हावड़ा: फर्जी निवेश कंपनी के तीन निदेशकों समेत छह गिरफ्तार



हावड़ा
पश्चिम बंगाल
इंडिया इनसाइड न्यूज।

■25 महीने में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी

25 महीने में निवेश की राशि दोगुनी करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में हावड़ा सिटी पुलिस की डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) ने एक फर्जी निवेश कंपनी के तीन निदेशकों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कंपनी के निदेशक सुजय कांजीलाल, उनकी मां नमिता कांजीलाल, पत्नी सुद्रिशा कांजीलाल तथा तीन कर्मचारी तनुश्री बंद्योपाध्याय, अनिर्बाण कुंडू और अभिषेक पाल शामिल हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बेलिलियस रोड निवासी एक शिकायतकर्ता द्वारा बाटरा थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी की जांच के दौरान इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया गया। आरोप है कि मई 2024 में आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों को 25 महीने के भीतर निवेश की राशि दोगुनी करने का प्रलोभन देकर कुल 13 लाख रुपये निवेश कराए। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए कुछ रकम वापस की गई, लेकिन बाद में भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया।

जांच में पुलिस को पता चला कि ब्लूमवेल्थ ब्रांड इक्विटी ब्रोकर प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी कथित तौर पर चिटफंड की तर्ज पर संचालित की जा रही थी। कंपनी ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में अधिक मुनाफे का लालच देकर आम लोगों से बड़ी मात्रा में धन एकत्र किया और बाद में कथित रूप से उसका गबन कर लिया।

पुलिस के अनुसार, कंपनी के खिलाफ हावड़ा के बाटरा, शिबपुर, चटर्जीहाट, बी-गार्डेन, पूर्व बर्धमान, मगरा तथा कोलकाता के हेयर स्ट्रीट सहित कई थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि अब तक की जांच में लगभग 16 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले के तथ्य सामने आए हैं। हावड़ा, पूर्व बर्धमान, कोलकाता सहित कई स्थानों से निवेशकों का पैसा जुटाया गया था।

जांच अधिकारी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर इस ठगी में शामिल अन्य लोगों, कंपनी के वित्तीय लेन-देन और ठगी के शिकार निवेशकों की वास्तविक संख्या का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इस संबंध में हावड़ा सिटी पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के डीसीपी राहुल मिश्रा ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता कर बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में इस धोखाधड़ी में कई अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

https://www.indiainside.org/post.php?id=10524