वाराणसी
उत्तर प्रदेश
इंडिया इनसाइड न्यूज।
■बड़े पिता के आरोपों को बताया निराधार, बोले- इलाज और कर्ज के लिए उन्होंने खुद बेची थी जमीन; निष्पक्ष जांच की मांग
वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के मोहनसराय में करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही जमीन के विवाद में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। जमीन हड़पने के आरोपों का सामना कर रहे विशाल मिश्रा और उनकी पत्नी पहली बार मीडिया के सामने आए। दोनों ने बड़े पिता और बड़ी मां द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
विशाल मिश्रा ने कहा कि उनके बड़े पिता ने इलाज और कर्ज का भुगतान करने के लिए स्वयं 5 बिस्वा जमीन बेचने का निर्णय लिया था। उनके अनुसार, सबसे पहले 5 बिस्वा जमीन नितेश राय के नाम रजिस्ट्री की गई और उसकी पूरी धनराशि बड़े पिता के बैंक खाते में जमा कराने के बाद ही बड़े पिता जी ने नितेश राय को रजिस्ट्री की। विशाल ने यह भी कहा कि उपरोक्त जमीन की रजिस्ट्री बड़े पिता जी ने स्वेच्छा से दिन में करीब 4 बजे की है। उसका साक्ष्य के तौर पर वीडियो भी उपलब्ध है।
विशाल का दावा है कि इसके बाद बड़े पिता ने अपनी शेष जमीन दान करने की इच्छा जताई, जिसके आधार पर उन्होंने जमीन दान कर दी। उन्होंने कहा कि बाद में आर्थिक तंगी के कारण उन्हें दान में मिली जमीन का एक हिस्सा बेचना पड़ा।
आरोपी के अनुसार, शेष जमीन भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह को बड़े पिता की जानकारी और सहमति से बेची गई। उनका कहना है कि सभी रजिस्ट्री और लेनदेन कानूनी प्रक्रिया के तहत हुए हैं और किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं किया गया।
विशाल मिश्रा और उनकी पत्नी ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
●क्या है मामला
इससे पहले विशाल मिश्रा के बड़े पिता और बड़ी मां ने आरोप लगाया था कि उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन धोखे से अपने नाम कराकर बेच दी गई। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। अब दोनों पक्षों के दावों के बीच पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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