राजस्थान में 18वें अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन का उद्घाटन



08 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●) अनंत कुमार ने उदयपुर, राजस्थान में 18वें अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन का उद्घाटन किया

(●) व्हिप सम्मेलन इन दो इंद्रधनुषों की तरह है- विभिन्न राजनीतिक दलों का इंद्रधनुष और विभिन्न राज्यों का इंद्रधनुष : अनंत कुमार

(●) विधानमंडलों में चर्चाएं शिष्ट और मैत्रीपूर्ण हों, इनका उद्देश्य लोगों के जीवन में बदलाव लाना होना चाहिए : वसुंधरा राजे सिंधिया

केंद्रीय संसदीय कार्य तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने राजस्थान के उदयपुर में 18वें अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन का उद्घाटन किया। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन सत्र की अध्‍यक्षता की। इस दो दिवसीय सम्मेलन में 19 राज्यों और केंद्र के करीब 90 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का समापन 9 जनवरी 2018 को होगा।

अनंत कुमार ने अपने उद्घाटन भाषण में बताया कि व्हिप का कार्य न सिर्फ विधायिका में दल के सदस्यों पर नजर रखना है, बल्कि उन्हें संयमित बनाना और प्रोत्साहित करना भी है। उन्होंने व्हिप सम्मेलन की तुलना दो इंद्रधनुषों से की। श्री कुमार नें एक इंद्रधनुष विभिन्न राजनीतिक पार्टियों को और दूसरा इंद्रधनुष विभिन्न राज्यों को बताया। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र का सबसे बेहतर रूप है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का समग्र उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र और इसके संस्थानों को सुदृढ़ करना तथा नगारिकों की सेवा करना है।

वसुंधरा राजे सिंधिया ने सभी प्रतिनिधियों का झीलों की नगरी उदयपुर में स्वागत किया और प्रतिष्ठित सम्मेलन की मेजबानी मिलने के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि विधानमंडलों में चर्चाएं शिष्ट और मैत्रीपूर्ण होनी चाहिए, इनका उद्देश्य लोगों के जीवन में बदलाव लाना होना चाहिए।

इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक “नया भारत- हम बनाने का संकल्प लेते हैं” जारी की गई। इसमे देशभर के 39 स्थानों में आयोजित प्रदर्शनियों को दर्शाया गया है। इन प्रदर्शनियों में 1857 से 1947 के बीच ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता हासिल करने के लिए चले भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को दिखाया गया है। नए भारत के लिए अनोखे अवसर 2017 से 2022 पांच वर्षीय संकल्प से सिद्धि विषय पर भी एक कॉफी टेबल बुक वसुंधरा राजे ने जारी की।

दिन के दौरान दो सत्रों का आयोजन होगा। पहले सत्र में पिछले दो सम्मेलनों की सिफारिशों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा हुई कार्रवाई पर चर्चा होगी। दूसरे सत्र में विधानमंडलों के सुचारू कामकाज पर विचार विमर्श होगा। अंतिम दिन प्रतिनिधि राज्य विधानमंडलों के कामकाज को डिजिटल और कागजरहित बनाने के लिए विचार विमर्श करेंगे ताकि ई-विधान को लागू किया जा सके।

इस अवसर पर संसदीय कार्य और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री विजय गोयल, संसदीय कार्य और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा लोकसभा में भाजपा के प्रमुख सचेतक राकेश सिंह, राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया और संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

यह सम्मेलन कई राजनीतिक दलों के सचेतक (व्हिप) को आपस में विचार और अनुभव साझा करने तथा संसदीय कामकाज के दौरान आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करने का मंच प्रदान करता है और संसदीय कामकाज को बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है।

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