--अभिजीत पाण्डेय
पटना - बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज।
बिहार विधान सभा संग्रहालय को ज्ञान, शोध एवं जन-जागरूकता के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इस संग्रहालय में बिहार विधान सभा की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को प्रदर्शित किया जायेगा। बिहार विधान सभा संग्रहालय राज्य की लोकतांत्रिक यात्रा, विधायी परंपराओं और संसदीय विरासत का महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा। संग्रहालय को आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल माध्यमों से समृद्ध करते हुए ऐसा स्वरूप दिया जायेगा, जिससे आमजन, विद्यार्थी, शोधार्थी एवं देश-विदेश से आने वाले आगंतुक बिहार की लोकतांत्रिक यात्रा और विधायी इतिहास से परिचित हो सकें। बिहार विधान सभा की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ संग्रहालय को ज्ञान, शोध एवं जन-जागरूकता के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा।
इस संबंध मे बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच शिष्टाचार मुलाकात हुई। इस दौरान बिहार विधान सभा संग्रहालय एवं जनप्रतिनिधियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक एवं रचनात्मक विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने संग्रहालय तथा अन्य विषयों के संबंध में सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त करते हुए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय का आश्वासन दिया।
अध्यक्ष ने कहा कि विधान मंडल से जुड़े विषयों के प्रभावी समाधान एवं जनप्रतिनिधियों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए राज्य सरकार और बिहार विधान सभा के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
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