लंबी दूरी की धावक संजीवनी जाधव, रंजीत पटेल, किशन तड़वी और कई अन्य शामिल हैं। वे शांति से जमीनी स्तर पर काम कर चैंपियन पैदा करते रहे हैं।
उन्होंने कहा, "नाशिक का साल भर का मौसम और इसका समुद्र स्तर से 700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित होना मध्यम एवं लंबी दूरी के धावकों की मदद करता है। ये भी सच है कि इन लड़कियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि जिसमें 20-30 लीटर पानी को सिर पर 15 किलोमीटर तक ढोना भी शामिल होता है और जिसकी वजह से इन लड़कियों को शक्तिशाली एथलीट बनने में मदद मिलती है।"
(●) पंजाब, हरियाणा की बालिकाओं का खेलो भारत हॉकी में विजय अभियान जारी
शुक्रवार को मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में खेलो इंडिया स्कूल गेम्स के अन्तर्गत आयोजित बालिका हॉकी प्रतियोगिता में पंजाब एवं हरियाणा ने अपने प्रतिद्वंदी को परास्त करके अपने लिये दूसरी लगातार विजय दर्ज की है।
पूल-बी में पंजाब ने ओड़िशा को 7-2 से हराया, जबकि पूल-ए में हरियाणा ने यूपी को 3-0 से परास्त किया। दिन में खेले गये दूसरे मैच में झारखण्ड ने छत्तीसगढ़ को 12-0 से और चंडीगढ़ ने दिल्ली को 4-1 से हराया।
हरियाणा ने, जो कि पहले ही शुरुआती खेल में झारखण्ड को 4-2 से हरा चुका था, एक योजना के तहत खेल खेला और उत्तर प्रदेश को परास्त किया। पहले दौर के खेल में कोई गोल करने में कामयाब नहीं होने के बाद हरियाणा ने खेल के 45वें मिनट में अनु की वजह से बढ़त बना ली। खेल के 60वें मिनट में ज्योति ने इसे 2-0 कर दिया और 5 मिनट बाद शर्मिला ने 3-0 कर के 3-0 का स्कोर हासिल कर लिया।
पंजाब को ओड़िशा से बहुत ही कम मुकाबले का सामना करना पड़ा और पहले ही दौर में उसने 3-0 की बढ़त ले ली। दूसरे दौर में उन्होंने 4 और गोल दागे लेकिन दो गोल उनके ऊपर भी किये गये। पंजाब की सिमरनजीत ने 3, बलजीत ने 2 और अमनदीप और मिताली ने एक-एक गोल दागे। परास्त टीम के लिये अतेन टोपनो ने दोनों गोल किये। इससे पहले शुरुआती मुकाबले में पंजाब ने चंडीगढ़ को 3-0 से परास्त किया था।
पूल-ए के दूसरे मैच में झारखण्ड ने छत्तीसगढ़ को हराकर पहली जीत दर्ज की।
आधे खेल तक झारखण्ड ने 5-0 की बढ़त ले ली थी, ब्यूटी डुंग डुंग ने चार गोलों के हमले का नेतृत्व किया जबकि प्रिया डुंग डुंग ने तीन गोल किये। रजनी करकेट्टा, रोपनी कुमारी ने दो-दो और अंजना डुंग डुंग ने एक गोल किया।
छत्तीसगढ़ के लिये यह उनकी दूसरी सीधी हार थी, इससे पहले शुरुआती खेल में वे उत्तर प्रदेश से 0-7 से हार चुके थे।
दिल्ली को भी दिन के आखिरी खेल में चंडीगढ़ के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा जो कि प्रतियोगिता में दिल्ली की दूसरी हार है।
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