हावड़ा में 50 से बढ़कर 68 वार्ड, नगर सेवाओं को लेकर तृणमूल पर बरसीं अग्निमित्रा पॉल



हावड़ा/कोलकाता
पश्चिम बंगाल, इंडिया इनसाइड न्यूज।

हावड़ा नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। विधानसभा में ध्वनिमत से हावड़ा नगर निगम संशोधन विधेयक पारित हो गया है। नई व्यवस्था के तहत नगर निगम के वार्डों की संख्या 50 से बढ़कर 68 होगी। सरकार का कहना है कि बढ़ती आबादी और क्षेत्रों में हुए भौगोलिक बदलाव को ध्यान में रखते हुए वार्डों का पुनर्विन्यास किया गया है।

विधेयक पारित होने के दिन ही नगर सेवाओं की बदहाली को लेकर नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पूर्ववर्ती नगर बोर्ड पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हावड़ा में जलजमाव, निकासी व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और अवैध निर्माण को लेकर पिछली व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

अवैध निर्माण को लेकर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अनियोजित निर्माण के कारण शहर के नागरिक बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ा है। अवैध बहुमंजिला इमारतों का जिक्र करते हुए उन्होंने पूर्ववर्ती बोर्ड पर निशाना साधा और सवाल किया कि हावड़ा में बड़ी संख्या में अवैध इमारतें कैसे बन गईं और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।

बरसात के दौरान हावड़ा में जलजमाव की समस्या को लेकर भी मंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी बारिश में ही शहर के कई इलाकों में घुटने तक पानी जमा हो जाता है। नालों से प्लास्टिक कचरा मिलने का हवाला देते हुए उन्होंने जलजमाव को हावड़ा की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बताया।

नगर निगम के पुराने फैसलों पर भी सवाल उठाते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि बाली नगरपालिका को हावड़ा नगर निगम में शामिल करने और बाद में अलग करने के फैसले से कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और ठोस कचरा प्रबंधन समेत कई क्षेत्रों में जटिलताएं पैदा हुईं।

लंबे समय तक नगर निगम चुनाव नहीं होने को लेकर भी उन्होंने पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। मंत्री के अनुसार, चुनाव नहीं होने के कारण हावड़ा को 15वें वित्त आयोग से मिलने वाली करीब 200 करोड़ रुपये की राशि से वंचित होना पड़ा।

हालांकि, मंत्री ने केवल आरोप लगाने तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने हावड़ा की सड़क, निकासी व्यवस्था और पेयजल समस्या के समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना की जानकारी भी दी। सांकरेल में करीब 462 करोड़ रुपये की लागत से जल शोधन केंद्र बनाने का काम चल रहा है। सितंबर तक पानी लेने की आधारभूत व्यवस्था और मार्च तक जलापूर्ति व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा, झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए सरकारी-निजी भागीदारी के तहत बहुमंजिला आवास तैयार करने की योजना भी है। मंत्री ने बताया कि लॉटरी के माध्यम से पात्र लोगों को मुफ्त फ्लैट देने का प्रस्ताव भी है।

ऐसे में वार्डों की संख्या 50 से बढ़ाकर 68 करने के साथ हावड़ा की सड़क, जलनिकासी, पेयजल और नागरिक सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।

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