---हरिओम पाण्डेय, सिंगरौली, 02 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) यह कार्यभार संभालने से पहले एनटीपीसी में क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (कोल माइनिंग) के पद पर थे कार्य
पी• एम• प्रसाद ने एनसीएल के निदेशक (तकनीकी) का कार्यभार गुरुवार 01 फरवरी को संभाला। ओपनकास्ट एवं अंडरग्राउंड कोल माइनिंग के क्षेत्र में 33 वर्षों का अनुभव रखने वाले श्री प्रसाद यह कार्यभार संभालने से पहले नैशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) में क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (कोल माइनिंग) के पद पर कार्य करते हुए एनटीपीसी के कोल माइनिंग डिविजन को हेड कर रहे थे।
आंध्र प्रदेश के ओस्मानिया विश्वविद्यालय से वर्ष 1984 के माइनिंग इंजीनियरिंग ग्रेजुएट श्री प्रसाद ने इसी वर्ष अप्रैल में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) में बतौर माइनिंग इंजीनियर अपनी सेवाएं शुरू की तथा सीआईएल में अपनी सेवाएं देते हुए उन्होंने वर्ष 1991 में इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (आईएसएम) धनबाद से ओपन कास्ट माइनिंग में एम•टेक• की डिग्री हासिल की। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) एवं महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) में एक तेजतर्रार माइनिंग इंजीनियर के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए उन्होंने अपनी पदस्थापना की परियोजनाओं में सुरक्षा (सेफ्टी) से जुड़े पहलुओं का विशेष ख्याल रखते हुए उत्पादन एवं उत्पादकता से जुड़ी सभी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया। मिसाल के तौर पर, एमसीएल के लिंगराज एरिया में बतौर महाप्रबंधक उन्होंने कन्हिया ओपन कास्ट कोल प्रोजेक्ट को शुरू कराया। एमसीएल के ही हिंगुला ओपन कास्ट एरिया में उन्होंने एक नाले को डायवर्ट कराया और उनकी इस सक्षम पहल से कंपनी के फंसे हुए 26 मिलियन टन कोयला रिजर्व से कोयला निकाले जाने का रास्ता साफ हुआ।
श्री प्रसाद ने मई 2015 में एनटीपीसी में बतौर इग्जेक्यूटिव डायरेक्टर (कोल माइनिंग) अपनी सेवाओं की शुरुआत करते हुए कंपनी के कोल माइनिंग डिविजन का नेतृत्व संभाला। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती एनटीपीसी की कोयला परियोजनाओं में कोयला उत्पादन शुरू कराए जाने की थी। खासकर झारखंड के पकड़ीबड़वाडीह में एनटीपीसी को प्रथम आवंटित कोयला खदान की, जिसमें विस्थापन सहित कई मुद्दों पर आ रही समस्या की वजह से कोयला उत्पादन शुरू नहीं हो पा रहा था। उन्होंने अपनी अद्भुत प्रबंधकीय क्षमताओं से झारखंड के हजारीबाग स्थित पकड़ीबड़वाडीह कोयला खदान में सुचारू रूप से कोयला उत्पादन शुरू कराया। उनकी इस पहल एवं नेतृत्व कौशल से आवंटन के लगभग 12 वर्षों के पश्चात एनटीपीसी के इस प्रथम कोयला खदान में कोयले का उत्पादन शुरू हो पाया। फरवरी 2017 में इस कोयला खदान से पहले कोल रेक के डिस्पैच का शुभारंभ झारखंड के मुख्यमंत्री के कर कमलों द्वारा हुआ।
देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली और कोयला मंत्री पीयूष गोयल भी इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने। एनटीपीसी की अन्य कोयला परियोजनाओं के संचालन को सुचारू रूप से आगे बढ़ाए जाने में बतौर टीम लीडर श्री प्रसाद की भूमिका सराहनीय रही।
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