शिक्षा सुधार को लेकर टेक्नोलॉजिस्ट नंदन नीलकणि की अध्यता में बनी कमेटी



--राजीव रंजन नाग
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज।

शिक्षा परीक्षा प्रणाली में सरकार की विफलता को लेकर विपक्ष द्वारा सरकार को घेरने की तैयारी से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक वीडियो बयान में इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई लेवल विशेषज्ञ कमेटी बनाने की घोषणा की है। नीलकणि के अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स भारत की परीक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने के तरीकों पर विचार कर सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।

पीएम मोदी ने 'एक्स' पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा कि उस रिपोर्ट के आधार पर, "आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा।" उन्होंने कहा छात्रों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार कई कदम उठा रही है। जिन्होंने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे जेलों में सड़ रहे हैं। हमने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए हैं। कल संसद में भी, हम कड़े कानूनी प्रावधानों वाला नया कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"

प्रधानमंत्री की यह घोषणा परीक्षा पेपर लीक को लेकर हुए उस विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद आई है, जिसका नेतृत्व 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) ने किया था और जो केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हुआ।

"मोदी ने कहा- हमारी परीक्षा प्रणाली विश्वसनीय होनी चाहिए, हमारी परीक्षा प्रणाली पारदर्शी होनी चाहिए, और हमारी परीक्षा प्रणाली में अब तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल होना चाहिए। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, विश्व-प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई-पावर टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया गया है, जो परीक्षा सुधार पर ध्यान केंद्रित करेगी। जल्द से जल्द, इसकी रिपोर्ट के आधार पर आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा।,"

नीलेकणि के अलावा, टास्क फोर्स के सदस्यों में अलग-अलग क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स शामिल हैं। वे देश की परीक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने में मदद करेंगे, खासकर टेक्नोलॉजी के नज़रिए से और संरचनात्मक सुधारों के लिए। अन्य सदस्यों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ, इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के डायरेक्टर वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा शामिल हैं।

eGov फाउंडेशन के को-फाउंडर के तौर पर, नीलेकणि ने टेक्नोलॉजी के जरिए शहरी प्रशासन को बेहतर बनाने के संगठन के मिशन को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। वे ऐसे प्लेटफ़ॉर्म बनाने पर ध्यान देते हैं जो नागरिकों पर केंद्रित हों और शहरी स्थानीय निकायों को बेहतर सेवाएँ देने और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए ज़रूरी साधन उपलब्ध कराएँ। लीडरशिप भूमिकाओं में दो दशकों से ज़्यादा के अनुभव के साथ - जिसमें 'यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया' के संस्थापक चेयरमैन के तौर पर काम करना भी शामिल है। नीलेकणि बड़े पैमाने पर असर डालने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का गहरा अनुभव रखते हैं। उनके द्वारा सह-स्थापित एक और संस्था, 'एकस्टेप फ़ाउंडेशन', का मकसद एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए लाखों बच्चों की बुनियादी साक्षरता और अंक-ज्ञान को बेहतर बनाना है। नीलेकणि ने आईआईटी बॉम्बे से बैचलर डिग्री हासिल की है और उन्हें पद्म भूषण और जोसेफ़ शुम्पेटर प्राइज़ समेत कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

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