संगीत नाटक अकादमी अध्‍येतावृत्तियां और पुरस्‍कार



नई दिल्ली, 16 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●) राष्ट्रपति 17 जनवरी 2018 को 2016 के लिए संगीत नाटक अकादमी अध्‍येतावृत्तियां और पुरस्‍कार प्रदान करेंगे

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद 17 जनवरी को नई दिल्‍ली के राष्‍ट्रपति भवन में आयोजित किए जाने वाले एक समारोह में संगीतकारों, नर्तकों एवं थियेटर कलाकारों के एक विशिष्‍ट समूह को 2016 के लिए संगीत नाटक अकादमी अध्‍येतावृत्तियां और संगीत नाटक अकादमी पुरस्‍कार प्रदान करेंगे। इस वर्ष प्रदर्शन कलाओं के विख्‍यात कलाकारों एवं विद्वानों को अकादमी की अध्‍येतावृत्तियां प्रदान की जाएंगी और 43 कलाकार अकादमी का पुरस्‍कार प्राप्‍त करेंगे।

संगीत नाटक अकादमी अध्‍येतावृत्तियां (अकादमी रत्‍न) एवं संगीत नाटक अकादमी पुरस्‍कार (अकादमी पुरस्‍कार) राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार हैं जो प्रदर्शन कलाकारों तथा प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों एवं विद्वानों को प्रदान किए जाते हैं। पुरस्‍कृतों का चयन अकादमी की आम परिषद द्वारा किया जाता है जिनमें इन विधाओं के संगीतकार, नर्तक, थियेटर कलाकार और विद्वान तथा भारत सरकार और राज्‍यों एवं संघ शासित प्रदेशों के नामांकित व्‍यक्ति शामिल होते हैं।

इस वर्ष चार अध्‍येतावृत्तियां (अकादमी रत्‍न) अरविंद पारिख, आर• वेड्डावली, रामगोपाल बजाज और सुनील कोठारी को प्रदान की जाएंगी। अध्‍येतावृत्ति में तीन लाख रुपये, एक अंग वस्‍त्रम और एक ताम्र पत्र शामिल हैं। 2016 के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्‍कार से सम्‍मानित होने वाले कलाकार एक लाख रुपये, एक अंग वस्‍त्रम और ताम्र पत्र प्राप्‍त करेंगे।

संगीत के क्षेत्र में, इस वर्ष सात विख्‍यात कलाकारों ने अकादमी पुरस्‍कार प्राप्‍त किए हैं जिनमें शामिल हैं : पदमा तलवालकर एवं प्रभाकर करेकर, हिन्‍दुस्‍तानी गायन संगीत, अरविंद मलगांवकर, हिन्‍दुस्‍तानी वादन संगीत –तबला, कला रामनाथ, हिन्‍दुस्‍तानी वादन संगीत – वायलिन, नीला रामगोपाल एवं के• ओमनाकुट्टी, कर्नाटक गायन संगीत, जे• वैद्यनाथन, कर्नाटक वादन संगीत- मृदंगम, मैसूर एम• मंजूनाथ, कनार्टक वादन संगीत-वायलिन, निंगथोजम श्‍यामचंद सिंह, संगीत की अन्‍य बड़ी परंपराएं – नाटा संकीर्तन, मणिपुर, रत्‍नमाला प्रकाश, संगीत की अन्‍य बड़ी परंपराएं – सुगम संगीत, अहमद हुसैन एवं मोहम्‍मद हुसैन, संगीत की अन्‍य बड़ी परंपराएं – सुगम संगीत (हुसैन बंधु) (संयुक्‍त पुरस्‍कार)।

नृत्‍य के क्षेत्र में, इस वर्ष नौ विख्‍यात कलाकारों ने अकादमी पुरस्‍कार प्राप्‍त किए हैं जिनमें शामिल हैं : भरतनाट्यम के लिए गीता चंद्रन, कत्‍थक के लिए जितेन्‍द्र महाराज, कत्‍थकलि के लिए कलामंडलम रामचंद्रन उन्‍नीथन, मणिपुरी के लिए मैसनाम कामिनीकुमार सिंह, कुचीपुडी के लिए ए•बी• बाला कोंडला राव, ओडिशी के लिए रतिकांत महापात्रा, सत्‍तरीय के लिए हरिचरण भुईयां बोरबायन, छऊ के लिए गोपाल प्रसाद दुबे, समसामयिक नृत्‍य के लिए अनिता आर• रत्‍नम।

थियेटर के क्षेत्र में इस वर्ष नौ विख्‍यात कलाकारों ने अकादमी पुरस्‍कार प्राप्‍त किए हैं जिनमें शामिल हैं : नाटक लेखन के लिए कुसुम कुमार, निर्देशन के लिए सत्‍यब्रत राउत, निर्देशन के लिए वि‍पिन कुमार, निर्देशन के लिए राजकमल नाइक, अभिनय के लिए गिरिसन वी, अभिनय के लिए ओईनाम बीरामंगोल सिंह, अभिनय के लिए मोहन जोशी, संबद्ध थियेटर कलाओं – थियेटर के लिए संगीत के लिए अंजना पुरी, थियेटर की अन्‍य बड़ी परंपराओं – यक्षगण के लिए के• गोविंद भट्ट।

पारंपरिक/ लोक/ जनजा‍तीय संगीत/नृत्‍य/थियेटर एवं कठपुतली कला के क्षेत्र में इस वर्ष 10 कलाकारों ने अकादमी पुरस्‍कार प्राप्‍त किए हैं जिनमें शामिल हैं : अन्‍नाबटुल्‍ला लक्ष्‍मी मंगतायारु एवं लीला शाही संयुक्‍त पुरस्‍कार पारंपरिक थियेटर (कलावंतुलु) आंध्र प्रदेश, योगेश गाधवी, लोक संगीत, गुजरात, विद्यानंद सारयिक, लोक संगीत, हिमाचल प्रदेश, सोमनाथ डी• चारी, पारंपरिक संगीत, गोवा, लक्ष्‍मीधर राऊत, पाला, ओडिशा, चिरंजीलाल तंवर, मांड , राजस्‍थान गुलजार अहमद गन्‍नी, लोकसंगीत (चकरी), जम्‍मू एवं कश्‍मीर, ब्रजकिशोर दुबे, लोक संगीत, बिहार, प्रभीतांगसु दास एवं दत्‍तात्रेय अलारीकट्टे को कठपुतली कला के लिए।

पप्‍पु वेणुगोपाल राव एवं अविनाश प‍शरिचा को प्रदर्शन कलाओं में उनके समग्र योगदान के लिए अकादमी पुरस्‍कार प्रदान किया गया।

2016 के लिए अध्‍येतावृत्तियां अकादमी पुरस्‍कार समारोह के बाद संगीत, नृत्‍य एवं नाटक का एक त्‍योहार 18 से 21 जनवरी 2018 तक निर्धारित है जिसमें वर्ष के अध्‍येतावृत्ति एवं पुरस्‍कार विजेयता शामिल होंगे। ये समारोह 18 जनवरी 2018 से मेघदूत थियेटर कंप्‍लेक्‍स, कॉपरनिकस मार्ग एवं मावलंकर हॉल, रफी मार्ग पर आयोजित किए जाएंगे।

संगीत नाटक अकादमी की स्‍थापना भारत सरकार द्वारा 1953 में भारत के संगीत, नृत्‍य एवं नाटक के राष्‍ट्रीय अकादमी के रूप में की गई थी।

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