जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुरुग्राम की पहल पर एफआईआर दर्ज



गुरुग्राम। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डी०एल०एस०ए०) गुरुग्राम की सचिव न्यायधीश सुरुचि अटरिजा सिंह सहित अवलोकन कमेटी में परिवीक्षा अधिकारी निशा सैनी, पैनल एडवोकेट अरुण शोकीन द्वारा गत 4 जुलाई को उज्जवल निकेतन का अचानक दौरा किया गया जिसमें अनियमित व अस्थिर स्थिति देखी गयी। ज्ञात हो गुरुग्राम सैक्टर-4 स्थित उज्जवल निकेतन की देख-रेख सिस्टर लिली के जिम्मे है। डी०एल०एस०ए०, गुरुग्राम के अचानक दौरे के दौरान दो नाबालिकों द्वारा प्राप्त जानकारी से अनियमित व अस्थिर स्थिति का पता चला जिस पर शिकायत दर्ज की गयी। उनमें से एक बच्चे ने बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा उसे यहाँ लाया गया था। सिस्टर लिली उससे अपने छोटे-मोटे निजी कार्य करवाया करती थी व अपने साथ साथ बहुत सारे स्थानो पर भी ले गयी। डी०एल०एस०ए०, गुरुग्राम द्वारा एकत्रित जानकारी से मालूम चला कि इस बच्चे से संबन्धित कोई भी विवरण संस्था के अभिलेख में नहीं पाया गया और न ही बच्चे से संबन्धित कोई भी जानकारी शिशु कल्याण संस्था को भेजा गया। वहीं बच्चे ने भी बताया कि उसकी पहचान भी बदल दी गई थी।
एक अन्य बच्चे ने बताया कि सिस्टर लिली उसे व अन्य बच्चों को अपने साथ कई मौकों पर गोवा ले गयी थी, उनसे क्रूरतापूर्ण व्यवहार करती। कुछ बच्चों के नाम भी सामने आए जिन्हे गोद लेने के लिए भी दिये गये। सिस्टर लिली द्वारा गोद लेने के नियमों का भी कई जगह उल्लंघन किया गया है।
डी०एल०एस०ए०, गुरुग्राम की सचिव न्यायधीश सुरुचि अटरिजा सिंह द्वारा पुलिस को इसकी जानकारी दी गयी जिसके तुरन्त बाद पुलिस हरकत में आई और सिस्टर लिली के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 के नियमों का उल्लंघन करने के तहत कानूनी कार्यवाही की गयी। साथ साथ गोद लेने के नियमों का उल्लंघन के आरोप में भी केस दर्ज किया गया।

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